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महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम: एनसीपी विधायक दल की नेता चुनी गईं, शाम 5 बजे शपथ

महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम: एनसीपी विधायक दल की नेता चुनी गईं, शाम 5 बजे शपथ

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महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम: एनसीपी विधायक दल की नेता चुनी गईं, शाम 5 बजे शपथ

महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम: 31 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक पल दर्ज हुआ। अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का नेता चुना गया और आज शाम 5 बजे उन्होंने महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार है जब कोई महिला इस पद पर आसीन हुई हैं।

यह निर्णय 28 जनवरी को हुई विमान दुर्घटना में अजित पवार की दुखद मृत्यु के तीन दिन बाद आया है, जिसमें महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक उप मुख्यमंत्री रहे अजित पवार का निधन हो गया था।

महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम: एनसीपी विधायक दल की नेता चुनी गईं, शाम 5 बजे शपथ
महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम: एनसीपी विधायक दल की नेता चुनी गईं, शाम 5 बजे शपथ

विधायक दल की बैठक: सर्वसम्मति से हुआ चुनाव

एनसीपी ने किया फैसला

शनिवार दोपहर 2 बजे विधान भवन में एनसीपी विधायक दल की अहम बैठक हुई। इस बैठक में सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल ने पुष्टि की कि पार्टी में उनके नाम पर कोई विरोध नहीं है।

बैठक के मुख्य बिंदु:

  • एनसीपी नेता सुनील तातकरे, प्रफुल पटेल और छगन भुजबल की अहम भूमिका
  • सभी विधायकों ने सुनेत्रा पवार के नाम पर सहमति व्यक्त की
  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए अपना कार्यक्रम खाली रखा
  • शाम 5 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण का समय निर्धारित किया गया

मुख्यमंत्री फडणवीस का बयान

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि सुनेत्रा पवार को उप मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय एनसीपी का है और सरकार इस फैसले का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह से सहयोग करेगी।

शपथ ग्रहण समारोह: शाम 5 बजे राजभवन में

कार्यक्रम का विवरण

समय: शाम 5 बजे
स्थान: राज भवन, मुंबई
राज्यपाल: रमेश बैस द्वारा शपथ दिलाई जाएगी

शपथ ग्रहण समारोह में एनसीपी के सभी वरिष्ठ नेता, महायुति गठबंधन के नेता और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। यह समारोह महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू करेगा।

महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री: ऐतिहासिक क्षण

इतिहास रचा

सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उप मुख्यमंत्री बनीं, जो राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है। यह नियुक्ति महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ऐतिहासिक महत्व:

  • महाराष्ट्र के 60+ वर्षों के इतिहास में पहली बार महिला उप मुख्यमंत्री
  • राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक
  • पवार परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाली पहली महिला सदस्य

राजनीतिक प्रतिक्रिया

विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया दी:

शिवसेना नेता शाइना एनसी: “एक महिला उप मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें बधाई। यह महाराष्ट्र के लिए गर्व का क्षण है।”

आरजेडी नेता मनोज झा: “पार्टी नेताओं ने अजित पवार की विरासत को संरक्षित करने के लिए सुनेत्रा पवार को चुना होगा, उन्हें शुभकामनाएं।”

एनसीपी एमएलसी इद्रीस नायकवाड़ी: “सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उप मुख्यमंत्री होंगी। अजित पवार के बेटे पार्थ पवार को भी वैधानिक पद दिया जाना चाहिए।”

सुनेत्रा पवार: प्रोफाइल और राजनीतिक यात्रा

परिचय और पृष्ठभूमि

पूरा नाम: सुनेत्रा अजित पवार (जन्म नाम: सुनेत्रा पाटिल)
आयु: 62 वर्ष
विवाह: 1985 में अजित पवार से विवाह
वर्तमान पद: राज्यसभा सांसद (पहला कार्यकाल)

सुनेत्रा पवार, पद्मसिंह बाजीराव पाटिल की बेटी हैं, जो महाराष्ट्र में पूर्व मंत्री रहे हैं। राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद, सुनेत्रा ने अपनी पहचान शिक्षा और सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में बनाई है।

शैक्षणिक और सामाजिक योगदान

सुनेत्रा पवार ने शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है:

विद्या प्रतिष्ठान: वे विद्या प्रतिष्ठान की ट्रस्टी हैं, जो हजारों छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है। यह संस्थान बारामती और आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा का प्रमुख केंद्र है।

सामाजिक कार्य:

  • पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी
  • महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों में योगदान
  • ग्रामीण विकास परियोजनाओं में शामिल

राजनीतिक कैरियर

2024 लोकसभा चुनाव: सुनेत्रा पवार ने अजित पवार की चचेरी बहन सुप्रिया सुले के खिलाफ बारामती सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन असफल रहीं। यह उनका पहला चुनावी प्रयास था।

राज्यसभा सदस्यता: वर्तमान में राज्यसभा की सांसद हैं, यह उनका पहला संसदीय कार्यकाल है।

अजित पवार का दुखद निधन: विमान दुर्घटना

28 जनवरी की घटना

28 जनवरी को बारामती में एक निजी विमान दुर्घटना में अजित पवार का निधन हो गया। वे जिला परिषद और पंचायत चुनावों के प्रचार के लिए बारामती जा रहे थे।

महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम: एनसीपी विधायक दल की नेता चुनी गईं, शाम 5 बजे शपथ
महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम: एनसीपी विधायक दल की नेता चुनी गईं, शाम 5 बजे शपथ

दुर्घटना के विवरण:

  • VSR कंपनी द्वारा संचालित लियरजेट 45 विमान
  • सुबह लगभग 8 बजे मुंबई से उड़ान भरी
  • लैंडिंग के समय दुर्घटनाग्रस्त
  • विमान में सवार सभी 5 लोगों की मृत्यु

महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक उप मुख्यमंत्री

अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक उप मुख्यमंत्री रहे, जिन्होंने छह बार यह पद संभाला। उन्होंने विभिन्न सरकारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एनसीपी में उत्तराधिकार का संघर्ष

पार्टी नेतृत्व का निर्णय

अजित पवार की मृत्यु के बाद एनसीपी में नेतृत्व को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। वरिष्ठ नेताओं की बैठकों में यह तय किया गया कि पवार परिवार का कोई सदस्य इस नाजुक समय में पार्टी का नेतृत्व करे।

प्रमुख विचार:

  • पार्टी की स्थिरता बनाए रखना
  • अजित पवार की विरासत को संरक्षित करना
  • जनता की भावनाओं का सम्मान
  • राजनीतिक निरंतरता सुनिश्चित करना

वरिष्ठ नेताओं की भूमिका

एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार के नाम पर सहमति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई:

प्रफुल पटेल: राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका निर्णायक रही।

सुनील तातकरे: उन्होंने विधायक दल की बैठक का नेतृत्व किया।

छगन भुजबल: वरिष्ठ मंत्री के रूप में उन्होंने सुनेत्रा पवार के चुनाव की घोषणा की।

एनसीपी के दोनों गुटों में एकता की संभावना

शरद पवार और अजित पवार के बीच बातचीत

समाचार रिपोर्टों के अनुसार, अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार के साथ पुनर्मिलन की बातचीत शुरू की थी और चाहते थे कि यह समझौता 12 दिसंबर 2025 को शरद पवार के जन्मदिन तक औपचारिक हो जाए, लेकिन यह संभव नहीं हो सका।

पुनर्मिलन की योजना:

  • दोनों गुटों के नेताओं के बीच कई बैठकें
  • 5 फरवरी के जिला परिषद चुनाव के बाद घोषणा की योजना
  • अजित पवार इस एकता के लिए प्रतिबद्ध थे

एनसीपी (शरद पवार) का रुख

एनसीपी (शरद पवार) के प्रमुख ने स्पष्ट किया कि सुनेत्रा पवार को उप मुख्यमंत्री बनाने के बारे में उनसे परामर्श नहीं किया गया। हालांकि, विलय की अटकलों को उन्होंने खारिज कर दिया है।

शरद पवार का बयान: “सुनेत्रा पवार के उप मुख्यमंत्री बनने के बारे में कोई पुष्ट जानकारी नहीं है। ऐसा कोई भी निर्णय उनकी पार्टी द्वारा लिया जाएगा।”

विधानसभा चुनाव की आवश्यकता

संवैधानिक आवश्यकता

सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद, उन्हें छह महीने के भीतर महाराष्ट्र विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना होगा।

विकल्प:

  1. बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ना (अजित पवार की सीट)
  2. विधान परिषद के लिए चुनाव लड़ना

संभावना: सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार बारामती सीट से उपचुनाव लड़ने की संभावना है, जो पवार परिवार की पारंपरिक सीट है।

विभागों का आवंटन

सुनेत्रा पवार को मिलने वाले संभावित विभाग

अजित पवार के पास कई महत्वपूर्ण विभाग थे, जिनमें वित्त विभाग प्रमुख था। सुनेत्रा पवार को भी कुछ प्रमुख विभाग मिलने की संभावना है:

संभावित विभाग:

  • वित्त विभाग (अजित पवार का प्रमुख विभाग)
  • योजना विभाग
  • सहकारिता विभाग
  • महिला एवं बाल विकास (उनकी विशेषज्ञता को देखते हुए)

महायुति सरकार में समायोजन

महायुति गठबंधन में विभागों का पुनर्वितरण होने की संभावना है। भाजपा और शिवसेना के नेताओं के साथ समन्वय में यह निर्णय लिया जाएगा।

चुनौतियां और अवसर

सुनेत्रा पवार के सामने चुनौतियां

राजनीतिक अनुभव: हालांकि राज्यसभा सांसद हैं, लेकिन कार्यकारी शासन में सीमित अनुभव।

पार्टी एकता: दोनों एनसीपी गुटों के बीच सेतु बनाना एक बड़ी चुनौती होगी।

महायुति समन्वय: बीजेपी और शिवसेना के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करना।

लोकप्रियता: अजित पवार की छवि और लोकप्रियता को बनाए रखना।

उपलब्ध अवसर

महिला सशक्तिकरण: पहली महिला उप मुख्यमंत्री के रूप में महिला केंद्रित नीतियां लागू कर सकती हैं।

शिक्षा सुधार: विद्या प्रतिष्ठान के अनुभव का उपयोग करते हुए शिक्षा क्षेत्र में सुधार।

पवार विरासत: अजित पवार की विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाना।

पार्टी एकीकरण: एनसीपी के दोनों गुटों को फिर से एकजुट करने की संभावना।

महाराष्ट्र की राजनीति पर प्रभाव

तात्कालिक प्रभाव

सुनेत्रा पवार की नियुक्ति महाराष्ट्र की राजनीति में कई बदलाव ला सकती है:

सरकार में स्थिरता: महायुति गठबंधन में एनसीपी की निरंतरता सुनिश्चित होगी।

पवार परिवार का प्रभाव: बारामती में पवार परिवार की पकड़ मजबूत रहेगी।

महिला मतदाताओं में लोकप्रियता: पहली महिला उप मुख्यमंत्री के रूप में महिला मतदाताओं में लोकप्रियता बढ़ सकती है।

दीर्घकालिक प्रभाव

एनसीपी का भविष्य: सुनेत्रा पवार की सफलता पार्टी के भविष्य को प्रभावित करेगी।

महाराष्ट्र में महिला नेतृत्व: अन्य दलों को भी महिलाओं को प्रमुख पदों पर लाने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।

पारिवारिक राजनीति: राजनीतिक परिवारों में उत्तराधिकार के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट)

शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र अभी तक अजित पवार की मृत्यु के शोक से उबरा नहीं है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय एनसीपी का है और राष्ट्रीय नेताओं ने जो तय किया है, वह उनकी पसंद है।

कांग्रेस का रुख

कांग्रेस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन पार्टी के नेता स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

महाराष्ट्र की जनता की प्रतिक्रिया

सकारात्मक प्रतिक्रिया:

  • महिला सशक्तिकरण का समर्थन
  • पवार परिवार के प्रति सहानुभूति
  • राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद

आलोचनात्मक दृष्टिकोण:

  • पारिवारिक राजनीति की आलोचना
  • अनुभव की कमी पर सवाल
  • चुनावी जनादेश के बिना नियुक्ति पर संदेह

आगे का रास्ता

तत्काल प्राथमिकताएं

सुनेत्रा पवार के सामने तत्काल कुछ प्राथमिकताएं होंगी:

  1. विभागों को संभालना: आवंटित विभागों में कार्य शुरू करना
  2. टीम बनाना: अपनी कार्यकारी टीम का गठन
  3. जनता से जुड़ाव: बारामती और अन्य क्षेत्रों में जनता से संवाद
  4. विधानसभा चुनाव की तैयारी: बारामती से उपचुनाव के लिए तैयारी

मध्यम अवधि के लक्ष्य

पार्टी संगठन मजबूत करना: एनसीपी की संगठनात्मक संरचना को मजबूत करना।

विकास परियोजनाएं: अजित पवार की अधूरी परियोजनाओं को पूरा करना।

महिला कल्याण: महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू करना।

दीर्घकालिक दृष्टिकोण

एनसीपी एकीकरण: दोनों गुटों को एक करने की दिशा में काम करना।

राज्य विकास: महाराष्ट्र के समग्र विकास में योगदान।

राजनीतिक विरासत: अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना।

निष्कर्ष: नया अध्याय शुरू

सुनेत्रा पवार की महाराष्ट्र की पहली महिला उप मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्ति राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय है। यह नियुक्ति अजित पवार की अचानक मृत्यु के बाद एनसीपी में स्थिरता लाने का प्रयास है।

हालांकि उनके सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन उनके पास शिक्षा और सामाजिक कार्य का व्यापक अनुभव है। पवार परिवार की राजनीतिक विरासत और जनता का समर्थन उन्हें मजबूती प्रदान करेगा।

आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सुनेत्रा पवार किस तरह अपनी भूमिका निभाती हैं और महाराष्ट्र के विकास में क्या योगदान देती हैं। एक बात तय है – महाराष्ट्र की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक क्षण है जो राज्य में महिला नेतृत्व के लिए नई संभावनाएं खोलता है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: सुनेत्रा पवार कब उप मुख्यमंत्री बनीं? A: सुनेत्रा पवार ने 31 जनवरी 2026 को शाम 5 बजे महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

Q2: क्या सुनेत्रा पवार पहली महिला उप मुख्यमंत्री हैं? A: हां, सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उप मुख्यमंत्री हैं।

Q3: सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का नेता कैसे चुना गया? A: 31 जनवरी 2026 को हुई एनसीपी विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया।

Q4: क्या सुनेत्रा पवार को विधानसभा चुनाव लड़ना होगा? A: हां, संविधान के अनुसार उन्हें शपथ लेने के छह महीने के भीतर महाराष्ट्र विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना होगा। वे संभवतः बारामती सीट से उपचुनाव लड़ेंगी।

Q5: अजित पवार का निधन कैसे हुआ? A: 28 जनवरी 2026 को बारामती में एक विमान दुर्घटना में अजित पवार का निधन हो गया।

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