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शहडोल: अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन

शहडोल: अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन

शहडोल: अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन

शहडोल: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बुढार थाना क्षेत्र के ग्राम चंगेरा में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. इस कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से संचालित कोयला खदानों को बंद कराया गया और मौके से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली कोयला जब्त किया गया.

यह अभियान प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अवैध उत्खनन रोकने के विशेष अभियान का हिस्सा है. स्थानीय लोगों की शिकायतों के आधार पर टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. जांच के दौरान यह पाया गया कि क्षेत्र में दो पुरानी खदानों को फिर से चालू कर अवैध खनन किया जा रहा था.

शहडोल: अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन
शहडोल: अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन

खदानों को जेसीबी से किया गया बंद

जांच में अवैध गतिविधियां सामने आने के बाद अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीन की मदद से दोनों खदानों को बंद करा दिया. इसके साथ ही आसपास के जंगलों में बनाए गए छोटे-छोटे गड्ढों को भी भरवा दिया गया, जहां से कोयला निकाला जा रहा था.

अधिकारियों का कहना है कि पहले भी इस क्षेत्र में कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा दोबारा खनन शुरू कर दिया गया था. इस बार प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि अवैध खनन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, पुलिस की निगरानी में रखा गया

कार्रवाई के दौरान टीम ने लगभग एक ट्रैक्टर-ट्रॉली कोयला जब्त किया. जब्त किए गए कोयले को थाना बुढार की अभिरक्षा में रखवाया गया है. पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध खनन में कौन-कौन लोग शामिल हैं.

शिकायतकर्ता ने किया बड़ा खुलासा

मौके पर मौजूद शिकायतकर्ता ने टीम को जानकारी देते हुए बताया कि गांव के कुछ लोग बोरियों के माध्यम से कोयला निकालकर उसे आसपास के ईंट भट्टों में बेचते हैं. इस अवैध कारोबार से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा था, बल्कि पर्यावरण को भी भारी क्षति पहुंच रही थी.

शिकायतकर्ता के अनुसार, यह अवैध गतिविधि लंबे समय से चल रही थी, लेकिन अब प्रशासन की कार्रवाई से इस पर रोक लगने की उम्मीद है.

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी इस क्षेत्र में छापेमारी कर खदानों को बंद कराया गया था. निरीक्षण के दौरान पुरानी बंद कराई गई खदानें अभी भी बंद पाई गईं, लेकिन कुछ स्थानों पर दोबारा खनन शुरू होने की शिकायत सही साबित हुई.

इस बार प्रशासन ने और अधिक सख्ती दिखाते हुए सभी अवैध गतिविधियों को पूरी तरह खत्म करने का संकल्प लिया है.

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अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई

इस पूरे अभियान में खनिज निरीक्षक अभिषेक पटले और बुढार पुलिस की टीम मौके पर मौजूद रही. उनकी निगरानी में यह कार्रवाई पूरी की गई, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी अवैध गतिविधि जारी न रह सके.

खनिज अधिकारी राहुल शांडिल्य ने बताया कि जिले में अवैध खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी.

अवैध खनन से पर्यावरण और राजस्व को नुकसान

अवैध खनन न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है. जंगलों में अवैध रूप से खदानें खोदने से भूमि क्षरण होता है और प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता है. इसके अलावा सरकार को मिलने वाला राजस्व भी प्रभावित होता है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं.

प्रशासन का सख्त संदेश

इस कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.

निष्कर्ष

शहडोल जिले के ग्राम चंगेरा में की गई यह कार्रवाई अवैध खनन के खिलाफ एक बड़ा कदम है. प्रशासन की इस सख्ती से यह उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगेगी. साथ ही, यह कार्रवाई अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक उदाहरण बनेगी.

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