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Toggleमऊगंज: अवैध खनन बना मौत का कारण, मजदूरी मांगने गए युवक की मौत
मऊगंज: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के लोढ़ी गांव से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां अवैध खनन अब सिर्फ गैरकानूनी गतिविधि नहीं, बल्कि लोगों की जान लेने वाला खतरा बन चुका है. यहां एक युवक की मौत ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
बताया जा रहा है कि युवक अपने मेहनत के पैसे मांगने गया था, लेकिन वह वापस घर नहीं लौट सका. आरोप है कि पत्थर से लदे एक ट्रैक्टर ने उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना ने न केवल गांव बल्कि पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल बना दिया है.
मजदूरी मांगना पड़ा भारी
मृतक की पहचान राजभान साकेत के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, राजभान अपने काम के बदले मजदूरी लेने के लिए गया था. लेकिन वहां जो हुआ, उसने सबको झकझोर कर रख दिया.
मृतक के पिता तीरथ साकेत ने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई करता था और साथ ही मेहनत करके अपनी जरूरतें पूरी करता था. जिस दिन यह घटना हुई, वह सिर्फ अपना हक लेने गया था, लेकिन उसे मौत मिल गई.
ट्रैक्टर से कुचलकर मौत, मौके पर ही तोड़ा दम
आरोप है कि पप्पू सिंह के ट्रैक्टर, जो पत्थरों से भरा हुआ था, ने राजभान को कुचल दिया. यह हादसा इतना भीषण था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में अवैध खनन लंबे समय से चल रहा है, और इस तरह के हादसे पहले भी हो चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
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पुलिस पर गंभीर आरोप
मामले ने उस वक्त और गंभीर रूप ले लिया जब मृतक के पिता ने पुलिस पर ही सबूतों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा दिया. तीरथ साकेत का कहना है कि जिस ट्रैक्टर से हादसा हुआ, उसे बदल दिया गया.
उनका आरोप है कि असली ट्रॉली को गायब कर दिया गया और उसकी जगह किसी दूसरे ट्रैक्टर को जब्त दिखाकर मामले को दबाने की कोशिश की गई. यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है.
न्याय के लिए दर-दर भटक रहा परिवार
घटना के बाद से मृतक का परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है. पिता का कहना है कि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है और वे लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं.
जब हनुमना थाने में उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो वे एसडीओपी के पास पहुंचे और अपनी फरियाद रखी. उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस मामले में एसडीओपी मऊगंज सचि पाठक से लेकर प्रभारी मंत्री लखन पटेल और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला तक का नाम सामने आ रहा है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है.
क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा—यह बड़ा सवाल बना हुआ है.
अवैध खनन: एक बड़ा संकट
मऊगंज और आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन लंबे समय से एक गंभीर समस्या बना हुआ है. यह न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि लोगों की जान के लिए भी खतरा बनता जा रहा है.
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे.
लोगों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों को सख्त सजा दी जाए.
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके.
निष्कर्ष
लोढ़ी गांव की यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी का बड़ा उदाहरण है. एक युवक की जान चली गई, और उसका परिवार न्याय के लिए भटक रहा है.
अब यह प्रशासन पर निर्भर करता है कि वह इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है. यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता का भरोसा सिस्टम से उठ सकता है.
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