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ToggleAI समिट में बवाल: यूथ कांग्रेस का हंगामा, BJP का राहुल पर वार
AI समिट में बवाल: AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के टी-शर्ट उतारकर प्रदर्शन से राजनीतिक माहौल गरमा गया. ‘मोदी इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ के नारों पर BJP ने राहुल गांधी पर साजिश का आरोप लगाया. जानिए पूरा विवाद और इसके राजनीतिक मायने.
यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, BJP का तीखा पलटवार
देश की राजधानी में आयोजित हाई-प्रोफाइल AI समिट उस वक्त विवादों में घिर गई जब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल के बाहर अचानक प्रदर्शन शुरू कर दिया. टी-शर्ट उतारकर किए गए इस विरोध ने न केवल मौके पर मौजूद लोगों को चौंकाया, बल्कि पूरे देश में राजनीतिक बहस छेड़ दी.
‘मोदी इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ के नारों के साथ किया गया यह प्रदर्शन कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया.
क्या हुआ समिट के बाहर?
AI समिट का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और डेटा पॉलिसी पर चर्चा करना था। देश-विदेश के विशेषज्ञ इसमें शामिल हुए थे.
इसी दौरान यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल के बाहर पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी. कुछ प्रदर्शनकारियों ने टी-शर्ट उतारकर विरोध जताया. सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया.
हालांकि, तब तक वीडियो रिकॉर्ड होकर सोशल मीडिया पर फैल चुका था.
यूथ कांग्रेस का आरोप
यूथ कांग्रेस का कहना है कि उनका विरोध लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत था. उनका आरोप है कि सरकार AI नीति और डेटा सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर पारदर्शिता नहीं बरत रही.
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि देश के युवाओं और आम नागरिकों को AI से जुड़ी नीतियों के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए. उनका कहना है कि यह विरोध किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि नीति को लेकर था.
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BJP का जवाब- “साजिश की गई”
घटना के तुरंत बाद BJP नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी. पार्टी ने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन पहले से प्लान किया गया था। BJP के मुताबिक इसकी रणनीति राहुल गांधी के घर पर तैयार की गई.
सत्तारूढ़ दल ने इसे “राजनीतिक स्टंट” करार देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम को इस तरह बाधित करना देश की छवि को नुकसान पहुंचाता है.
राजनीति और टेक्नोलॉजी का टकराव
AI अब केवल तकनीकी विषय नहीं रहा. यह रोजगार, डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और राष्ट्रीय रणनीति से जुड़ा मुद्दा बन चुका है.
AI समिट में हुआ यह विवाद दिखाता है कि टेक्नोलॉजी की नीतियां भी अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुकी हैं. विपक्ष सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार इसे विकास की दिशा में बड़ा कदम बता रही है.
सोशल मीडिया पर ट्रेंड
घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. कुछ लोगों ने इसे लोकतांत्रिक विरोध बताया, तो कुछ ने इसे कार्यक्रम की गरिमा के खिलाफ कदम कहा.
#AIबवाल और #YouthCongressProtest जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक समर्थकों के बीच तीखी बहस देखने को मिली.
सुरक्षा पर उठे सवाल
AI समिट जैसे हाई-प्रोफाइल आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होती है. ऐसे में प्रदर्शनकारियों के वहां तक पहुंचने पर सवाल उठ रहे हैं.
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा सकती है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.
आगे क्या?
यह विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा. विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों अपने-अपने रुख पर कायम हैं। संभावना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सार्वजनिक मंचों पर भी गूंज सकता है.
AI समिट का उद्देश्य तकनीकी भविष्य पर चर्चा करना था, लेकिन अब यह राजनीतिक टकराव का प्रतीक बन गया है.
निष्कर्ष
AI समिट में हुआ यह विरोध केवल एक घटना नहीं, बल्कि यह संकेत है कि तकनीक और राजनीति का रिश्ता और जटिल होता जा रहा है.
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या यह विवाद केवल बयानबाजी तक सीमित रहेगा या AI नीति पर गंभीर बहस की दिशा तय करेगा.
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