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Toggleबिहार विधानसभा चुनाव 2025: बिहार की सियासी रणभूमि तैयार | जन सुराज पार्टी ने बदले समीकरण
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: बिहार की राजनीति में इस बार मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। विधानसभा चुनाव 2025 के लिए रणभूमि तैयार है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के मैदान में उतरने से पारंपरिक समीकरण बदलते दिख रहे हैं।
चुनाव दो चरणों में होंगे — 6 और 11 नवंबर 2025, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। प्रदेश की 243 सीटों पर यह मुकाबला बिहार की सियासी दिशा तय करेगा।
जन सुराज पार्टी की एंट्री से बदली तस्वीर
जन सुराज पार्टी ने पहली सूची में 51 उम्मीदवारों के नाम जारी किए हैं। इस सूची में के. सी. सिन्हा (कुम्हरार सीट), वाई. वी. गिरी (वरिष्ठ वकील) और प्रीत किन्नर (ट्रांसजेंडर नेता) जैसे नाम शामिल हैं।
दिलचस्प यह है कि प्रशांत किशोर खुद उम्मीदवार नहीं हैं। पार्टी का कहना है कि वे 11 अक्टूबर को राघोपुर से प्रचार अभियान शुरू करेंगे, जो तेजस्वी यादव का गढ़ माना जाता है।
पार्टी ने सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए 16% मुस्लिम और 17% अति पिछड़े वर्ग (EBC) से उम्मीदवार दिए हैं। महिलाओं को भी विशेष स्थान दिया गया है।
गठबंधन राजनीति और नई चालें
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जन सुराज का किसी बड़े दल से फिलहाल गठबंधन नहीं है। हालांकि, कुछ सूत्र बताते हैं कि चिराग पासवान की LJP (RV) भविष्य में सहयोग की ओर बढ़ सकती है।
वहीं NDA गठबंधन में भी सीट बंटवारे पर मतभेद हैं। जद (यू) और बीजेपी के बीच तालमेल को लेकर खींचतान जारी है। चिराग पासवान ने 36 सीटों की मांग रखी है, जबकि बीजेपी ने सीमित पेशकश की है।
नीतीश कुमार की छवि ‘सुशासन बाबू’ के रूप में रही है, लेकिन इस बार उन्हें भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, और स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दों पर जवाब देना होगा।
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महागठबंधन की रणनीति
महागठबंधन (RJD + कांग्रेस + वाम दल) ने सीट शेयरिंग को लेकर वार्ता शुरू कर दी है। वाम दलों ने 35 सीटों की मांग रखी है। कांग्रेस दबाव में है, क्योंकि उसे अभी तक सीमित सीटें मिली हैं।
‘बोट चोरी’, ‘दलित अस्मिता’ और ‘न्याय’ जैसे मुद्दे इस बार विपक्ष का हथियार हैं। राहुल गांधी के हालिया बयान ने इस बहस को और तेज किया है।
संवेदनशील मुद्दा: मतदाता सूची सुधार (SIR)
इस चुनाव का एक बड़ा विवाद Special Intensive Revision (SIR) को लेकर है। कई सामाजिक संगठनों का दावा है कि मुस्लिम बहुल इलाकों से हजारों मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जहां चुनाव आयोग (ECI) को यह बताना होगा कि किन नामों को हटाया गया और क्यों। यह लोकतंत्र की पारदर्शिता और भरोसे की परीक्षा है।
सुरक्षा व्यवस्था और MCC लागू
मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) लागू होने के बाद, पटना पुलिस ने CAPF (Central Armed Police Forces) की मदद से सुरक्षा बढ़ा दी है।
SSP कार्तिकेय के. शर्मा के अनुसार:
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184 लोगों को extern किया गया है।
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32 चेकपोस्ट सीमाओं पर बनाए गए हैं।
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हर विधानसभा क्षेत्र में फ्लाइंग स्क्वाड और स्टैटिक टीमें तैनात हैं।
नदी घाटों पर गश्त, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और शराब तस्करी पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।
जाति समीकरण और तीसरे मोर्चे की चुनौती
बिहार की राजनीति हमेशा से जाति समीकरण, विकास, और रोज़गार के मुद्दों पर घूमती रही है। लेकिन इस बार जन सुराज पार्टी ने तीसरे मोर्चे के रूप में नई चुनौती खड़ी की है।
अगर यह पार्टी 25–50 सीटें भी जीतती है, तो NDA और महागठबंधन दोनों के समीकरण प्रभावित होंगे।
अगर असफल रही, तो यह सिर्फ एक एजेंडा पार्टी बनकर रह जाएगी।
निष्कर्ष (Conclusion)
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 सिर्फ सत्ता की जंग नहीं, बल्कि एक राजनीतिक प्रयोग भी है। जन सुराज पार्टी की एंट्री ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
अब देखना यह होगा कि जनता बदलाव चाहती है या पुराने समीकरणों पर भरोसा करती है। जवाब 14 नवंबर को आने वाला है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखें क्या हैं?
उत्तर: पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर 2025 को होगा। मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।
प्रश्न 2: जन सुराज पार्टी की अगुवाई कौन कर रहा है?
उत्तर: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) हैं, जो पहले चुनावी रणनीतिकार रह चुके हैं।
प्रश्न 3: क्या जन सुराज का किसी दल से गठबंधन है?
उत्तर: फिलहाल पार्टी ने किसी गठबंधन से दूरी बनाए रखी है, लेकिन भविष्य में स्थिति बदल सकती है।
प्रश्न 4: क्या इस बार चुनाव में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम हैं?
उत्तर: हाँ, CAPF और स्थानीय पुलिस की संयुक्त तैनाती से सुरक्षा बढ़ाई गई है।