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ग्रोक AI: एलन मस्क का मज़ाकिया चैटबॉट, जो विवादों में घिर गया

एलन मस्क का Grok AI भारत में इन दिनों खूब वायरल हो रहा है. ये AI चैटबॉट xAI के Colossus पर चलता है. इसे पिछले मॉडल से दस गुना तेज बताया जा रहा है. लेकिन इन दिनों ये भारत में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है. वजह इसकी नॉलेज या क्विनेस नहीं है. बल्कि इसके बात करने और रिप्लाई करने का तरीका है. ये चैटजीपीटी या डीपसीक जैसे AI से काफी अलग है. जिसे नवंबर 2023 में लॉन्च किया गया था. मस्क के मुताबिक, ग्रोक AI अन्य AI चैटबॉट्स की तरह रूखे और उबाऊ जवाब देने के बजाय हल्के-फुल्के अंदाज़ में बातें करता है और उन सवालों के जवाब भी देने की कोशिश करता है, जिनसे बाकी AI बचते हैं. इसके कई जवाब सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें से कुछ ने विवाद भी खड़ा कर दिया.

ग्रोक नाम का अर्थ क्या है?
“ग्रोक” शब्द अमेरिकी साइंस फिक्शन लेखक रॉबर्ट ए. हेनलेन के 1961 के उपन्यास Stranger in a Strange Land से लिया गया है. इसमें “ग्रोकिनg” का मतलब होता है किसी चीज़ को गहराई से समझना और उससे गहरा जुड़ाव महसूस करना. एलन मस्क ने यह भी कहा है कि ग्रोक AI का मॉडल The Hitchhiker’s Guide to the Galaxy (डगलस एडम्स की प्रसिद्ध किताब) से प्रेरित है.

अब जानते हैं ग्रोक AI काम कैसे करता है?
यह एक Large Language Model (LLM) पर आधारित है, जिसका मतलब है कि इसे बड़े पैमाने पर डेटा पर प्रशिक्षित किया गया है ताकि यह इंसानों की तरह बातचीत कर सके. ग्रोक AI को X (ट्विटर) के साथ इंटीग्रेट किया गया है, जिससे लोग सीधे ट्वीट के ज़रिए सवाल पूछ सकते हैं और जवाब पा सकते हैं.

कुछ चर्चित विवादित जवाब:
1. गालियों का इस्तेमाल – ग्रोक AI ने कुछ नेताओं और मीडिया एंकरों के बारे में जवाब देते समय अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया. बाद में इस पर सवाल उठने पर चैटबॉट ने माफ़ी भी मांगी.
2. राजनीतिक सवालों के जवाब – जब एक यूज़र ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना पूछी, तो ग्रोक AI ने सीटों की संख्या बताते हुए एक तथ्यों पर आधारित जवाब दिया.
3. ऐतिहासिक मुद्दे – जब औरंगज़ेब पर सवाल पूछा गया, तो ग्रोक AI का जवाब अन्य चैटबॉट्स की तुलना में अधिक तीखा और स्पष्ट था.

ग्रोक AI बनाम अन्य चैटबॉट्स

बाजार में कई AI चैटबॉट्स उपलब्ध हैं, लेकिन ग्रोक AI बाकी से अलग है. इसकी तुलना ChatGPT (OpenAI), Bard/Gemini (Google), Meta AI और DeepSeek जैसे चैटबॉट्स से की जाती है.

बीबीसी हिंदी की एक रिपोर्ट में ग्रोक AI और अन्य चैटबॉट्स को एक ही सवाल पूछा गया- “औरंगज़ेब के बारे में एक वाक्य में बताइए”

ChatGPT: औरंगज़ेब मुग़ल सम्राट था, जिसने 1658 से 1707 तक शासन किया और धार्मिक कट्टरता के लिए प्रसिद्ध था.
Gemini (Bard): औरंगज़ेब, जिसे आलमगीर भी कहा जाता है, भारत पर शासन करने वाला छठा मुगल शासक था, जिसने 1658 से 1707 तक शासन किया और अपने साम्राज्य को चरम पर पहुँचाया.
ग्रोक AI: औरंगज़ेब, मुग़ल साम्राज्य का छठा सम्राट, 1658 से 1707 तक शासन करने वाला एक कट्टर इस्लामी शासक था, जिसने अपने साम्राज्य का विस्तार किया लेकिन धार्मिक असहिष्णुता के लिए भी जाना जाता है. स्पष्ट है कि ग्रोक AI का जवाब अन्य चैटबॉट्स की तुलना में अधिक तीखा और निष्कपट था, जिससे यह और भी अधिक चर्चा में आ गया.

एलन मस्क ने ग्रोक AI पर क्या कहा?
एलन मस्क ने कई बार अपने ट्वीट्स में ग्रोक AI का समर्थन किया और इसे गूगल का विकल्प बताया. उनका कहना है कि ग्रोक AI पारंपरिक AI मॉडल्स की तुलना में ज़्यादा बोल्ड और व्यंग्यात्मक है. मस्क ने यह भी कहा कि ग्रोक AI को “गूगल की जगह लेने” के लिए डिज़ाइन किया गया है, क्योंकि यह रियल-टाइम डेटा एक्सेस कर सकता है और X प्लेटफॉर्म पर सीधे जवाब दे सकता है.

AI और भविष्य की चुनौतियां
1.AI के विकास से नई संभावनाएँ खुल रही हैं, लेकिन इसके साथ ही कई चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं-
2.नौकरियों पर प्रभाव – IMF की रिपोर्ट के अनुसार, AI के कारण 40% नौकरियाँ प्रभावित हो सकती हैं.
3.फेक न्यूज़ का खतरा – सोशल मीडिया पर AI-जनित झूठी खबरें और नकली तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं.
4.AI रेगुलेशन की जरूरत – AI के नैतिक उपयोग और इसकी सीमाओं को तय करने के लिए सख्त नीतियों की आवश्यकता है.