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ToggleGlobal Tariff: ट्रम्प का 10% टैरिफ झटका, भारत को राहत या नई चुनौती?
Global Tariff: डोनाल्ड ट्रम्प ने सभी देशों पर 10% नया टैरिफ लगाने का ऐलान किया. इससे तीन घंटे पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछला आदेश रद्द कर दिया, जिससे भारत पर लगा 18% टैरिफ खत्म हो गया. जानिए इसका भारत-अमेरिका व्यापार पर क्या असर पड़ेगा.
प्रस्तावना
अंतरराष्ट्रीय व्यापार की दुनिया में एक बार फिर हलचल मच गई है.अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और 2024 चुनावी राजनीति के केंद्र में मौजूद Donald Trump ने सभी देशों पर 10% नया टैरिफ लगाने का बड़ा ऐलान कर दिया है.
दिलचस्प बात यह है कि इस फैसले से ठीक तीन घंटे पहले Supreme Court of the United States ने एक अहम आदेश रद्द कर दिया, जिसके बाद भारत पर लागू 18% टैरिफ स्वतः समाप्त हो गया.
ऐसे में सवाल उठता है —क्या यह भारत के लिए राहत है? या फिर 10% का नया ग्लोबल टैरिफ नई चुनौती बनकर सामने आएगा?
क्या है पूरा मामला?
ट्रम्प ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका को “फेयर ट्रेड” चाहिए और अमेरिकी उद्योगों की सुरक्षा सर्वोपरि है. इसी रणनीति के तहत उन्होंने सभी देशों से आने वाले आयात पर 10% समान टैरिफ लागू करने की घोषणा की.
यह कदम उस समय आया है जब अमेरिका में चुनावी माहौल गर्म है और ट्रम्प “अमेरिका फर्स्ट” नीति को फिर से मुख्य मुद्दा बना रहे हैं. दूसरी ओर, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने पहले से लागू 18% टैरिफ को निरस्त कर दिया. इससे भारत समेत कुछ देशों को तात्कालिक राहत मिली.
भारत पर क्या असर?
1. 18% टैरिफ खत्म – बड़ी राहत
पहले भारत के कुछ उत्पादों पर 18% तक अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह टैरिफ खत्म हो गया, जिससे:
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भारतीय निर्यातकों को तत्काल राहत
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टेक्सटाइल, फार्मा और स्टील सेक्टर को फायदा
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अमेरिका में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ी
2. लेकिन 10% नया टैरिफ – नई चुनौती
अब सभी देशों पर 10% समान शुल्क लागू होने से:
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भारत को विशेष छूट नहीं मिलेगी
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लागत थोड़ी बढ़ेगी
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मार्जिन पर दबाव आ सकता है
हालांकि 18% की तुलना में 10% कम है, इसलिए कुल मिलाकर भारत की स्थिति पहले से बेहतर मानी जा सकती है.
भारत-अमेरिका व्यापार संबंध
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में मजबूत हुए हैं.
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अमेरिका भारत का प्रमुख निर्यात गंतव्य है
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आईटी, फार्मा और इंजीनियरिंग गुड्स मुख्य सेक्टर हैं
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रक्षा और टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ा है
ऐसे में टैरिफ नीति का सीधा असर द्विपक्षीय व्यापार पर पड़ेगा.
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ट्रम्प की रणनीति क्या है?
Donald Trump लंबे समय से यह कहते रहे हैं कि कई देश अमेरिका के साथ “अनुचित व्यापार” कर रहे हैं.
उनकी रणनीति के मुख्य बिंदु:
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घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
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विदेशी आयात पर नियंत्रण
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चीन और अन्य देशों पर दबाव
हालांकि इस बार 10% का टैरिफ सभी देशों पर समान रूप से लागू करने की बात कही गई है, जिससे यह एक “यूनिवर्सल ट्रेड पॉलिसी” जैसा दिखता है.
वैश्विक बाजार की प्रतिक्रिया
टैरिफ की घोषणा के बाद:
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एशियाई बाजारों में हल्की गिरावट
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डॉलर में मजबूती
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सोना और सुरक्षित निवेश विकल्पों में उछाल
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह नीति लागू होती है तो वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है.
भारतीय उद्योगों की प्रतिक्रिया
टेक्सटाइल इंडस्ट्री
पहले 18% टैरिफ से काफी नुकसान हो रहा था. अब 10% के साथ स्थिति बेहतर लेकिन पूरी तरह सामान्य नहीं.
फार्मा सेक्टर
भारत की जेनेरिक दवाओं की मांग अमेरिका में ज्यादा है. कम टैरिफ से प्रतिस्पर्धा मजबूत रह सकती है.
आईटी सेक्टर
सीधा टैरिफ कम प्रभाव डालेगा, लेकिन वीजा और सर्विस पॉलिसी अहम रहेंगी.
क्या यह फैसला स्थायी है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार:
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यह चुनावी रणनीति भी हो सकती है
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कानूनी चुनौतियां संभव
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नई सरकार आने पर नीति बदल सकती है
इसलिए व्यापारिक कंपनियां फिलहाल “वेट एंड वॉच” की रणनीति अपना रही हैं.
भारत सरकार की संभावित रणनीति
भारत निम्न कदम उठा सकता है:
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द्विपक्षीय वार्ता तेज करना
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WTO स्तर पर चर्चा
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निर्यात विविधीकरण
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घरेलू उद्योग को सब्सिडी व प्रोत्साहन
भारत पहले भी टैरिफ विवादों को कूटनीतिक तरीके से सुलझाता रहा है.
विशेषज्ञों की राय
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि:
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18% से 10% आना भारत के लिए सकारात्मक संकेत है
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लेकिन “समान टैरिफ” नीति से विशेष व्यापारिक लाभ खत्म हो सकते हैं
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लंबी अवधि में व्यापार समझौते ही समाधान हैं
निष्कर्ष
ट्रम्प का 10% ग्लोबल टैरिफ ऐलान अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बड़ा संकेत है.
भारत के लिए यह स्थिति मिश्रित है:
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18% टैरिफ खत्म होना राहत
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10% नया टैरिफ चुनौती
आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि यह नीति वैश्विक व्यापार युद्ध को जन्म देती है या नए संतुलन की ओर ले जाती है.
एक बात तय है —
अमेरिकी चुनाव और व्यापार नीति का असर सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ेगा.
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