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भोपाल: रंगमंच के सितारों से जगमगाएगा भोपाल, 26 मार्च से शुरू होगा Indimoon’s Arts Festival 2026

भोपाल में 26 मार्च से शुरू हो रहा है इंडिमून्स आर्ट्स फेस्टिवल 2026, जहां देश के प्रसिद्ध रंगकर्मी और अभिनेता अपने शानदार नाटकों से दर्शकों को एक अनूठा रंगमंचीय अनुभव देने वाले हैं.

रंगमंच के सितारों से जगमगाएगा भोपाल, 26 मार्च से शुरू होगा Indimoon’s Arts Festival 2026

भोपाल के रवीन्द्र भवन में 26 से 29 मार्च 2026 तक Indimoon’s Arts Festival आयोजित होगा। नितीश भारद्वाज, राकेश बेदी, संजय मिश्रा और शेखर सुमन जैसे कलाकारों के नाटक मंचित होंगे। जानिए फेस्टिवल की पूरी जानकारी

भोपाल: झीलों और हरियाली से घिरा मध्यप्रदेश का सांस्कृतिक शहर भोपाल एक बार फिर रंगमंच की चमक से जगमगाने जा रहा है. शहर के कला प्रेमियों के लिए एक बार फिर एक शानदार अवसर आ रहा है, जब देश के प्रतिष्ठित रंगकर्मी और अभिनेता अपने बेहतरीन नाटकों के साथ मंच पर दिखाई देंगे.

दरअसल, रंग थिएटर, कल्चरल एवं सोशल वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित Indimoon’s Arts Festival 2026 का आयोजन इस वर्ष भी भोपाल में किया जा रहा है. यह चार दिवसीय थिएटर फेस्टिवल 26 मार्च से 29 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें देश के चर्चित कलाकारों के चार शानदार नाटक मंचित किए जाएंगे.

यह पूरा आयोजन भोपाल के रवीन्द्र भवन के ‘हंसध्वनि सभागार’ में होगा, जहां प्रतिदिन शाम 7:30 बजे से नाटकों का मंचन किया जाएगा. इस फेस्टिवल की शुरुआत रामनवमी (26 मार्च) के पावन अवसर पर होगी.

भोपाल की सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा नया आयाम

भोपाल लंबे समय से कला, संस्कृति और रंगमंच की समृद्ध परंपरा के लिए जाना जाता है. भारत भवन, रवीन्द्र भवन और अन्य सांस्कृतिक केंद्रों के कारण यह शहर देश के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्रों में गिना जाता है.

इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुएइंडिमून्स आर्ट्स फेस्टिवल भोपाल के कला प्रेमियों के लिए एक खास मंच बनता जा रहा है, जहां दर्शकों को विचारोत्तेजक, मनोरंजक और संवेदनशील नाटकों का अनुभव मिलता है.

फेस्टिवल के निदेशक और संयोजक बिजोन मोंडल ने बताया कि पिछले वर्ष दर्शकों से मिली अपार सराहना और प्रेम के बाद इस वर्ष फेस्टिवल को और भी बेहतर रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि इस फेस्टिवल का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं है, बल्कि समाज, मानवीय संवेदनाओं, प्रेम, दर्शन और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर संवाद स्थापित करना भी है.

दिन में चर्चा, शाम को रंगमंच – फेस्टिवल का अनोखा स्वरूप

इंडिमून्स आर्ट्स फेस्टिवल की खास बात यह है कि यह केवल नाटकों का मंचन नहीं है, बल्कि रंगमंच, साहित्य और कला का एक व्यापक उत्सव है.

फेस्टिवल के दौरान दिन के समय रंगमंच, सिनेमा और अन्य कलाओं से जुड़े विषयों पर परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी. इन चर्चाओं का संचालन Centerstage Club-Literati की सीमा रायजादा द्वारा किया जाएगा.

इन सत्रों में देश के कई प्रतिष्ठित वक्ता और रंगकर्मी शामिल होकर रंगमंच के विभिन्न पहलुओं पर सार्थक चर्चा करेंगे. इससे युवा कलाकारों और रंगमंच प्रेमियों को सीखने का भी अवसर मिलेगा.

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युवाओं के लिए ओपन स्टेज का अवसर

फेस्टिवल में युवाओं के लिए भी एक खास मंच तैयार किया गया है. शाम को मुख्य नाटकों से पहले पूर्वारंग (Pre-Event Session) के तहत ओपन स्टेज का आयोजन होगा.

इस मंच पर युवा कलाकार अपनी कला और प्रतिभा को दर्शकों के सामने प्रस्तुत कर सकेंगे.

हालांकि इसके लिए पूर्व पंजीयन अनिवार्य होगा. आयोजकों का मानना है कि यह मंच युवा प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और उन्हें प्रेरित करने का एक अच्छा अवसर बनेगा.

ग्वालियर के सिंधिया स्कूल की ब्रास बैंड प्रस्तुति बनेगी आकर्षण

फेस्टिवल के पूर्वारंग कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण ग्वालियर के सिंधिया स्कूल के विद्यार्थियों की ब्रास बैंड प्रस्तुति भी होगी.

यह प्रस्तुति दर्शकों को एक अलग ही सांगीतिक अनुभव देगी और नाटकों से पहले माहौल को उत्साह और ऊर्जा से भर देगी.

फेस्टिवल में मंचित होंगे ये चार प्रमुख नाटक

इस वर्ष के फेस्टिवल में देश के प्रसिद्ध कलाकारों के चार अलग-अलग और अनूठे नाटक प्रस्तुत किए जाएंगे.

1. ‘चक्रव्यूह’ – नितीश भारद्वाज

तारीख: 26 मार्च 2026 (रामनवमी)

फेस्टिवल की शुरुआत प्रसिद्ध अभिनेता नितीश भारद्वाज के नाटक ‘चक्रव्यूह’ से होगी.

यह नाटक महाभारत के 13वें दिन की कथा पर आधारित है. लेकिन यह केवल युद्ध की कहानी नहीं है, बल्कि जीवन के जटिल सवालों और नैतिक द्वंद्वों पर आधारित एक गहरा दार्शनिक विमर्श भी है.

नाटक में नितीश भारद्वाज भगवान कृष्ण की भूमिका में नजर आते हैं और अपने संवादों के माध्यम से जीवन, कर्म और धर्म के गहरे अर्थों को सामने रखते हैं.

पूरे नाटक की खास बात यह है कि यह काव्यात्मक छंदों में लिखा गया है, जिससे यह दर्शकों को एक आध्यात्मिक और कलात्मक अनुभव प्रदान करता है.

2. ‘मसाज’ – राकेश बेदी

तारीख: 27 मार्च 2026 (विश्व रंगमंच दिवस)

फेस्टिवल के दूसरे दिन प्रसिद्ध अभिनेता राकेश बेदी का लोकप्रिय नाटक ‘मसाज’ मंचित किया जाएगा.

यह एक वन-मैन शो है, जिसमें राकेश बेदी अकेले ही मंच पर 24 अलग-अलग किरदारों को जीवंत करते हैं.

नाटक की कहानी हैप्पी कुमार नाम के एक युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मुंबई में अभिनेता बनने का सपना लेकर आता है.

लेकिन परिस्थितियां उसे एक महिला जिम में मसाजर बनने पर मजबूर कर देती हैं.

कॉमेडी और भावनात्मक घटनाओं के माध्यम से यह नाटक संघर्ष, सपनों और जीवन की सच्चाइयों को बेहद दिलचस्प अंदाज में प्रस्तुत करता है.

3. ‘घाशीराम कोतवाल’ – संजय मिश्रा

तारीख: 28 मार्च 2026

भारतीय रंगमंच का एक ऐतिहासिक और कालजयी नाटक ‘घाशीराम कोतवाल’ इस बार भी दर्शकों के लिए खास आकर्षण होगा.

यह नाटक प्रसिद्ध नाटककार विजय तेंदुलकर द्वारा लिखा गया है और भारतीय रंगमंच के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक व्यंग्यों में से एक माना जाता है.

इस प्रस्तुति में प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता संजय मिश्रा ‘नाना फडनवीस’ की भूमिका निभाएंगे, जबकि संतोष जुवेकर ‘घाशीराम’ के किरदार में नजर आएंगे.

18वीं सदी के पुणे की पृष्ठभूमि पर आधारित यह नाटक सत्ता, भ्रष्टाचार और नैतिक पतन की कहानी को तीखे व्यंग्य के साथ प्रस्तुत करता है.

इस भव्य प्रस्तुति में 60 से अधिक कलाकार, लाइव संगीत और नृत्य का समावेश होगा, जिससे यह एक शानदार रंगमंचीय अनुभव बन जाएगा.

4. ‘एक मुलाकात’ – शेखर सुमन

तारीख: 29 मार्च 2026

फेस्टिवल का समापन प्रसिद्ध अभिनेता शेखर सुमन के नाटक ‘एक मुलाकात’ के साथ होगा.

यह नाटक महान उर्दू शायर साहिर लुधियानवी और प्रसिद्ध लेखिका अमृता प्रीतम की अधूरी प्रेम कहानी पर आधारित है.

इस प्रस्तुति में शेखर सुमन साहिर लुधियानवी की भूमिका निभाएंगे, जबकि गीतिका त्यागी अमृता प्रीतम के किरदार में नजर आएंगी.

यह नाटक उनकी शायरी, भावनाओं और अनकहे प्रेम की कहानी को बेहद संवेदनशील और काव्यात्मक अंदाज में प्रस्तुत करता है.

पिछले वर्ष भी दर्शकों ने दिया था भरपूर प्यार

गौरतलब है कि पिछले वर्ष आयोजित इंडिमून्स आर्ट्स फेस्टिवल को भोपाल के दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी.

पिछले संस्करण में मंचित नाटकों में शामिल थे —

  • नितीश भारद्वाज का ‘चक्रव्यूह’

  • मकरंद देशपांडे का ‘सर सर सरला’

  • शरमन जोशी का ‘राजू राजा राम और मैं’

  • पंकज कपूर का ‘दो पहरी’

इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी थी और यही कारण है कि इस वर्ष भी फेस्टिवल को लेकर उत्साह काफी ज्यादा है.

फेस्टिवल की आयोजन समिति

इंडिमून्स आर्ट्स फेस्टिवल के सफल आयोजन के पीछे एक समर्पित टीम काम कर रही है.

फेस्टिवल की संयोजन समिति में शामिल हैं —

  • बलेंद्र सिंह

  • मुकुल त्रिपाठी

  • विक्रांत भट्ट

  • मनोज जोशी

  • योगेंद्र सिंह राजपूत

  • हरिओम तिवारी

इन सभी की संयुक्त कोशिशों से यह सांस्कृतिक आयोजन भोपाल में एक महत्वपूर्ण मंच बनता जा रहा है.

भोपाल के कला प्रेमियों के लिए खास अवसर

इंडिमून्स आर्ट्स फेस्टिवल 2026 केवल एक थिएटर फेस्टिवल नहीं, बल्कि कला, विचार और संवाद का उत्सव है.

यह आयोजन दर्शकों को न केवल शानदार नाटकों का आनंद देगा, बल्कि उन्हें समाज, संस्कृति और मानवीय भावनाओं पर सोचने का अवसर भी प्रदान करेगा.

भोपाल के कला प्रेमियों के लिए यह फेस्टिवल एक बार फिर रंगमंच की दुनिया में डूबने का बेहतरीन मौका लेकर आ रहा है.

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