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रीवा: लोही ब्रिज हत्याकांड का खुलासा, पुलिस की सूझबूझ से आरोपी गिरफ्तार

लोही ब्रिज के पास हुए जघन्य हत्याकांड का पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा. चोरी की नीयत से घर में घुसे आरोपी ने महिला की हत्या कर पहचान छिपाने के लिए सिर अलग कर दिया,

रीवा: लोही ब्रिज हत्याकांड का खुलासा, पुलिस की सूझबूझ से आरोपी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में हुए लोही ब्रिज हत्याकांड का पुलिस ने आखिरकार खुलासा कर दिया है. इस जघन्य वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया था. एक महिला की सिर कटी लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी. लेकिन पुलिस की सतर्कता, तकनीकी जांच और बारीक पड़ताल के चलते आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया.

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी तक पहुंचने में कटे हुए जूते के निशान अहम सबूत साबित हुए.

घटना ने मचाई थी सनसनी

जानकारी के अनुसार, थाना बिछिया क्षेत्र अंतर्गत लोही ब्रिज के पास स्थित गांव में कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने एक महिला का सिर कटा शव देखा. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की.

घटना स्थल का दृश्य बेहद भयावह था. शव की हालत देखकर साफ प्रतीत हो रहा था कि हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई है. इस घटना से गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया था.

मृतका की पहचान में जुटी पुलिस

शुरुआती जांच में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान की प्रक्रिया शुरू की. आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की गई. काफी प्रयासों के बाद मृतका की पहचान लीलावती पटेल (उम्र लगभग 50 वर्ष) निवासी लोही गांव के रूप में हुई.

पहचान होते ही पुलिस ने मामले को हत्या का गंभीर अपराध मानते हुए जांच तेज कर दी.


खेत में मिला महिला का कटा हुआ सिर

जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सफलता मिली. मृतका के घर से कुछ दूरी पर स्थित खेत में महिला का कटा हुआ सिर बरामद किया गया.

इस बरामदगी के बाद पुलिस को स्पष्ट हो गया कि हत्या के बाद आरोपी ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव के साथ छेड़छाड़ की थी.

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया और विशेष टीम गठित की गई.

घर में मिला खून, हत्या का तरीका हुआ साफ

जब पुलिस ने मृतका के घर की जांच की, तो वहां बड़ी मात्रा में खून फैला हुआ मिला. इससे यह स्पष्ट हुआ कि हत्या घर के अंदर ही की गई थी.

प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने किसी धारदार हथियार से महिला का गला काटकर हत्या की.  इसके बाद शव को बाहर ले जाकर अलग-अलग स्थानों पर फेंका गया ताकि पहचान में कठिनाई हो.

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अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस ने थाना बिछिया, जिला रीवा में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 118/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 238(ए) के अंतर्गत मामला दर्ज किया.

इसके बाद जांच कई स्तरों पर शुरू की गई —

  • घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच
  • आसपास के लोगों से पूछताछ
  • होटल और ढाबों की जानकारी
  • सड़क किनारे लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना
  • संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों का विश्लेषण

सीसीटीवी और पूछताछ से मिला सुराग

पुलिस टीम ने लगातार इलाके में पूछताछ की. इसी दौरान एक व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं. जांच में सामने आया कि मृतका के पड़ोस में रहने वाला राजा केवट घटना के बाद से असामान्य व्यवहार कर रहा था.

संदेह के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की.

कटे जूते के निशान बने सबसे बड़ा सबूत

जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल के आसपास जूते के विशेष निशान मिले. ये निशान सामान्य नहीं थे, बल्कि जूते का अगला हिस्सा कटा हुआ था.

जब पुलिस ने संदिग्ध राजा केवट के जूते की जांच की, तो वही कटे हुए निशान उससे मेल खा गए. यही वह अहम कड़ी थी जिसने पूरे मामले को सुलझा दिया.

तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के सामने आने के बाद आरोपी टूट गया और उसने अपराध स्वीकार कर लिया. चोरी की नीयत से घुसा था आरोपी

पूछताछ में आरोपी राजा केवट (उम्र 30 वर्ष), पिता दुर्गा केवट, निवासी ग्राम लोही थाना बिछिया ने बताया कि वह चोरी की नीयत से लीलावती पटेल के घर में घुसा था.

लेकिन चोरी के दौरान महिला जाग गई. पहचान उजागर होने के डर से आरोपी ने धारदार हथियार से महिला की हत्या कर दी.

पहचान छिपाने के लिए किया खौफनाक कदम

हत्या के बाद आरोपी ने अपराध छिपाने के लिए बेहद क्रूर कदम उठाया. उसने महिला का सिर धड़ से अलग कर दिया और खेत में फेंक दिया ताकि पुलिस पहचान न कर सके.

हालांकि आरोपी की यह चाल ज्यादा देर तक नहीं चल सकी और पुलिस की जांच ने सच सामने ला दिया.

पुलिस की तकनीकी जांच बनी सफलता की कुंजी

इस मामले में पुलिस ने पारंपरिक जांच के साथ-साथ तकनीकी तरीकों का भी इस्तेमाल किया.

मुख्य जांच बिंदु रहे:

  • घटनास्थल से भौतिक साक्ष्य संग्रह
  • जूते के निशानों का विश्लेषण
  • CCTV फुटेज की जांच
  • स्थानीय खुफिया जानकारी
  • संदिग्धों की गतिविधियों की निगरानी

इन्हीं प्रयासों के कारण आरोपी तक पहुंचना संभव हो सका.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का बयान

मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने लगातार मेहनत करते हुए महत्वपूर्ण सुराग जुटाए. कटे जूते के निशान और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की पहचान हुई और उसे गिरफ्तार किया गया.

उन्होंने कहा कि अपराध चाहे कितना भी जटिल क्यों न हो, पुलिस वैज्ञानिक जांच और टीमवर्क से अपराधियों तक पहुंचने में सक्षम है.

इलाके में राहत, लोगों ने ली चैन की सांस

हत्या के खुलासे के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है. घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल था, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी से लोगों का पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ है।

कानूनी कार्रवाई जारी

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है और हत्या में प्रयुक्त हथियार की भी तलाश की जा रही है.

समाज के लिए बड़ा संदेश

लोही ब्रिज हत्याकांड यह बताता है कि छोटे से छोटा सबूत भी बड़े अपराध का खुलासा कर सकता है. अपराधी अक्सर सोचते हैं कि वे सबूत मिटा देंगे, लेकिन वैज्ञानिक जांच और पुलिस की सतर्कता सच को सामने ला ही देती है.

निष्कर्ष

रीवा का लोही ब्रिज हत्याकांड न केवल एक जघन्य अपराध था, बल्कि पुलिस की पेशेवर जांच का भी उदाहरण बन गया है. कटे जूते के निशान जैसे मामूली दिखने वाले सुराग ने पूरी कहानी बदल दी और आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गया.

यह मामला साबित करता है कि कानून से बचना आसान नहीं है — अपराध का अंत आखिरकार गिरफ्तारी पर ही होता है.

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