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रीवा: मनिकवार में अवैध शराब का बड़ा भंडाफोड़, नशीली कफ सिरप भी बरामद

मनिकवार क्षेत्र के हिनौती बरया टोला में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई। भारी मात्रा में अवैध शराब के साथ कोडीन युक्त नशीली कफ सिरप बरामद, अवैध नशा कारोबार पर प्रशासन का सख्त एक्शन जारी

रीवा: मनिकवार में अवैध शराब का बड़ा भंडाफोड़, नशीली कफ सिरप भी बरामद

रीवा जिले के मनगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस चौकी मनिकवार के ग्राम पंचायत हिनौती बरया टोला स्थित जायसवाल बस्ती में अवैध शराब के बड़े भंडारण का मामला सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया. विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापामार कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध शराब के साथ कोडीन युक्त नशीली कफ सिरप भी बरामद की है.

इस कार्रवाई को जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है. पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त जांच अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक आबकारी विभाग को लंबे समय से मनिकवार क्षेत्र में अवैध शराब के भंडारण और सप्लाई की शिकायतें मिल रही थीं. स्थानीय स्तर पर लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद विभाग ने निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध स्थानों की पहचान की.

इसी क्रम में हिनौती बरया टोला स्थित जायसवाल बस्ती में एक मकान और आसपास के परिसर में बड़ी मात्रा में शराब छिपाकर रखने की सूचना मिली. इसके बाद आबकारी पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से टीम गठित कर अचानक छापेमारी की.

छापे के दौरान अधिकारियों को मौके से बड़ी मात्रा में शराब के कार्टन और बोतलें बरामद हुईं, जिन्हें अवैध रूप से संग्रहित किया गया था.

नशीली कफ सिरप की बरामदगी ने बढ़ाई गंभीरता

कार्रवाई के दौरान केवल शराब ही नहीं बल्कि कोडीन युक्त नशीली कफ सिरप भी बरामद होने से मामला और गंभीर हो गया है.

विशेषज्ञों के अनुसार कोडीन युक्त कफ सिरप का इस्तेमाल चिकित्सकीय उद्देश्य के अलावा नशे के रूप में भी किया जाता है. यही कारण है कि बिना वैध लाइसेंस या मेडिकल अनुमति के इसका भंडारण और बिक्री पूरी तरह गैरकानूनी है.

आबकारी विभाग अब यह जांच कर रहा है कि यह कफ सिरप कहां से लाई गई और किन-किन क्षेत्रों में इसकी सप्लाई की जा रही थी.

संगठित नेटवर्क की आशंका

प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि अवैध शराब का यह मामला किसी छोटे स्तर का नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है.

अधिकारियों को संदेह है कि यहां से आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शराब की सप्लाई की जाती थी. त्योहारों और विशेष अवसरों पर अवैध शराब की मांग बढ़ने के कारण ऐसे भंडारण केंद्र सक्रिय हो जाते हैं.

पुलिस अब सप्लाई चेन, परिवहन माध्यम और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है.

स्थानीय लोगों में चर्चा और चिंता

छापेमारी की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इलाके में संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही थीं, लेकिन किसी को स्पष्ट जानकारी नहीं थी.

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध नशे के कारोबार पर स्थायी रूप से रोक लगाने के लिए नियमित कार्रवाई की जाए, ताकि युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके.

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युवाओं पर पड़ रहा नशे का असर

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब और नशीली दवाओं की उपलब्धता समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है.

कम कीमत और आसानी से उपलब्ध होने के कारण युवा वर्ग तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है. इससे न केवल स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है बल्कि अपराध दर में भी वृद्धि की संभावना रहती है.

इसी वजह से प्रशासन अब अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त अभियान चला रहा है.

कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू

आबकारी विभाग ने बरामद शराब और कफ सिरप को जब्त कर लिया है और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

अधिकारियों के अनुसार:

  • अवैध भंडारण
  • बिना लाइसेंस शराब रखना
  • नशीली दवाओं का गैरकानूनी संग्रह
  • अवैध बिक्री की तैयारी

जैसे आरोपों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है.

संभावना जताई जा रही है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और नाम सामने आ सकते हैं.

आबकारी विभाग की सख्ती जारी

जिले में अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी संदिग्ध स्थानों पर अचानक छापेमारी जारी रहेगी.

प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब या नशीले पदार्थों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या आबकारी विभाग को सूचित करें.

अवैध कारोबार पर प्रशासन की रणनीति

सूत्रों के अनुसार अब प्रशासन तीन स्तर पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है:

  1. सप्लाई चेन पर निगरानी
  2. ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान
  3. नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम

इस रणनीति का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना ही नहीं बल्कि नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करना है.

जांच से खुल सकते हैं बड़े राज

अधिकारियों का मानना है कि जब्त सामग्री की जांच और पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि:

  • शराब कहां से लाई गई
  • किन लोगों को सप्लाई होती थी
  • क्या अन्य जिलों से भी कनेक्शन है
  • नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं

यदि यह संगठित गिरोह साबित होता है, तो आने वाले दिनों में बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

समाज के लिए चेतावनी

यह मामला केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक चिंता का विषय भी है. अवैध शराब और नशीले पदार्थ अक्सर जहरीले साबित होते हैं और कई बार जानलेवा घटनाओं का कारण बनते हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ समाज की जागरूकता भी बेहद जरूरी है.

निष्कर्ष

मनिकवार क्षेत्र के हिनौती बरया टोला में हुई यह छापामार कार्रवाई रीवा जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है. भारी मात्रा में अवैध शराब और कोडीन युक्त कफ सिरप की बरामदगी ने यह साफ कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी संगठित नेटवर्क सक्रिय हैं.

अब सभी की नजर जांच के अगले चरण पर टिकी है, जहां इस अवैध कारोबार से जुड़े बड़े चेहरों का खुलासा होने की संभावना है. प्रशासन की सख्ती और जनसहयोग से ही ऐसे अवैध नेटवर्क पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकता है.

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