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रीवा पुलिस की बड़ी सफलता: प्रतिबंधित कफ सिरप सप्लायर गिरफ्तार

रीवा पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप सप्लायर को गिरफ्तार कर जेल भेजा। 100 नग कफ सिरप और महिंद्रा XUV 500 वाहन जब्त

रीवा पुलिस की बड़ी सफलता: प्रतिबंधित कफ सिरप सप्लायर गिरफ्तार

पुलिस महानिरीक्षक रीवा के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार-2” के तहत गोविंदगढ़ थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप के सप्लायर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रीवा श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्रीमती आरती सिंह के निर्देशन तथा उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) उदित मिश्रा के मार्गदर्शन में की गई.

इस सफलता ने रीवा शहर में नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में स्थान बना लिया है.

गिरफ्तारी की पूरी जानकारी

दिनांक 30 मार्च 2026 को गोविंदगढ़ पुलिस ने अजय तिवारी उर्फ शिब्बू के कब्जे से 100 नग प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप जब्त किया. पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे यह अवैध कफ सिरप ग्राम बुढवा निवासी राजू प्रजापति द्वारा सप्लाई की जाती थी.

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राजू प्रजापति को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लिया। रिमांड के दौरान आरोपी की निशानदेही पर उसके गृह ग्राम बुढवा से 23 नग प्रतिबंधित कफ सिरप और सप्लाई में प्रयुक्त महिंद्रा XUV 500 वाहन (क्रमांक CG05AF0610) बरामद किए गए. बरामद सामग्री की कुल कीमत लगभग 10 लाख 4 हजार 600 रुपये आंकी गई है. कार्रवाई के बाद आरोपी को पुनः न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.

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गिरफ्तार आरोपी की जानकारी

  • नाम: राजू प्रजापति
  • पिता का नाम: गजाधर प्रजापति
  • उम्र: 27 वर्ष
  • पता: ग्राम बुढवा, थाना रायपुर कर्चुलियान, जिला रीवा

जब्त की गई सामग्री

  • 23 नग प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप (कीमत लगभग 4600 रुपये)
  • महिंद्रा XUV 500 वाहन (कीमत लगभग 10 लाख रुपये)

ऑपरेशन प्रहार-2: नशीली दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई

रीवा पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में नशीली दवाओं और अवैध पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए “ऑपरेशन प्रहार-2” शुरू किया था. इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य न केवल नशीली दवाओं की बिक्री को रोकना है, बल्कि आम जनता, विशेषकर युवाओं और छात्रों को इस तरह के खतरनाक पदार्थों से दूर रखना है.

इस अभियान के तहत:

  • सघन निगरानी के साथ नशीली दवाओं के नेटवर्क का पता लगाया जाता है.
  • संदिग्धों पर छापेमारी और गिरफ्तारी की जाती है.
  • बरामद सामग्री की कीमत का अनुमान लगाकर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है.

राजू प्रजापति की गिरफ्तारी इस बात का उदाहरण है कि पुलिस सख्त और सतर्क कार्रवाई के जरिए अवैध गतिविधियों को रोक रही है.

नशीली कफ सिरप: जानिए खतरनाक तथ्य

अवैध नशीली कफ सिरप आमतौर पर डेक्सट्रोमेथॉर्फ़न (DXM) या अन्य नशीली सामग्री से भरी होती है. इसे बिना डॉक्टर की सलाह के लेना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है.

खतरनाक प्रभाव:

  • मानसिक भ्रम और Hallucinations
  • दिल की धड़कन असामान्य होना
  • लीवर और किडनी पर असर
  • लत लगने की संभावना

सावधानी:

  • सिर्फ डॉक्टर के निर्देश पर ही सिरप का सेवन करें.
  • अवैध या अनधिकृत स्रोत से कफ सिरप न खरीदें.
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.

पुलिस की जनता से अपील

रीवा पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद जनता से अपील की है कि वे:

  1. संदिग्ध नशीली दवाओं की सूचना तुरंत पुलिस को दें.
  2. अपने बच्चों और युवाओं को इस तरह की दवाओं के खतरों से अवगत कराएँ.
  3. अवैध सप्लायर या ऑनलाइन स्रोत से कोई भी नशीली दवा न खरीदें.

पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि ऐसे अपराधों के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति अपनाई जाएगी.

निष्कर्ष

रीवा पुलिस की यह कार्रवाई न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में नशीली दवाओं के खिलाफ जागरूकता भी बढ़ाती है.

“ऑपरेशन प्रहार-2” के तहत जारी यह अभियान यह संदेश देता है कि अवैध नशीली दवाओं के सप्लायर और तस्कर सुरक्षित नहीं हैं और पुलिस हर स्तर पर उनके खिलाफ सख्त कदम उठा रही है.

आम जनता की सुरक्षा, युवाओं की सेहत और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है.

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