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बिजली बिल: सीधी जिले में 60 से 80 हजार रुपये तक के भारी बिजली बिल मिलने से उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ गया है. ग्राम बघवारी में बैठक कर ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और 18 मार्च को आंदोलन की रणनीति बनाने का निर्णय लिया.
सीधी में भारी बिजली बिल से हाहाकार, आंदोलन की तैयारी
मध्यप्रदेश के सीधी जिले में इन दिनों बिजली बिलों को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. जिले के कई गांवों में उपभोक्ताओं को 60 हजार से 80 हजार रुपये तक के बिजली बिल मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं. इतनी बड़ी राशि के बिल मिलने से गरीब और मजदूर परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
इसी समस्या को लेकर ग्राम बघवारी में बिजली उपभोक्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. बैठक में ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विभाग द्वारा मनमाने तरीके से अत्यधिक बिजली बिल भेजे जा रहे हैं. लोगों का कहना है कि उनकी वास्तविक बिजली खपत बहुत कम है, लेकिन बिल कई गुना ज्यादा भेजे जा रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ता परेशान हैं.
ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश
ग्राम बघवारी में आयोजित बैठक के दौरान ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं सामने रखीं. कई ग्रामीणों ने बताया कि उनके घरों में सीमित बिजली उपकरण होने के बावजूद उन्हें हजारों रुपये के बिल दिए जा रहे हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली बिलों में इतनी अधिक राशि देखकर लोग परेशान और चिंतित हैं. मजदूरी और खेती से अपना जीवनयापन करने वाले परिवारों के लिए इतने बड़े बिल का भुगतान करना लगभग असंभव है.
बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि अगर इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है.
उमेश तिवारी ने उठाए सवाल
बैठक को संबोधित करते हुए टोको-रोंको-ठोको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि विभाग की मनमानी के कारण आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
उमेश तिवारी ने कहा कि कई उपभोक्ताओं को उनकी वास्तविक खपत से कई गुना ज्यादा बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, जो पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इन बिजली बिलों की तुरंत जांच कराई जाए और जिन उपभोक्ताओं को गलत बिल भेजे गए हैं, उनमें तत्काल सुधार किया जाए.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बिजली विभाग ने जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया तो बिजली उपभोक्ता आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे.
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गरीब और मजदूर वर्ग पर बढ़ा बोझ
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने यह भी बताया कि क्षेत्र के अधिकांश लोग मजदूरी और खेती पर निर्भर हैं. ऐसे में 60 से 80 हजार रुपये तक के बिजली बिल भरना उनके लिए संभव नहीं है.
ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. ऐसे में अचानक इतने बड़े बिजली बिल मिलने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए और लोगों को राहत प्रदान की जाए.
देवेंद्र सिंह चौहान की अपील
बैठक में मौजूद देवेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि बिजली विभाग को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अधिकांश लोग सीमित आय पर निर्भर हैं और उनके लिए इतने भारी बिजली बिल भरना असंभव है.
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गलत तरीके से भेजे गए बिजली बिलों को तुरंत संशोधित किया जाए.
प्रभात वर्मा ने भी जताई चिंता
बैठक के दौरान प्रभात वर्मा ने भी बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि बिजली विभाग को जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए.
उन्होंने कहा कि यदि बिजली बिलों में गड़बड़ी है तो उसकी तुरंत जांच कर सुधार किया जाना चाहिए, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके.
विकाश नारायण तिवारी ने दी चेतावनी
बैठक में विकाश नारायण तिवारी ने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण आम जनता को बेवजह परेशान होना पड़ रहा है.
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र के लोग एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे.
18 मार्च को फिर होगी बड़ी बैठक
बैठक के अंत में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 18 मार्च को दोपहर 2 बजे ग्राम पंचायत बघवारी (मौहार) में फिर से एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी.
इस बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी और आगे की तारीख घोषित की जाएगी.
क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने क्षेत्र के सभी बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे 18 मार्च की बैठक में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपनी समस्याओं को मजबूती से उठाएं.
बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
इस बैठक में क्षेत्र के कई ग्रामीण मौजूद रहे, जिनमें रामगोपाल कोल, बाबा कोल, पियारे कोल, मोहन यादव, श्रीमती लीला यादव, बड़ाकिया कोल, रामरहीश, हितुबा कोल और बंसराखन कोल सहित कई लोग शामिल थे.
ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस समस्या के समाधान के लिए आवाज उठाने का संकल्प लिया.
प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद
ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही उचित कार्रवाई करेगा. यदि समय रहते बिजली बिलों की जांच कर सुधार किया जाता है, तो उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल सकती है.
हालांकि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में यह मुद्दा आंदोलन का रूप भी ले सकता है.
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