मध्य प्रदेश के नवगठित जिले मऊगंज के गड़रा गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों के शव मिलने से हड़कंप मच गया. शुक्रवार सुबह यानी 4 अप्रैल को कुछ लोग गड़रा गांव से ही गुजर रहे थे, तो उन्हे एक घर से काफी दुर्गंध आ रही थी. दुर्गंध किसी चीज के सड़ने की समझ आ रही थी. जिसकी सूचना ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को दी. पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. जहां पता चला कि तीन लागों का शव फांसी के फंदे में लटक रहा है. इसके बाद शवों को बरामद कर तुरंत जांच शुरू कर दी गई.
पिता, पुत्र और पुत्री के शव मिलने से सनसनी
बरामद शवों की पहचान औसेरी साकेत (50), उनकी 11 वर्षीय बेटी मीनाक्षी और 8 वर्षीय बेटे अमन के रूप में हुई है. प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है. शव कई दिन पुराने बताए जा रहे हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि घटना कुछ दिनों पहले की हो सकती है.
पहले भी हो चुकी है हिंसक घटना
गौरतलब है कि इसी गांव में 20 दिन पहले भी एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. हत्या के बाद पुलिस कार्रवाई करने पहुंची थी, जिस दौरान ग्रामीणों ने पथराव किया था, जिसमें ASI रामचरण गौतम की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ था.
जांच में जुटी पुलिस, हर पहलु की हो रही पड़ताल
इस पूरे मामले पर रीवा के IG गौरव राजपूत ने बताया कि यह घटना पहले की हत्या से जुड़ी नहीं है. प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है. मृतक औसेरी साकेत की दो पत्नियां थीं और पारिवारिक विवाद की भी जानकारी सामने आई है. पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है कि आखिर पिता ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया.
ग्रामीणों और प्रशासन के बीच नोकझोंक
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक सूखेद्र सिंह बन्ना अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों और प्रशासन के बीच कुछ समय तक तीखी नोकझोंक भी हुई, लेकिन मऊगंज कलेक्टर और एसपी की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ. शवों को पोस्टमार्टम के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल भेजा गया है. वहीं पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि परिवार ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया. क्या यह आत्महत्या है, या इसके पीछे कोई और कारण है. पुलिस द्वारा साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही इस मामले की गुत्थी सुलझने की उम्मीद है.