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नागपुर में हिंसा और कर्फ्यू: औरंगजेब के पुतले जलाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण

नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा एक अफवाह और कुछ संवेदनशील मुद्दों के कारण भड़की है. साथ ही औरंगजेब के पुतले जलाने के बाद लोगों में भारी आक्रोश पैदा हो गया. यह हिंसा तब शुरू हुई जब सोमवार यानि 17 मार्च को कुछ लोगों ने औरंगजेब के पुतले को जलाया. इसके बाद, एक अफवाह फैल गई, जिससे कुछ क्षेत्रों में तनाव और संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई. उपद्रवीयों ने पुलिस पर हमला किया, जिसके चलते स्थिति और भी बिगड़ी. यह घटना नागपुर के विभिन्न इलाकों में फैलीं, जिससे स्थानीय प्रशासन को सख्ती से हस्तक्षेप करना पड़ा. इससे कुछ इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण हो गई, और हिंसा शुरू हो गई. इस हिंसा के दौरान लगभग 40 लोग घायल हुए, जिनमें से 33 पुलिसकर्मी थे. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की, और 50 उपद्रवियों को गिरफ्तार भी किया गया.

नागपुर में 11 थानों पर कर्फ्यू

इसके बाद पुलिस ने शहर के 11 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू कर दिया ताकि हिंसा और उपद्रव को रोका जा सके. नागपुर के पुलिस आयुक्त रविंदर कुमार सिंघल ने कहा कि अब शहर में स्थिति सामान्य हो गई है, साथ ही स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाई है. हालांकि, पुलिस और प्रशासन अभी भी सतर्क हैं और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सावधान हैं. कर्फ्यू के बावजूद प्रशासन ने शहर के विभिन्न हिस्सों में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है.

संभाजीनगर में बढ़ी सुरक्षा
नागपुर में हुई हिंसा के बाद, संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है. यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि औरंगजेब का नाम और उसकी विरासत कई बार विवादों का कारण रही है, और कुछ समूहों द्वारा उसे लेकर विरोध और नाराजगी व्यक्त की जाती रही है. ऐसे में, संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया गया.

विधानसभा सदन में मुख्यमंत्री का बयान
इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इस मामले पर बयान दिया. उन्होंने कहा कि हाल ही में रिलीज हुई फिल्म “छावा” ने औरंगजेब के खिलाफ लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है. फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस फिल्म ने नकारात्मक रूप से औरंगजेब के इतिहास को प्रस्तुत किया है, जिसके चलते समाज में असंतोष पैदा हुआ. फिर भी, मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र में शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि सभी को मिलकर राज्य में सद्भाव और शांति बनाए रखने के लिए काम करना चाहिए. सरकार ने इस मुद्दे पर सतर्कता बरतते हुए शांति बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही है.