Vindhya First

बिना लाइसेंस दूध पैकेजिंग पर कार्रवाई: सतना में डेयरी पर छापा, मशीन सीज

बिना लाइसेंस दूध पैकेजिंग पर कार्रवाई: सतना में डेयरी पर छापा, मशीन सीज

Table of Contents

 बिना लाइसेंस दूध पैकेजिंग पर कार्रवाई: सतना में डेयरी पर छापा, मशीन सीज

सतना: सतना में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिना लाइसेंस दूध पैकेजिंग कर रही डेयरी पर छापा मारा. कार्रवाई में मशीन सीज की गई और 75 पैकेट दूध जब्त किए गए.

सतना जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिना वैध लाइसेंस के दूध की पैकेजिंग कर रही एक डेयरी पर बड़ी कार्रवाई की है. विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान दूध पैकेजिंग में इस्तेमाल की जा रही मशीन को सीज कर दिया, वहीं मौके से 75 पैकेट दूध जब्त किए गए. यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और उपभोक्ताओं की सेहत से जुड़े गंभीर खतरे को देखते हुए की गई.

खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई जिले में मिलावटी और अवैध खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताई जा रही है.

बिना लाइसेंस चल रही थी दूध पैकेजिंग यूनिट

जानकारी के अनुसार, संबंधित डेयरी बिना किसी वैध खाद्य लाइसेंस के दूध की पैकेजिंग कर रही थी. जांच के दौरान यह पाया गया कि डेयरी संचालक के पास न तो फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) का लाइसेंस था और न ही आवश्यक स्वच्छता मानकों का पालन किया जा रहा था.

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि बिना लाइसेंस दूध पैकेजिंग करना कानूनन अपराध है और इससे आम जनता की सेहत को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है.

छापेमारी में क्या-क्या जब्त हुआ

छापे के दौरान विभाग की टीम ने मौके से दूध पैक करने वाली मशीन को सीज कर दिया. इसके अलावा तैयार हालत में रखे गए 75 पैकेट दूध भी जब्त किए गए. इन पैकेट्स को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि दूध की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है या नहीं.

अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में दूध की गुणवत्ता खराब या मिलावटी पाई जाती है, तो डेयरी संचालक के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी.

यह भी पढ़ें- ‘देश बेचा’ से ‘डरे हुए पीएम’ तक: राहुल गांधी के आरोपों में कितना तथ्य, कितना सियासी दांव?

खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्त चेतावनी

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री का उत्पादन, पैकेजिंग या बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. विभाग ने यह भी कहा कि दूध जैसे दैनिक उपभोग के उत्पाद में लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ है.

अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में जिलेभर में इसी तरह की और भी जांच व छापेमारी की जाएगी.

उपभोक्ताओं की सेहत पर सीधा असर

दूध एक आवश्यक खाद्य पदार्थ है, जिसे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग नियमित रूप से सेवन करते हैं. ऐसे में बिना लाइसेंस और बिना जांच के पैकेज किया गया दूध कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है. दूषित या खराब गुणवत्ता वाला दूध फूड पॉइजनिंग, पेट से जुड़ी बीमारियों और संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है.

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को हमेशा लाइसेंस प्राप्त और प्रमाणित ब्रांड का ही दूध खरीदना चाहिए.

डेयरी संचालक पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, डेयरी संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है. नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है.

विभाग ने डेयरी संचालक को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी.

यह भी पढ़ें-Indore Water Testing Lab News: 85 वार्डों में बनेंगी वाटर टेस्टिंग लैब, निगम ने जारी किए टेंडर

जिले में लगातार हो रही हैं खाद्य सुरक्षा जांच

सतना जिले में पिछले कुछ समय से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिठाई दुकानों, डेयरियों, होटल और रेस्टोरेंट्स पर नियमित जांच की जा रही है. त्योहारों और गर्मी के मौसम को देखते हुए दूध और दूध से बने उत्पादों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.

विभाग का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों का उद्देश्य व्यापारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि आम जनता को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है.

आम लोगों से की गई अपील

खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी मिलावटी या संदिग्ध खाद्य पदार्थ की बिक्री होती दिखे, तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें. लोगों की जागरूकता से ही ऐसे अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है.

साथ ही उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे दूध या अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेट पर लाइसेंस नंबर और एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें.

निष्कर्ष

सतना में बिना लाइसेंस दूध पैकेजिंग कर रही डेयरी पर खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई एक सख्त संदेश है. यह साफ करता है कि नियमों की अनदेखी कर खाद्य सामग्री का व्यापार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

यह मामला न केवल प्रशासन की सतर्कता को दर्शाता है, बल्कि आम लोगों के लिए भी चेतावनी है कि वे अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहें और केवल प्रमाणित उत्पादों का ही इस्तेमाल करें.

यह भी पढ़ें- वांगचुक की हिरासत पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी