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Toggleरीवा: भीषण गर्मी में बिजली संकट गहराया, शहर में बिजली कटौती का कहर
शहर में अघोषित बिजली कटौती से लोग भारी परेशानी झेल रहे हैं. भीषण गर्मी में घंटों बिजली गुल रहने से पानी सप्लाई, जानिए पूरा मामला.
भीषण गर्मी के इस दौर में शहरवासियों की सबसे बड़ी परेशानी पानी और बिजली बन चुकी है. तापमान लगातार बढ़ रहा है और ऐसे समय में अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं. दिन हो या रात, अचानक घंटों बिजली गुल हो जाना अब आम बात बन चुकी है. इससे न केवल घरेलू जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि पानी की सप्लाई, व्यापारिक गतिविधियां और बच्चों की पढ़ाई तक पर गंभीर असर पड़ रहा है.
शहर के नेहरू नगर से उरहट तक कई इलाकों में लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग में शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती. फोन रिसीव नहीं किए जाते और जिम्मेदार अधिकारी जवाब देने से बचते नजर आते हैं.
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कई मोहल्लों में घंटों बिजली गुल
नेहरू नगर, सरदार पटेल न्यू बस स्टैंड, कोलान बस्ती, चूना भट्टा, बरा, समान, मानस नगर, उरहट, आजाद नगर सहित कई क्षेत्रों में दोपहर और रात के समय बिजली सप्लाई बार-बार बाधित हो रही है. लोग बताते हैं कि तेज गर्मी के दौरान अचानक बिजली चले जाने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है.
विशेष रूप से दोपहर के समय जब तापमान अपने चरम पर होता है, तब बिजली कटौती लोगों के लिए किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं होती. कूलर, पंखे और एसी बंद हो जाते हैं, जिससे घरों में रहना मुश्किल हो जाता है.
पानी संकट भी गहराया
बिजली कटौती का सबसे बड़ा असर पानी सप्लाई पर देखने को मिल रहा है. कई इलाकों में बिजली नहीं रहने के कारण मोटर और पंप नहीं चल पा रहे हैं, जिससे टंकियों तक पानी नहीं पहुंच रहा. इससे लोगों को पीने के पानी तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.
कई परिवारों को सुबह-सुबह पानी भरने के लिए लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है. महिलाएं और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं. गर्मी के मौसम में पानी की कमी स्थिति को और गंभीर बना रही है.
मेंटेनेंस के नाम पर जनता परेशान
स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्युत वितरण कंपनी अक्सर मेंटेनेंस का हवाला देकर घंटों बिजली बंद रखती है, लेकिन सुधार की स्थिति कहीं दिखाई नहीं देती. सवाल यह उठता है कि यदि नियमित मेंटेनेंस हो रहा है, तो फिर बार-बार फॉल्ट क्यों सामने आ रहे हैं?
लोगों का आरोप है कि विभाग केवल कागजों में काम दिखा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है. शहर के कई हिस्सों में पुराने ट्रांसफार्मर, जर्जर लाइनें और ओवरलोडिंग जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं.
शिकायतों पर नहीं मिल रहा समाधान
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती. कई बार फोन तक रिसीव नहीं किए जाते. यदि कोई कर्मचारी मौके पर पहुंचता भी है, तो अस्थायी समाधान देकर लौट जाता है, जिससे समस्या दोबारा खड़ी हो जाती है.
इस लापरवाही से लोगों में विभाग के प्रति अविश्वास बढ़ता जा रहा है. नागरिकों का कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक हालात नहीं सुधरेंगे.
ग्रामीण क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित
महगांव, मानिकवार फीडर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली कटौती का सिलसिला लगातार जारी है. ग्रामीणों का कहना है कि शादी-विवाह के सीजन में बार-बार बिजली जाने से सामाजिक कार्यक्रमों में भी भारी दिक्कत हो रही है.
खेती-किसानी पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है. सिंचाई के लिए बिजली पर निर्भर किसान परेशान हैं. रात में बिजली आने की अनिश्चितता ने किसानों की दिनचर्या पूरी तरह बिगाड़ दी है.
प्रशासन से लोगों की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से मांग की है कि अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए. जिन इलाकों में तकनीकी समस्या है, वहां स्थायी समाधान किया जाए. साथ ही शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके.
लोगों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं बाधित होना किसी भी शहर के लिए गंभीर चिंता का विषय है. यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो जनआक्रोश और बढ़ सकता है.
जिम्मेदारी तय होना जरूरी
बिजली संकट केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का भी मुद्दा है. जनता नियमित बिल भुगतान करती है, ऐसे में उसे निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलना उसका अधिकार है. बार-बार की कटौती और विभागीय उदासीनता ने लोगों का धैर्य तोड़ दिया है.
अब जरूरत है कि विभाग केवल आश्वासन देने के बजाय जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करे. पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित समाधान ही इस संकट से बाहर निकलने का रास्ता है.
निष्कर्ष
शहर में अघोषित बिजली कटौती ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. गर्मी के इस मौसम में बिजली और पानी दोनों की समस्या ने लोगों को परेशान कर रखा है. प्रशासन और बिजली विभाग को इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान निकालना होगा.
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