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शहडोल: 30 बेजुबान मवेशियों को बचाया, तस्कर गिरफ्तार

शहडोल: 30 बेजुबान मवेशियों को बचाया, तस्कर गिरफ्ता

शहडोल: 30 बेजुबान मवेशियों को बचाया, तस्कर गिरफ्तार

शहडोल: जिले में पुलिस ने मवेशी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 बेजुबान पशुओं को सुरक्षित बचा लिया. ये मवेशी ट्रकों में बेरहमी से ठूंसकर कानपुर के कत्लखानों की ओर ले जाए जा रहे थे.

पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल पशु तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का भी खुलासा किया है.

ट्रकों में ठूंसकर ले जाए जा रहे थे मवेशी

जानकारी के अनुसार, सीधी थाना क्षेत्र में पुलिस को संदिग्ध वाहनों की सूचना मिली थी. कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ट्रकों को रोका और जांच की, जिसमें पाया गया कि दर्जनों मवेशियों को अमानवीय तरीके से भरा गया था.

मवेशियों की हालत बेहद खराब थी, जिससे साफ जाहिर होता है कि उन्हें लंबे सफर के लिए बिना किसी व्यवस्था के ले जाया जा रहा था.

दो आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में हुआ खुलासा

पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान अली असगर (निवासी इलाहाबाद) और सनी साकेत (निवासी सतना) के रूप में हुई है.

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे ट्रक मालिक मोबिन खान और सौरभ जायसवाल के कहने पर इन मवेशियों को कानपुर ले जा रहे थे. इस खुलासे के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है.

शहडोल: 30 बेजुबान मवेशियों को बचाया, तस्कर गिरफ्तार
शहडोल: 30 बेजुबान मवेशियों को बचाया, तस्कर गिरफ्तार

45 लाख की संपत्ति जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने न केवल मवेशियों को मुक्त कराया, बल्कि ट्रकों सहित जब्त की गई संपत्ति की कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई जा रही है. यह कार्रवाई आर्थिक रूप से भी तस्करों के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है.

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गौशाला में भेजे गए मवेशी

मुक्त कराए गए सभी मवेशियों को सुरक्षित गौशाला भेज दिया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है. पशु चिकित्सकों द्वारा उनकी स्वास्थ्य जांच भी कराई जा रही है.

सख्त धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और मध्य प्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा.

पशु तस्करी पर प्रशासन की सख्ती

इस कार्रवाई से साफ संकेत मिलता है कि प्रशासन पशु तस्करी को लेकर पूरी तरह सख्त है. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए यह बड़ी सफलता हासिल की है.

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल अवैध तस्करी पर रोक लगेगी, बल्कि पशुओं के प्रति क्रूरता के मामलों में भी कमी आएगी.

निष्कर्ष

शहडोल में की गई यह कार्रवाई मानवता और कानून दोनों की जीत है. 30 बेजुबान मवेशियों को बचाकर पुलिस ने सराहनीय कार्य किया है. अब देखना होगा कि जांच में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं और प्रशासन इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने में कितना सफल होता है.

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