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रामपुर: रेलवे कार्य को लेकर विवाद, धरना बना चर्चा का विषय

रामपुर: रेलवे कार्य को लेकर विवाद, धरना बना चर्चा का विषय

रामपुर: रेलवे कार्य को लेकर विवाद, धरना बना चर्चा का विषय

रामपुर: सीधी जिले के रामपुर नैकिन क्षेत्र में रेलवे निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. यहां बाल कल्याण समिति की सदस्य और अधिवक्ता रंजना मिश्रा ने नाबालिग बालिकाओं के साथ धरना प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया.

यह मामला तब तूल पकड़ गया जब प्रदर्शन के दौरान आत्मदाह जैसी चेतावनी दी गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

अधूरी सड़क बनी विवाद की वजह

जानकारी के अनुसार, जिस स्थान पर रेलवे लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है, वहां पहले से मौजूद सड़क को तोड़ा गया है. नई अप्रोच रोड बनाई जा रही है, लेकिन अभी उसका निर्माण अधूरा है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि अधूरी सड़क के कारण आवागमन में काफी परेशानी हो रही है. इसी मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया.

रामपुर: रेलवे कार्य को लेकर विवाद, धरना बना चर्चा का विषय
रामपुर: रेलवे कार्य को लेकर विवाद, धरना बना चर्चा का विषय

“आत्मदाह” की चेतावनी से बढ़ा तनाव

धरने के दौरान रंजना मिश्रा ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द सड़क का निर्माण पूरा नहीं हुआ, तो वे आत्मदाह कर लेंगी. उन्होंने यहां तक कहा कि “हमारी लाशों के ऊपर से रेलवे का काम किया जाए.”

इस बयान के बाद मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया और प्रशासन भी सतर्क हो गया.

नाबालिगों की मौजूदगी पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा विवाद नाबालिग बालिकाओं की मौजूदगी को लेकर हुआ है. बाल संरक्षण से जुड़े पद पर रहते हुए बच्चों को इस तरह के विरोध प्रदर्शन में शामिल करना नियमों के खिलाफ माना जा रहा है.

इस पहलू को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है और कई लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं.

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तहसीलदार और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस

घटना की सूचना मिलने पर रामपुर नैकिन के तहसीलदार आशीष मिश्रा मौके पर पहुंचे. यहां उनकी रंजना मिश्रा से तीखी बहस हुई.

रंजना मिश्रा ने आरोप लगाया कि उन्हें सड़क निर्माण को लेकर गलत जानकारी दी गई थी, जबकि मौके पर स्थिति अलग है. वहीं तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि रेलवे का कार्य नियमों के अनुसार जारी रहेगा.

प्रशासन का सख्त रुख

तहसीलदार आशीष मिश्रा ने साफ कहा कि किसी भी प्रकार का अनैतिक दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि यह विरोध व्यक्तिगत हितों से प्रेरित प्रतीत होता है.

उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

लोगों की बंटी हुई राय

इस विवाद को लेकर स्थानीय लोगों की राय भी अलग-अलग है. कुछ लोग सड़क की समस्या को सही मानते हैं और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं.

वहीं कई लोग इस विरोध को राजनीतिक या व्यक्तिगत हितों से जोड़कर देख रहे हैं, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील बन गया है.

प्रशासन की नजर मामले पर

फिलहाल प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और आत्मदाह जैसी चेतावनी ने इस मामले को और ज्यादा गंभीर बना दिया है.

नाबालिगों की भागीदारी और विवादित बयान के कारण यह विरोध अब कानूनी और सामाजिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है.

निष्कर्ष

रामपुर नैकिन में रेलवे निर्माण को लेकर हुआ यह विवाद कई सवाल खड़े करता है—चाहे वह अधूरी सड़क का मुद्दा हो या विरोध के तरीके. जरूरत है कि प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर शांतिपूर्ण तरीके से समाधान निकालें, ताकि विकास कार्य भी जारी रहे और जनता की समस्याएं भी दूर हों.

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