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रीवा : रीवा में कफ सिरप गैंग का भंडाफोड़, 608 शीशी नशीली कफ सिरप जब्त

रीवा में नशे के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस की बड़ी कार्रवाई थाने के पास चाय बेचने वाला युवक निकला नशे का सौदागर। पुलिस ने 608 शीशी नशीली कफ सिरप के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर 1.52 लाख रुपए का माल जब्त किया

रीवा : रीवा में कफ सिरप गैंग का भंडाफोड़, 608 शीशी नशीली कफ सिरप जब्त

मध्यप्रदेश के रीवा जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिविल लाइन थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 608 शीशी नशीली कफ सिरप बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. जब्त किए गए नशीले माल की कीमत करीब 1 लाख 52 हजार रुपए बताई जा रही है.

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी थाने के आसपास ही रहकर लंबे समय से इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहा था. आरोपी चाय बेचने की आड़ में नशीली कफ सिरप की सप्लाई कर रहा था और पुलिस की गतिविधियों पर भी नजर बनाए रखता था.

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झिरिया मोहल्ले में पुलिस की दबिश

पूरा मामला रीवा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित झिरिया मोहल्ले का है. पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि इलाके में एक युवक बड़े स्तर पर नशीली कफ सिरप का कारोबार कर रहा है. सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विजय सिंह बघेल के नेतृत्व में टीम गठित की गई और आरोपी पर नजर रखी जाने लगी.

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. इसके बाद पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी, जहां से भारी मात्रा में नशीली कफ सिरप बरामद हुई. पुलिस ने मौके से 608 शीशी कफ सिरप जब्त कर आरोपी मोहन जोशी को गिरफ्तार कर लिया.

चाय दुकान की आड़ में चल रहा था नशे का नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के पिता की चाय दुकान सिविल लाइन थाने के पास संचालित होती है. आरोपी लंबे समय से वहीं चाय बेचने का काम करता था.

थाने के आसपास रहने और पुलिसकर्मियों की गतिविधियों की जानकारी होने का फायदा उठाकर उसने अपना नेटवर्क तैयार कर लिया. आरोप है कि वह युवाओं तक नशीली कफ सिरप पहुंचाने का काम करता था.

स्थानीय लोगों के मुताबिक आरोपी सामान्य युवक की तरह व्यवहार करता था, इसलिए किसी को उस पर शक नहीं हुआ. लेकिन पुलिस को लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद आखिरकार उसका भंडाफोड़ हो गया.

पूछताछ में महिला मित्र का नाम आया सामने

पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने अपनी एक महिला मित्र का नाम भी बताया है. आरोपी ने खुलासा किया कि उसी महिला के जरिए नशीली कफ सिरप की खेप उसके पास पहुंचती थी.

अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर यह नशीला माल कहां से लाया जाता था और किन-किन इलाकों में इसकी सप्लाई की जाती थी.

संभावना जताई जा रही है कि इस गिरोह के तार जिले के बाहर तक जुड़े हो सकते हैं.

युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना

रीवा सहित प्रदेश के कई जिलों में नशीली कफ सिरप और प्रतिबंधित दवाओं का अवैध कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. खासतौर पर युवा वर्ग इस नशे की गिरफ्त में आ रहा है.

विशेषज्ञों के अनुसार नशीली कफ सिरप का अधिक मात्रा में सेवन करने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है. लंबे समय तक इसका इस्तेमाल लत का रूप ले लेता है, जिससे युवाओं का भविष्य बर्बाद हो सकता है.

पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी सीधे युवाओं तक नशे की सप्लाई कर रहा था.

पुलिस अब नेटवर्क खंगालने में जुटी

सिविल लाइन पुलिस अब आरोपी के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, संपर्क सूत्रों और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कितने समय से इस कारोबार में सक्रिय था और उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं.

सूत्रों की मानें तो पुलिस जल्द ही इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी कर सकती है.

थाना प्रभारी विजय सिंह बघेल ने कहा कि जिले में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी हालत में नशे का कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

रीवा में बढ़ता नशे का खतरा

रीवा शहर में बीते कुछ समय से नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. कभी गांजा, कभी शराब तो कभी प्रतिबंधित दवाओं की खेप पकड़ी जा रही है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस नेटवर्क पर सख्ती नहीं की गई तो आने वाले समय में युवाओं में नशे की लत गंभीर सामाजिक समस्या बन सकती है.

ऐसे में पुलिस प्रशासन के साथ-साथ समाज और परिवारों की भी जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूक करें.

पुलिस की कार्रवाई से इलाके में हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद झिरिया मोहल्ले और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया. स्थानीय लोग भी हैरान हैं कि थाने के इतने करीब रहकर आरोपी लंबे समय से नशे का कारोबार चला रहा था.

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है. उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

निष्कर्ष

रीवा पुलिस की यह कार्रवाई नशे के खिलाफ एक बड़ा संदेश है. चाय बेचने की आड़ में चल रहे इस अवैध कारोबार का खुलासा यह साबित करता है कि नशे का नेटवर्क अब आम इलाकों तक फैल चुका है.

जरूरत इस बात की है कि प्रशासन, पुलिस और समाज मिलकर ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाएं, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सके.

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