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मऊगंज: नईगढ़ी में अवैध मुरुम खनन पर बड़ी कार्रवाई, 4 ट्रैक्टर और जेसीबी जब्त

सरकारी तालाब में चल रहा था अवैध मुरुम उत्खनन, प्रशासन ने दिखाई सख्ती। पुलिस की कार्रवाई में 4 ट्रैक्टर और एक जेसीबी जब्त, खनन माफियाओं पर कसा शिकंजा

मऊगंज: नईगढ़ी में अवैध मुरुम खनन पर बड़ी कार्रवाई, 4 ट्रैक्टर और जेसीबी जब्त

मऊगंज: जिले के नईगढ़ी क्षेत्र में अवैध खनिज उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार ट्रैक्टर और एक जेसीबी मशीन को जब्त किया है. यह कार्रवाई नगर परिषद नईगढ़ी के वार्ड क्रमांक-8 स्थित सिगदार तालाब में चल रहे अवैध मुरुम उत्खनन के मामले में की गई है. प्रशासन की इस कार्रवाई को खनिज माफियाओं के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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रात के अंधेरे में चल रहा था अवैध उत्खनन

जानकारी के अनुसार, नगर परिषद नईगढ़ी के वार्ड क्रमांक-8 में स्थित सिगदार तालाब क्षेत्र में रात के समय बड़े पैमाने पर अवैध मुरुम खनन किया जा रहा था स्थानीय स्तर पर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन को इस गतिविधि की सूचना प्राप्त हुई.

बताया जा रहा है कि खनन कार्य ऐसे स्थान पर किया जा रहा था जहां शासन द्वारा तालाब के संरक्षण और विकास के लिए करोड़ों नहीं तो लाखों रुपये की राशि खर्च की जा रही है. इसके बावजूद खनिज माफिया सरकारी नियमों और पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी करते हुए लगातार मुरुम निकालने में जुटे हुए थे.

30 लाख की लागत से चल रहा है तालाब का कायाकल्प

जिस क्षेत्र में अवैध उत्खनन किया जा रहा था, वहां लगभग 30 लाख रुपये की लागत से शासकीय तालाब के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण का कार्य जारी है. ऐसे में अवैध खुदाई न केवल सरकारी परियोजना को नुकसान पहुंचा रही थी, बल्कि तालाब के संरक्षण और जल संरचना पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका थी.

विशेषज्ञों का मानना है कि तालाबों और जल स्रोतों के आसपास इस तरह का अवैध खनन भू-जल स्तर, पर्यावरण संतुलन और भविष्य की जल उपलब्धता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.

नगर परिषद की टीम ने किया रोकने का प्रयास

सूत्रों के मुताबिक, अवैध खनन की जानकारी मिलने के बाद नगर परिषद नईगढ़ी की टीम मौके पर पहुंची और उत्खनन कार्य को रोकने का प्रयास किया. हालांकि प्रारंभिक हस्तक्षेप के बावजूद अवैध गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं हो सकीं.

स्थिति को गंभीर देखते हुए नगर परिषद के अधिकारियों ने तत्काल प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी दी और कार्रवाई की मांग की.

एसडीएम के निर्देश पर पुलिस की छापेमार कार्रवाई

मामले की सूचना मिलने के बाद एसडीएम एपी द्विवेदी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. प्रशासनिक आदेश मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमार कार्रवाई की.

कार्रवाई के दौरान अवैध खनन में उपयोग किए जा रहे चार ट्रैक्टर और एक जेसीबी मशीन को जब्त कर लिया गया. पुलिस की इस कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया.

खनिज विभाग को सौंपा गया मामला

प्रशासन ने जब्त किए गए वाहनों और मशीनरी से संबंधित पूरे मामले को आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई के लिए खनिज विभाग को सौंप दिया है. अब खनिज विभाग द्वारा यह जांच की जाएगी कि अवैध उत्खनन में किन लोगों की भूमिका रही और उनके खिलाफ किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

अवैध खनन पर प्रशासन की सख्ती

मऊगंज जिले में अवैध खनन लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है. समय-समय पर कार्रवाई होने के बावजूद कई क्षेत्रों में खनिज माफिया सक्रिय नजर आते हैं. ऐसे में नईगढ़ी में हुई यह कार्रवाई प्रशासन के सख्त रुख को दर्शाती है.

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसी प्रकार नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई जारी रही तो अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है.

क्या टूटेगा अवैध खनन का नेटवर्क?

नईगढ़ी के सिगदार तालाब में हुई कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन केवल वाहनों की जब्ती तक सीमित रहेगा या फिर इस पूरे नेटवर्क के पीछे सक्रिय लोगों तक भी पहुंचेगा. क्षेत्र के नागरिकों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और अवैध खनन में शामिल सभी जिम्मेदार व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी.

फिलहाल प्रशासन की इस कार्रवाई ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि सरकारी संपत्तियों और प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. अब सभी की नजरें खनिज विभाग की आगामी जांच और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.

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