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उमरिया: बांधवगढ़ में संदिग्ध हालात में बाघ की मौत, जांच शुरू

उमरिया: बांधवगढ़ में संदिग्ध हालात में बाघ की मौत, जांच शुरू

उमरिया: बांधवगढ़ में संदिग्ध हालात में बाघ की मौत, जांच शुरू

उमरिया: मध्यप्रदेश के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है. मानपुर बफर क्षेत्र की मानपुर बीट में 4 से 5 वर्ष आयु के एक बाघ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी. राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की निर्धारित गाइडलाइन के तहत पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर ली गई है. वहीं, बाघ की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए विसरा सहित अन्य नमूनों को उच्च स्तरीय प्रयोगशाला भेजा गया है. वर्ष 2026 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में यह 10वीं बाघ मौत है, जिसने वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है.

मानपुर बफर क्षेत्र में मिला बाघ का शव

वन विभाग के अनुसार बाघ का शव मानपुर बफर के मानपुर बीट क्षेत्र में मिला. नियमित गश्त के दौरान कर्मचारियों की नजर शव पर पड़ी, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई. सूचना मिलते ही फील्ड डायरेक्टर, वन अधिकारी, पशु चिकित्सकों की टीम और अन्य विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे. पूरे घटनास्थल को सुरक्षित किया गया ताकि किसी भी महत्वपूर्ण साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो सके.

प्रारंभिक जांच में मृत बाघ की आयु लगभग 4 से 5 वर्ष आंकी गई है. हालांकि मौत के कारणों को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. वन विभाग का कहना है कि वैज्ञानिक जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएंगे.

उमरिया: बांधवगढ़ में संदिग्ध हालात में बाघ की मौत, जांच शुरू
उमरिया: बांधवगढ़ में संदिग्ध हालात में बाघ की मौत, जांच शुरू

डॉग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टर से की गई जांच

घटनास्थल पर किसी भी तरह के संदिग्ध साक्ष्य की तलाश के लिए विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया गया. वन विभाग ने डॉग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टर की मदद से पूरे इलाके की बारीकी से जांच की. टीम ने आसपास के क्षेत्र में कई घंटे तक तलाशी अभियान चलाया.

जांच के दौरान इस बात का भी परीक्षण किया गया कि कहीं बाघ की मौत किसी अवैध शिकार, जहर या अन्य आपराधिक गतिविधि से तो नहीं जुड़ी है. फिलहाल अधिकारियों ने किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है.

NTCA की SOP के अनुसार हुई कार्रवाई

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार मृत बाघ का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में कराया गया. पोस्टमार्टम के बाद बाघ के शव का नियमानुसार अंतिम संस्कार किया गया.

इसके साथ ही विसरा, रक्त, ऊतक और अन्य आवश्यक जैविक नमूने सुरक्षित रखकर वैज्ञानिक परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बाघ की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है.

वर्ष 2026 में 10वीं बाघ मौत

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वर्ष 2026 के दौरान लगातार बाघों की मौत के मामले सामने आए हैं. ताजा घटना के बाद इस वर्ष मृत बाघों की संख्या 10 हो गई है.

लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि हर मामले की अलग-अलग वैज्ञानिक जांच जरूरी है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

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देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व में शामिल है बांधवगढ़

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व देश के सबसे महत्वपूर्ण टाइगर लैंडस्केप में गिना जाता है. यहां बाघों की अच्छी संख्या होने के कारण देश-विदेश से हजारों पर्यटक हर वर्ष सफारी के लिए पहुंचते हैं.

बाघों के संरक्षण के लिए यहां नियमित गश्त, कैमरा ट्रैप मॉनिटरिंग, एंटी-पोचिंग टीम और आधुनिक निगरानी व्यवस्था लागू की गई है. इसके बावजूद लगातार हो रही बाघों की मौतें कई गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं.

रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा

वन विभाग ने फिलहाल बाघ की मौत को संदिग्ध मानते हुए जांच जारी रखी है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा जांच और वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद ही मौत का वास्तविक कारण सार्वजनिक किया जाएगा.

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है. वन विभाग का कहना है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अवैध शिकार या अन्य आपराधिक गतिविधि सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

रिपोर्ट: संजय विश्वकर्मा 

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