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Toggleउमरिया: पटवारी हड़ताल से सीमांकन और गिरदावरी के काम प्रभावित
उमरिया: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब आम लोगों पर भी दिखाई देने लगा है. जिलेभर के पटवारी मध्यप्रदेश पटवारी संघ के बैनर तले अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए हैं. हड़ताल के चलते सीमांकन, गिरदावरी, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने जारी है धरना
उमरिया जिले के सभी पटवारी कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. पटवारियों का कहना है कि उनकी तीन सूत्रीय मांगों पर लंबे समय से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. कई बार शासन और प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखने के बावजूद समाधान नहीं निकला, जिसके बाद उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है.
पटवारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
राजस्व सेवाओं पर पड़ा सीधा असर
पटवारियों की हड़ताल का सबसे अधिक असर राजस्व विभाग के दैनिक कार्यों पर पड़ रहा है. सीमांकन, गिरदावरी, नामांतरण, बंटवारा, फसल संबंधी रिकॉर्ड और अन्य राजस्व सेवाएं प्रभावित हो गई हैं. कई ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसान अपने काम के लिए राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पटवारियों के नहीं होने से उनके कार्य लंबित हो रहे हैं.
विशेष रूप से खरीफ सीजन के दौरान गिरदावरी और भूमि संबंधी कार्यों में देरी किसानों की चिंता बढ़ा सकती है.
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किसानों और आम नागरिकों की बढ़ी परेशानी
हड़ताल का सीधा असर उन किसानों पर पड़ रहा है जिन्हें सीमांकन, फसल रिकॉर्ड, भूमि दस्तावेज और अन्य राजस्व कार्यों की आवश्यकता है. कई लोग दूर-दराज के गांवों से कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें बिना काम के वापस लौटना पड़ रहा है.
भूमि संबंधी मामलों के लंबित होने से कई प्रशासनिक और व्यक्तिगत कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं.
तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
मध्यप्रदेश पटवारी संघ के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में जिलेभर के पटवारी शामिल हैं. संघ का कहना है कि उनकी तीन प्रमुख मांगों को लेकर लंबे समय से शासन का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है. इसी कारण अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया गया.
पटवारी संघ का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
पटवारी संघ अध्यक्ष ने क्या कहा
जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और सभी पटवारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं. उन्होंने कहा कि जब तक शासन उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी.
आगे क्या होगा
फिलहाल उमरिया जिले में राजस्व सेवाएं प्रभावित हैं और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अब सभी की निगाहें शासन और पटवारी संघ के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हैं. यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो राजस्व कार्यों का लंबित होना किसानों और नागरिकों की समस्याएं और बढ़ा सकता है.
रिपोर्ट: संजय विश्वकर्मा