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इंदौर के भागीरथपुरा में लापरवाही की परतें उजागर, 8 साल पहले मिल चुका था दूषित पानी का अलर्ट; जांच रिपोर्ट में खुलासा

 इंदौर

भागीरथपुरा दूषित पानी कांड की जांच रिपोर्ट पर गुरुवार को हाई कोर्ट में अंतिम बहस होना थी, लेकिन कोर्ट का समय समाप्त होने से टल गई। अब कोर्ट 17 नवंबर को अंतिम बहस सुनेगी। गौरतलब है कि दिसंबर-जनवरी में भागीरथपुरा में दूषित पानी की वजह से हुई 36 मौत हुई थी। मामले को लेकर हाई कोर्ट में सात जनहित याचिकाएं चल रही हैं।

इन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया था। लगभग तीन माह पहले आयोग अपनी सील बंद रिपोर्ट कोर्ट को दे चुका है। कोर्ट के आदेश के बाद 600 से ज्यादा पेज की इस रिपोर्ट को हाई कोर्ट की साइट पर अपलोड कर दिया गया है। यह सामने आया है आयोग की रिपोर्ट में जांच आयोग की रिपोर्ट के अंतिम 112 पेजों में रिपोर्ट का सार है।