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Toggleरीवा: आयुर्वेद कॉलेज में आंदोलन, गेट पर ताला
रीवा: रीवा आयुर्वेद कॉलेज में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर बीएएमएस इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन छठवें दिन भी जारी है. प्रदर्शनकारियों ने मुख्य गेट पर ताला लगाया.शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में बीएएमएस इंटर्न चिकित्सकों का आंदोलन लगातार छठवें दिन भी जारी है. स्टाइपेंड बढ़ाने और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न चिकित्सकों ने कॉलेज के मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध जताया. आंदोलनकारी मध्य प्रदेश में मिलने वाले मासिक स्टाइपेंड को दूसरे राज्यों के बराबर करने की मांग कर रहे हैं.
इंटर्न चिकित्सकों का कहना है कि वर्तमान स्टाइपेंड उनकी मांगों और दूसरे राज्यों में मिलने वाली राशि की तुलना में कम है. वहीं, कॉलेज प्रबंधन ने बताया है कि उनकी मांगों से शासन को अवगत करा दिया गया है. अब आंदोलनकारियों को शासन के निर्णय का इंतजार है.
छठवें दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
रीवा के आयुर्वेद कॉलेज में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न चिकित्सक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. आंदोलन के छठवें दिन प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया. इसके जरिए उन्होंने अपनी मांगों की ओर शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया.
इंटर्न चिकित्सकों की प्रमुख मांग मासिक स्टाइपेंड में बढ़ोतरी करना है. इसके अलावा वे संबंधित नियमों के अनुरूप भुगतान और आयुष चिकित्सा संस्थानों में भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी आवश्यक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं.
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर शासन को ज्ञापन भी भेजा है. उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनकी समस्याओं का समाधान अधूरा रहेगा.
मध्य प्रदेश में 9,383 रुपये मासिक स्टाइपेंड का दावा
आंदोलनकारियों की ओर से प्रस्तुत ज्ञापन के अनुसार, मध्य प्रदेश में बीएएमएस इंटर्न चिकित्सकों को वर्तमान में लगभग 9,383 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है. इंटर्न चिकित्सकों ने दूसरे राज्यों में मिलने वाली राशि का हवाला देकर इसमें बढ़ोतरी की मांग की है.
ज्ञापन में प्रस्तुत तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 33,099 रुपये, ओडिशा में 30,000 रुपये और तेलंगाना में 29,792 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलने का उल्लेख किया गया है.
इन आंकड़ों के आधार पर प्रदर्शनकारी मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने और दूसरे राज्यों के बराबर भुगतान करने की मांग कर रहे हैं. हालांकि, ये आंकड़े आंदोलनकारियों की ओर से दिए गए ज्ञापन पर आधारित हैं.
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स्टाइपेंड में समानता की मांग
इंटर्न चिकित्सकों का कहना है कि अलग-अलग राज्यों में स्टाइपेंड की राशि में बड़ा अंतर है. इससे मध्य प्रदेश में प्रशिक्षण ले रहे इंटर्न चिकित्सकों को दूसरे राज्यों के मुकाबले कम राशि मिल रही है.
उनकी मांग है कि सरकार स्टाइपेंड की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करे. साथ ही संबंधित नियमों के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक संशोधन किए जाएं.
प्रदर्शनकारियों ने शासन से इस विषय पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है. उनका कहना है कि मांगों पर स्पष्ट निर्णय होने से इंटर्न चिकित्सकों के बीच बनी असमंजस की स्थिति दूर हो सकती है.
भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी उठाई मांग
स्टाइपेंड बढ़ाने के अलावा इंटर्न चिकित्सकों ने आयुष चिकित्सा संस्थानों में भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी आवश्यक कदम उठाने की मांग की है.
आंदोलनकारियों ने अपने ज्ञापन में इन मुद्दों को शामिल करते हुए शासन का ध्यान आकर्षित किया है. हालांकि, भर्ती प्रक्रिया से संबंधित उनकी मांगों के विस्तृत बिंदुओं की जानकारी उपलब्ध नहीं है.
इंटर्न चिकित्सकों का कहना है कि उनकी मांगों पर समग्र रूप से विचार किया जाना चाहिए. इससे आयुष चिकित्सा संस्थानों से जुड़े मुद्दों के समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है.
प्राचार्य ने कहा, शासन तक पहुंचाई गई मांगें
इस मामले में आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक कुलश्रेष्ठ ने बताया कि इंटर्न चिकित्सकों की मांगों पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उनकी बात शासन तक पहुंचा दी गई है.
प्राचार्य के अनुसार, मांगों पर अंतिम निर्णय शासन स्तर से लिया जाना है. ऐसे में कॉलेज प्रबंधन की भूमिका मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और आगे की प्रक्रिया से जुड़ी है.
फिलहाल, शासन की ओर से अंतिम निर्णय सामने आने का इंतजार है. इसी बीच इंटर्न चिकित्सकों का आंदोलन जारी है.
आंदोलन के समाधान पर टिकी नजरें
लगातार छह दिनों से जारी प्रदर्शन के कारण मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. एक ओर इंटर्न चिकित्सक स्टाइपेंड में बढ़ोतरी और अन्य मांगों पर कार्रवाई चाहते हैं. दूसरी ओर, कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि मामला शासन के संज्ञान में लाया जा चुका है.
ऐसे में दोनों पक्षों के बीच संवाद महत्वपूर्ण हो सकता है. शासन स्तर पर समयबद्ध निर्णय होने से आंदोलन से जुड़े मुद्दों का समाधान निकालने में मदद मिल सकती है.
साथ ही यह भी जरूरी है कि विरोध और मांगों के बीच कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों तथा चिकित्सकीय सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखा जाए.
निष्कर्ष
रीवा आयुर्वेद कॉलेज में बीएएमएस इंटर्न चिकित्सकों का आंदोलन छठवें दिन भी जारी है. स्टाइपेंड बढ़ाने, भुगतान संबंधी नियमों में संशोधन और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शनकारी शासन से निर्णय की मांग कर रहे हैं.
प्राचार्य डॉ. दीपक कुलश्रेष्ठ के अनुसार, मांगें शासन तक पहुंचा दी गई हैं. अब आगे की स्थिति शासन के फैसले पर निर्भर करेगी. इंटर्न चिकित्सकों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर उचित विचार कर जल्द समाधान निकाला जाएगा.
रिपोर्ट: हीरो गुप्ता