Vindhya First

रीवा: अवैध खनन के बीच दर्दनाक हादसा, महिला की मौत

रीवा: अवैध खनन के बीच दर्दनाक हादसा, महिला की मौत

रीवा: अवैध खनन के बीच दर्दनाक हादसा, महिला की मौत

रीवा: जिले के एक गांव में मंगलवार सुबह दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां खदान में गिरने से एक महिला की मौत हो गई. इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और ग्रामीणों में आक्रोश भी देखने को मिला.

नौबस्ता गांव में हुआ हादसा

यह हादसा नौबस्ता गांव में बैजनाथपुर क्षेत्र के पास हुआ. जानकारी के मुताबिक, यहां पिछले कई महीनों से अवैध खनन की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं. बावजूद इसके, इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी पहले से ही बनी हुई थी.

महिला की खदान में गिरने से मौत

मृतक महिला की पहचान सुमित्रा केवट (35) के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि वह खदान क्षेत्र में गई थी, जहां अचानक संतुलन बिगड़ने से वह गहरी खदान में गिर गई. गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

घटना के समय उसके परिवार के अन्य सदस्य भी आसपास मौजूद थे, जिससे हादसे का मंजर और भी भयावह हो गया.

रीवा: अवैध खनन के बीच दर्दनाक हादसा, महिला की मौत
रीवा: अवैध खनन के बीच दर्दनाक हादसा, महिला की मौत

ट्रैक्टर पलटने से बढ़ी अफरा-तफरी

हादसे के दौरान एक ट्रैक्टर के पलटने की भी जानकारी सामने आई है. इससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल और ज्यादा बिगड़ गया. हालांकि, इस घटना में अन्य किसी के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है.

यह भी पढ़ें- Heat Stroke: जानिए लक्षण और बचाव

अवैध खनन पर ग्रामीणों का गुस्सा

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से पत्थरों का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है. इसके कारण जमीन असुरक्षित हो गई है और गहरी खदानें हादसों को न्योता दे रही हैं.

लोगों का आरोप है कि प्रशासन को कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. अब इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग तेज कर दी है.

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले में थाना प्रभारी घनश्याम मिश्रा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी. मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और अवैध खनन से जुड़े पहलुओं पर भी कार्रवाई की जाएगी.

प्रशासन पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध खनन पर रोक लगाई जाती, तो शायद इस तरह की दुखद घटना नहीं होती.

यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के लिए एक चेतावनी भी है.

आखिर कब लगेगी रोक?

रीवा में अवैध खनन का मुद्दा कोई नया नहीं है, लेकिन इस तरह की घटनाएं इसे और गंभीर बना देती हैं. अब देखना होगा कि प्रशासन इस हादसे के बाद कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और क्या वाकई इस पर लगाम लग पाती है या नहीं.

यह घटना साफ तौर पर दर्शाती है कि अवैध खनन केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन चुका है.

यह भी पढ़ें- रीवा: ट्रैफिक पर सख्ती, SP खुद मैदान में