Vindhya First

रीवा: कलेक्टर के तल्ख तेवर, लापरवाह अधिकारी की लगाई क्लास

रीवा: कलेक्टर के तल्ख तेवर, लापरवाह अधिकारी की लगाई क्लास

रीवा: कलेक्टर के तल्ख तेवर, लापरवाह अधिकारी की लगाई क्लास

रीवा: रीवा में जनसुनवाई के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब एक ग्रामीण की शिकायत पर कलेक्टर नरेंद्र सिंह सूर्यवंशी का सख्त रुख देखने को मिला. कलेक्ट्रेट में आयोजित इस जनसुनवाई में गांव की पानी की समस्या को लेकर पहुंचे फरियादी की बात सुनते ही कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को तुरंत तलब कर लिया और कड़ी चेतावनी दी.

कलेक्टर के इस सख्त रवैये ने साफ कर दिया कि जिले में अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ करना होगा.

ग्रामीण की शिकायत से बढ़ा मामला

जानकारी के अनुसार, हुजूर तहसील के ग्राम गढ़वा निवासी राम शिरोमणि मिश्रा अपने गांव में लंबे समय से बनी पानी की समस्या को लेकर जनसुनवाई में पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ.

जैसे ही यह मामला कलेक्टर नरेंद्र सिंह सूर्यवंशी के सामने आया, उन्होंने इसे गंभीरता से लिया. कलेक्टर ने तत्काल नायब तहसीलदार को अपने चैंबर में बुलाया और देरी पर नाराजगी जताई.

“काम करो, वरना कार्रवाई होगी” – कलेक्टर

कलेक्टर ने सख्त लहजे में अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करना किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अगर काम में देरी हुई या लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा है कि हर व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचे, और इसमें कोई भी बाधा सहन नहीं की जाएगी.

रीवा: कलेक्टर के तल्ख तेवर, लापरवाह अधिकारी की लगाई क्लास
रीवा: कलेक्टर के तल्ख तेवर, लापरवाह अधिकारी की लगाई क्लास

जनसुनवाई में दिखा प्रशासनिक सख्ती का असर

कलेक्टर के इस रवैये का असर कलेक्ट्रेट में तुरंत दिखाई दिया. अन्य अधिकारी भी सतर्क नजर आए और कई मामलों में मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया तेज कर दी गई. जनसुनवाई में आए लोगों को भी यह संदेश मिला कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जा रहा है.

यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में एक मजबूत संकेत मानी जा रही है.

पहले भी दिखा है सख्त रवैया

यह पहला मौका नहीं है जब कलेक्टर नरेंद्र सिंह सूर्यवंशी ने इस तरह की सख्ती दिखाई हो. जिले में पदभार संभालने के बाद से ही वे लगातार फील्ड विजिट और समीक्षा बैठकों के जरिए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नजर रख रहे हैं.

वे समय-समय पर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हैं और लापरवाही मिलने पर अधिकारियों को फटकार भी लगाते हैं. यही वजह है कि प्रशासनिक अमले में अनुशासन बनाए रखने का दबाव बना हुआ है.

यह भी पढ़ें- ईरान-अमेरिका तनाव: हॉर्मुज जलडमरूमध्य बना जंग का मैदान?

पानी की समस्या पर विशेष फोकस

रीवा जिले के कई ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या लंबे समय से एक गंभीर मुद्दा बनी हुई है. गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है. ऐसे में कलेक्टर द्वारा इस मुद्दे पर तुरंत संज्ञान लेना राहत भरा कदम माना जा रहा है.

उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिए हैं कि गांव में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए जाएं और समस्या का स्थायी समाधान किया जाए.

जनता को मिला भरोसा

जनसुनवाई में कलेक्टर के इस एक्शन से आम जनता में विश्वास बढ़ा है. लोगों को यह भरोसा मिला है कि उनकी समस्याएं अब सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि उन पर समय पर कार्रवाई भी होगी.

ग्रामीणों ने भी कलेक्टर के इस कदम की सराहना की और उम्मीद जताई कि जल्द ही उनके गांव की पानी की समस्या का समाधान होगा.

प्रशासनिक जवाबदेही का मजबूत संदेश

कलेक्टर नरेंद्र सिंह सूर्यवंशी की यह कार्रवाई सिर्फ एक अधिकारी को चेतावनी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि काम में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

यह घटना बताती है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो जमीनी स्तर पर बदलाव संभव है.

निष्कर्ष

रीवा में कलेक्टर का सख्त रवैया प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक अहम कदम है. जनसुनवाई में उठी एक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई कर उन्होंने यह साबित किया है कि जनता की समस्याओं का समाधान ही उनकी प्राथमिकता है.

अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी कितनी जल्दी इस समस्या का समाधान करते हैं और क्या यह सख्ती आगे भी इसी तरह जारी रहती है.

यह भी पढ़ें- दिल्ली : दिल्ली में आग का कहर, 9 लोगों की जान गई