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ऑपरेशन प्रहार-2 में बड़ी कार्रवाई: 100 नग नशीली कफ सिरप के साथ आरोपी गिरफ्तार

ऑपरेशन प्रहार-2 के तहत गोविन्दगढ़ पुलिस ने 100 नग नशीली कफ सिरप के साथ आरोपी अजय तिवारी उर्फ शिब्बू को गिरफ्तार किया.

ऑपरेशन प्रहार-2 में बड़ी कार्रवाई: 100 नग नशीली कफ सिरप के साथ आरोपी गिरफ्तार

रीवा। जिले में अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन प्रहार-2 के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. गोविन्दगढ़ थाना पुलिस ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को 100 नग अवैध नशीली कफ सिरप के साथ गिरफ्तार किया है. पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है.

यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रीवा के निर्देशन में चल रहे अभियान के अंतर्गत की गई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और पुलिस टीम की सतर्कता ने अहम भूमिका निभाई.

नशे के खिलाफ तेज हुई पुलिस की मुहिम

रीवा जिले में युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और अवैध ड्रग्स नेटवर्क को तोड़ने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं. ऑपरेशन प्रहार-2 इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके तहत जिलेभर में संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.

पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान के नेतृत्व में चल रही इस मुहिम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) आरती सिंह तथा उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) उदित मिश्रा द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. अधिकारियों के निर्देश पर थाना स्तर पर सक्रिय कार्रवाई की जा रही है.

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मुखबिर की सूचना बनी सफलता की कुंजी

पुलिस को 30 मार्च 2026 को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि थाना गोविन्दगढ़ अंतर्गत चौकी शिवपुरवा क्षेत्र में एक व्यक्ति बड़ी मात्रा में नशीली कफ सिरप लेकर आने वाला है.

सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तुरंत रणनीति बनाई और सहिजना मोड़ के पास नहर किनारे घेराबंदी कर दी. कुछ समय बाद एक संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल से आता दिखाई दिया, जिसे रोककर पुलिस ने पूछताछ शुरू की.

संदेह होने पर जब उसकी तलाशी ली गई, तो पुलिस भी चौंक गई.

तलाशी में बरामद हुई 100 नग नशीली कफ सिरप

तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 100 नग अवैध नशीली कफ सिरप बरामद की गई. प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि उक्त सिरप का उपयोग नशे के रूप में किया जा रहा था और इसे अवैध तरीके से सप्लाई किया जाना था.

पुलिस ने मौके से:

  • 100 नग नशीली कफ सिरप
  • घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल
  • दो मोबाइल फोन

जब्त किए गए मोबाइल फोन अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं, जिनके जरिए नशे के नेटवर्क और अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.

पूछताछ में सामने आया बड़ा नेटवर्क

गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए. आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अकेले नहीं, बल्कि दो अन्य साथियों के साथ मिलकर इस अवैध कारोबार में शामिल था.

पुलिस ने दोनों सहयोगियों को भी मामले में आरोपी बनाया है और उनकी तलाश शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की सप्लाई से जुड़ा हो सकता है.

एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना गोविन्दगढ़ में अपराध क्रमांक 114/2026 दर्ज किया है. मामला निम्न धाराओं के तहत पंजीबद्ध किया गया है:

  • धारा 8/21, 22, 29 — एनडीपीएस एक्ट
  • धारा 5/13 — ड्रग्स कंट्रोल एक्ट

इन धाराओं के तहत आरोप सिद्ध होने पर कठोर सजा का प्रावधान है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है.

गिरफ्तार आरोपी की पहचान

पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी की पहचान:

अजय तिवारी उर्फ शिब्बू (35 वर्ष)
निवासी — ग्राम सहिजना नंबर 02

के रूप में हुई है।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने के पश्चात उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस सफल कार्रवाई में गोविन्दगढ़ थाना पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. कार्रवाई में शामिल प्रमुख अधिकारी और कर्मचारी:

  • थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अरविंद सिंह
  • उपनिरीक्षक निशा खूता
  • सहायक उपनिरीक्षक रामजियावन वर्मा
  • इन्द्रभान सिंह
  • एवं अन्य पुलिस जवान

टीम की त्वरित कार्रवाई और सटीक योजना के कारण आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा जा सका.

युवाओं को नशे से बचाने की बड़ी पहल

पिछले कुछ वर्षों में नशीली कफ सिरप और प्रतिबंधित दवाओं का अवैध उपयोग तेजी से बढ़ा है. यह न सिर्फ कानून व्यवस्था बल्कि समाज और युवाओं के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है.

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी दवाएं मेडिकल उपयोग के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर यह नशे की लत का कारण बनती हैं. इसी वजह से पुलिस और प्रशासन अब मेडिकल ड्रग्स के अवैध कारोबार पर विशेष फोकस कर रहे हैं.

ऑपरेशन प्रहार-2 का उद्देश्य

ऑपरेशन प्रहार-2 का मुख्य लक्ष्य है:

  • नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन तोड़ना
  • ड्रग नेटवर्क का खुलासा करना
  • युवाओं को नशे से बचाना
  • अवैध कारोबारियों पर कानूनी कार्रवाई तेज करना

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और जिले में किसी भी प्रकार के नशे के कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

डिजिटल जांच से खुल सकते हैं नए राज

जब्त मोबाइल फोन की डिजिटल फॉरेंसिक जांच से पुलिस को उम्मीद है कि:

  • सप्लायर और खरीदारों की पहचान
  • नेटवर्क का विस्तार
  • वित्तीय लेनदेन
  • अन्य जिलों से कनेक्शन

जैसी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है.

यह जांच आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियों का कारण बन सकती है.

पुलिस की अपील: संदिग्ध गतिविधि की दें सूचना

रीवा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास नशे से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें. नागरिकों की सतर्कता से ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है.

निष्कर्ष

गोविन्दगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिले में नशे के खिलाफ चल रही सख्त नीति का संकेत भी है. ऑपरेशन प्रहार-2 के तहत लगातार हो रही कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन अब नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

आने वाले समय में इस अभियान के और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं, जिससे जिले में नशे के नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार होने की उम्मीद है.

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