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Toggleरीवा : रीवा में बिजली संकट, अप्रैल में टूटा रिकॉर्ड, 1458 लाख यूनिट की भारी खपत
इस वर्ष रीवा जिले में गर्मी ने अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. अप्रैल के महीने में पारा $44.5^\circ C$ तक पहुँचने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. इस भीषण गर्मी का सीधा असर जिले की बिजली व्यवस्था पर पड़ा है. लोग गर्मी से बचने के लिए एसी, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों का जमकर उपयोग कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप बिजली की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है.
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मात्र 29 दिनों में रिकॉर्डतोड़ खपत
बिजली विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल के केवल 29 दिनों में रीवा जिले में 1458 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई है. यदि इसकी तुलना पिछले वर्ष (अप्रैल 2025) से की जाए, तो उस समय पूरे 30 दिनों में कुल 1400 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई थी. इस बार समय कम होने के बावजूद बिजली की मांग पिछले साल से कहीं अधिक रही है.
प्रमुख आंकड़े एक नज़र में:
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कुल खपत (अप्रैल 26): 1458 लाख यूनिट
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अधिकतम तापमान: $44.5^\circ C$
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दैनिक औसत खपत: लगभग 50 लाख यूनिट
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पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि: लगभग 150 लाख यूनिट से अधिक
वो दिन जब रीवा सबसे ज्यादा तपा
मई की शुरुआत से पहले, अप्रैल के अंतिम 10 दिन सबसे चुनौतीपूर्ण रहे. विशेष रूप से 25 से 27 अप्रैल के बीच गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाया.
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26 अप्रैल: इस दिन बिजली की खपत 58.78 लाख यूनिट तक पहुँच गई, जो इस सीजन का उच्चतम स्तर था.
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27 अप्रैल: मांग बरकरार रही और 58.00 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई.
इन दिनों में औसत दैनिक खपत जो आमतौर पर 40 लाख यूनिट के आसपास रहती थी, वह बढ़कर 58 लाख यूनिट के पार निकल गई.
डिवीजन वार बिजली की खपत (लाख यूनिट में)
विद्युत विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में बिजली की मांग सबसे अधिक रही है. नीचे दी गई तालिका विभिन्न डिवीजनों की खपत स्थिति दर्शाती है:
| डिवीजन | मार्च ’26 | अप्रैल ’26 | अप्रैल ’25 |
| सिटी | 372.47 | 357.58 | 222.27 |
| ईस्ट | 294.24 | 267.47 | 297.29 |
| वेस्ट | 259.93 | 256.07 | 353.37 |
| मऊगंज | 289.25 | 285.06 | 293.03 |
| त्योथर | 289.25 | 285.08 | 234.37 |
| कुल सर्कल | 1400.00 | 1458.00 | 1400.33 |
मई में और बढ़ सकती है मुश्किलें
हालांकि अप्रैल के अंतिम दिनों में हल्की बारिश और आंधी के कारण तापमान में थोड़ी गिरावट आई है, लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि मई के महीने में गर्मी के तेवर और तीखे होंगे. शहरीकरण और मऊगंज जैसे नए जिलों के बनने से बिजली की मांग में निरंतर वृद्धि हो रही है.
अधीक्षण अभियंता बी.के. शुक्ला के अनुसार, विभाग बिजली की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, उसी अनुपात में आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी.
निष्कर्ष
रीवा में बिजली की बढ़ती खपत न केवल बदलती जलवायु का संकेत है, बल्कि यह हमारे बुनियादी ढांचे पर बढ़ते दबाव को भी दर्शाती है. उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे बिजली का संयमित उपयोग करें ताकि ग्रिड पर अनावश्यक बोझ न पड़े और अघोषित बिजली कटौती से बचा जा सके.
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