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Media Scan: 4 दिसंबर की मुख्य खबरों में है विंध्य की 25 सीटों में बीजेपी की बड़ी जीत!

 

लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव विधानसभा चुनाव संपन्न हुआ और उनके रिजल्ट भी आ चुके हैं.दिल थाम कर बैठी पार्टियां, प्रत्याशी और लोगों का इंतजार खत्म हुआ और इस बार प्रदेश भाजपामय हो गया है.
पांच राज्यों में से चार राज्यों के रिजल्ट आ चुके हैं जिनमें से तीन राज्यों में भाजपा सत्ता में आ गई है. बात करें विंध्य क्षेत्र की तो 30 सीटों में से विंध्य की 25 सीटों पर बीजेपी का दबदबा रहा.शहडोल,अनूपपुर, उमरिया की आठ विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का सूपड़ा पूरी तरीके से साफ हो गया है.इन आठ सीटों पर बीजेपी जीत गई है.
बात करें रीवा विधानसभा क्षेत्र की तो यहां की 8 सीटों में से सात पर बीजेपी के प्रत्याशियों की जीत हुई है. रीवा से राजेंद्र शुक्ला पांचवीं बार विधायक बने.
गिरीश गौतम देवतालाब से चौथी बार चुनाव जीत गए थे.त्योंथर से सिद्धार्थ राज तिवारी ने चुनाव जीता.
गुढ़ से नागेंद्र सिंह चुनाव में जीते,वहीं सेमरिया से अभय मिश्रा चुनाव जीते.
मऊगंज से प्रदीप पटेल और मनगवां से नारेंद्र प्रजापति चुनाव जीत गए.सिरमौर से दिव्यराज सिंह विजयी रहे.त्योंथर और सिरमौर के कुछ चरणों की काउंटिंग में कांग्रेस आगे लग रही थी लेकिन बाद में बीजेपी ने बढ़त हासिल की और आखिर में 7 सीटों पर बीजेपी विजयी रही.

प्रदेश के अन्य क्षेत्र जैसे बुंदेलखंड में भी कांग्रेस चारों खाने चित्त हो गई. महाकौशल में दो जिलों में कांग्रेस जीरो पर रही. मालवा में प्रदेश की सबसे बड़ी जीत के साथ भाजपा ने गढ़ और भी ज्यादा मजबूत कर लिया.माना जा रहा है कि लाडली बहना योजना का जीत में एक बड़ा हाथ रहा है.

सीधी की चार सीटों में से में से तीन सीटों पर बीजेपी विजयी रही.सीधी से रीति पाठक विजेता रहीं.चुरहट से अजय सिंह ने अपना गढ़ जीत लिया. विंध्य के कुछ दिग्गज हैं जो चुनाव हार गए.सतना से गणेश सिंह, सिहावल से कमलेश्वर पटेल, मैहर से नारायण त्रिपाठी वीजेपी यानी विंध्य जनता पार्टी से चुनाव हार गए. केदारनाथ शुक्ला निर्दलीय लड़े, उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा. अमरपाटन से रामखेलावन पटेल जो मंत्री भी रहे हैं उनको हार का सामना करना पड़ा.

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