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हेट स्पीच: नफरती भाषण की वजह से कटा सांसदों का लोकसभा चुनाव से टिकट, हेट स्पीच के मामले में BJP शासित राज्य टॉप पर

हेट स्पीच

देश में साल 2024 के लोकसभा चुनाव ने दस्तक दे दी है. पार्टियों ने उम्मीदवारों को टिकट बांटने भी शुरू कर दिए हैं. कई उम्मीदवारों की उम्मीदें पूरी हो रही हैं तो कई उम्मीदवार ऐसे भी हैं जिन्हे पिछले चुनाव में तो जीत मिली थी लेकिन इसबार उनका टिकट कट गया है. टिकट न मिलने की तमाम वजहों में से एक बड़ी वजह बनी हेट स्पीच. जिसकी वजह से चार बड़े सांसदों की उम्मीदों में पानी फिर गया. रमेश बिधूड़ी, प्रज्ञा ठाकुर, प्रवेश साहिब सिंह वर्मा और जयंत सिन्हा को टिकट न देकर बीजेपी ने ये साफ कर दिया है कि पार्टी अब नफरती भाषण देने वाले उम्मीदवारों से बचना चाह रही है.

इसकी बड़ी वजह ये है कि साल 2023 में हेट स्पीच के सबसे ज्यादा 75 प्रतिशत मामले उन राज्यों में सामने आए जहां बीजेपी का शासन है, यहां हेट स्पीच के कुल 453 मामले दर्ज हुए, इसके अलाव केन्द्रशासित प्रदेश में 8 और दिल्ली में 37 मामले दर्ज हुए और यहां की कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है.  

ये खुलासा अमेरिका के वॉशिंगटन शहर स्थित संगठन ‘इंडिया हेट लैब’ ने साल 2023 की रिपोर्ट में किया है.इंडिया हेट लैब की भारत के धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत भरे भाषण यानी हेट स्पीच पर तैयार की गई रिपोर्ट के आंकडड़ों ने होश उड़ा दिए हैं. हेट स्पीच यानी नस्ल, धर्म, लिंग के आधार पर भेदभाव के चलते निंदात्मक, अक्रामक या फिर नफरत फैलाने वाला बयान.

बीजेपी के एक नेता का हेट स्पीच का मामला इंटरनेशनल मुद्दा गया. ये नेता थे सांसद रमेश बिधूड़ी.  21 सितंबर 2023 को भारत की नई संसद में बीजेपी के सांसद रमेश बिधूड़ी ने एक बसपा से सांसद कुंवर दानिश अली को अपशब्द कहा. रमेश बिधूड़ी ने एक मिनट में लगातार 11 गालियां दीं  और यही बिधूड़ी के टिकट कटने की वजह बना.

इंडिया हेट लैब की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में मुसलमानों के खिलाफ हेट स्पीच के 668 मामले दर्ज किए गए. इसमें 36% यानी 239 घटनाओं में मुसलमानों के खिलाफ हिंसा की बात कही गई, 63% यानी 420 घटनाओं में Conspiracy Theory का संदर्भ जैसे लव जिहाद, लैंड जिहाद, हलाल जिहाद और जनसंख्या जिहाद शामिल थे’.

इसके अलावा लगभग 25% यानी 169 भाषणों में मुस्लिम धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने का आह्वान किया गया था. मुस्लिम महिलाओं को टारगेट करने वाले हेट स्पीच के 28 मामले सामने आए थे. इस रिपोर्ट के मुताबिक नफरत भरे भाषण की 100 घटनाओं के लिए बीजेपी नेता जिम्मेदार रहे. 

इसपर पूरी रिपोर्ट देखने के लिए वीडियो जरूर देखें