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Spam Call पर सरकार का बड़ा फैसला, अब नहीं आएंगे फोन पर लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए कॉल

भारत में डिजिटल क्रान्ति  (Digital India) के दौर में धोखाधड़ी से भरे कॉल का आम से हो गए हैं. आपके पास भी ऐसे फ़ोन आये दिन आते होंगे जहाँ कभी पैसों की तो कभी ब्लैकमेलिंग की बात की जाती है. स्पैम कॉल (Spam Calls) से निपटने के लिए, भारत के दूरसंचार विभाग ने telecommunication कंपनियों को कॉल करने वालों के नाम मोबाइल फ़ोन पर प्रजेंट करने वाली सर्विस के लिए परीक्षण शुरू करने का Instruction दिया है.

2022 की एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक़ 2021 की तुलना में 2022 में साइबर क्राइम में 24 फीसदी की बढ़त हुई है. साइबर धोखाधड़ी में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है. 2020 में देशभर में साइबर धोखाधड़ी के 50035 मामले दर्ज हुए था. 2021 में यह संख्या 52,974 हो गई. और 2022 में देशभर में साइबर धोखाधड़ी के कुल 65,893 मामले दर्ज किए गए.

मनीकंट्रोल की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक़, साइबर अपराधों या फ्रोड कॉल्स को ध्यान में रखते हुए telecommunicaton department ने सभी प्राइवेट टेलीकॉम ऑपरेटरों को एक महीने के अन्दर कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन यानी CNAP के लिए प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट यानी PoC परीक्षण शुरू करने को कहा है.

ये पायलट प्रोग्राम DoT को नेटवर्क पर CNAP का इस्तेमाल किया जाए या इसके Implementation को अंतिम रूप देने से पहले हैंडसेट में एक underlying provision रखा जाए ये disision लेने में सहायता करेगा.

वहीँ दूरसंचार कंपनियों ने CNAP Implementation पर चिंता व्यक्त की है. Counseling प्रोसेस के दौरान, प्राइवेट telecommunication कंपनियों और उद्योग निकाय IAMAI ने potential privacy मुद्दों के बारे में TRAI यानी Telecom Regulatory Authority of India से चिंता ज़ाहिर की. उन्होंने वार्निंग दी कि, केवाईसी फॉर्म से नाम दिखाने पर कस्टमर की प्राइवेसी से समझौता हो सकता है. और महिलाओं की सुरक्षा पर नेगेटिव प्रभाव पड़ सकता है. साथ ही उन्होंने बढ़े हुए कॉल सेट-अप टाइमिंग, Latency और CNAP Implementation के लिए Investment को लेकर भी चिंता जताई है.

दूसरे आप्शन में TRAI ने CNAP के लिए ‘पसंदीदा नाम’ यानी Preferred Name के इस्तेमाल का suggetion दिया है. चिंताओं के जवाब में, TRAI ने सिफारिश की कि, थोक और business कनेक्शन रखने वाली उपभोक्ता संस्थाओं को कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म में listed नामों के बजाय अपना “पसंदीदा नाम” Present करने का आप्शन होना चाहिए.

“Preferred Name” कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ registerd “ट्रेडमार्क नेम”, जीएसटी council के साथ registerd “business नेम” या सरकार के साथ registerd कोई और Unique नाम हो सकता है.

DoT की दूसरी पहलों में 5G सर्विसेस और साइबर क्राइम से मुकाबला भी शामिल है. department ऑफ़ telecommunicatons  दूसरे मामलों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है. जैसे हवाई अड्डों के पास 5G सेवाएं शुरू करना और दूरसंचार नेटवर्क पर साइबर अपराधों से निपटना.

इन प्रयासों के तहत, भारत सरकार के अधिकारियों का रूप धारण करने के लिए +92 नंबरों से जुड़े 577 व्हाट्सएप खातों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. इसके अलावा साइबर क्राइम और financial धोखाधड़ी में शामिल होने के कारण पूरे भारत में 348 मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए गए थे.

एक्सपर्ट इस बात पर ज़ोर देते हैं कि, उपयोगकर्ता जागरूकता साइबर क्राइम के खिलाफ प्राथमिक बचाव बनी हुई है. वे लोगों को सलाह देते हैं कि, तुरंत साइबर क्राइम पोर्टलों पर या 1930 पर कॉल करके घोटालों की रिपोर्ट करें. पर्सनल डेटा, पिन या ओटीपी के लिए किसी भी अनुरोध के खतरे की घंटी बजानी चाहिए, ऑनलाइन लेन-देन वेरीफाई और सुरक्षित पोर्टल तक ही सीमित रहें. आपको अनजान वीडियो कॉल से बचना, बहुत अच्छे-सच्चे proposals के प्रति भी डाउट रखना, और अविश्वसनीय प्लेटफार्मों पर anesthetic इनफार्मेशन अपलोड करने से बचना है.