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Toggleवेनेजुएला संकट 2026: ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ में मादुरो गिरफ्तार!
वेनेजुएला संकट 2026: वेनेजुएला पर अमेरिकी ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद देश में उथल-पुथल जारी है. डेल्सी रोड्रिग्ज अंतरिम राष्ट्रपति बनीं, अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया तीखी, और अमेरिका-Venezuela तनाव चिंता का विषय बना हुआ है. जानें सभी नवीनतम अपडेट.
अमेरिका ने वेनेज़ुएला में ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ चलाया, मादुरो हिरासत में
3 जनवरी 2026 को अमेरिका ने दक्षिण अमेरिकी देश वेनेज़ुएला पर एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया, जिसका कोड नाम ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ रखा गया. इस ऑपरेशन में अमेरिकी सैन्य बलों ने कराकास समेत देश के उत्तरी हिस्सों में लक्षित एयरस्ट्राइक और विशेष बलों की कार्रवाई की.
अमेरिकी शक्तिशाली वायु सेना, विशेष ऑपरेशनों, CIA और अन्य एजेंसियों के साथ संयुक्त रूप से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया, जिसमें वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार करके न्यूयॉर्क में हिरासत में ले लिया गया.
ट्रम्प प्रशासन के अनुसार, मादुरो पर नार्को-टेररिज़्म, ड्रग तस्करी और आतंकियों के साथ साजिश के गंभीर आरोप हैं और उन्हें मैनहट्टन के संघीय न्यायालय में पेश किया जाएगा.
देश के अंदर हालात: उथल-पुथल और शक्ति परिवर्तन
वेनेज़ुएला की सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया गया है. रोड्रिग्ज पूर्व में मादुरो की मजबूत समर्थनकर्ता और वाइस-प्रेसिडेंट रही हैं. हालांकि उन्होंने पहले मादुरो को देश का वैध प्रशासनिक प्रमुख माना था, बाद में अमेरिका के साथ सहयोग का संकेत भी दिया है.
देश के अंदर तनाव और असंतोष की स्थिति बनी हुई है. लोगों में भय, अनिश्चितता और राजनीतिक विरोध के संकेत हैं, क्योंकि यह पहली बार है जब किसी विदेशी शक्ति ने एक राष्ट्रपति को हटाया और हिरासत में लिया. संघर्ष के बाद देश में शक्ति विभाजन, सैन्य आदेशों और नागरिक असमर्थन के बीच राजनीतिक पेंच बढ़ गया है.
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और वैश्विक दबाव
अमेरिका की इस एकतरफा सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं:
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संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि इस कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है, और यह एक “खतरनाक उदाहरण” पेश करती है. UN महासचिव ने स्पष्ट किया कि यह संप्रभुता और UN चार्टर का उल्लंघन हो सकता है.
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स्पेन जैसे यूरोपीय देश ने भी इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है, इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चर्चा की मांग की.
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वैश्विक स्तर पर कई देशों ने अमेरिका द्वारा अपराध भुगतने, सैन्य हस्तक्षेप और शक्ति विस्तार को संप्रभुता के खिलाफ कदम बताया है, जबकि कुछ अमेरिका के दावों पर भी सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह कार्रवाई वैध है.
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अमेरिका का रुख और गृह राजनेता बयान
ट्रम्प प्रशासन ने सार्वजनिक रूप से कहा कि यह कार्रवाई Venezuela में स्थिरता, लोकतंत्र और कानून के शासन की बहाली के लिए आवश्यक थी. हालांकि अगले चरण में अमेरिका ने कहा है कि वह देश को स्थिर बनाने और एक सुरक्षित संक्रमण सुनिश्चित करने में शामिल रहेगा.
इस कार्रवाई की अंदरुनी प्रतिक्रिया अमेरिका में भी विभाजित है. कुछ राजनीतिक नेताओं ने इसे आवश्यक कार्रवाई बताया है, जबकि दूसरे इसे अवैध हस्तक्षेप और संवैधानिक सीमाओं का उल्लंघन करार दे रहे हैं.
कानूनी बहस और संघर्ष
विवाद का एक बड़ा मुद्दा यह है कि क्या अमेरिका के पास किसी अन्य देश पर हमला कर उसके राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने का कानूनी अधिकार है. विशेषज्ञ यह कहते हैं कि यह कदम UN चार्टर, संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अंतर्गत एक कठिन सवाल खड़ा करता है.
विशेष रूप से, कई अंतरराष्ट्रीय कानूनविद् मानते हैं कि अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के बिना संप्रभु देश में सैन्य शक्ति का प्रयोग किया, जो कि सामान्य रूप से अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है.
क्षेत्रीय प्रभाव और भविष्य की चुनौतियाँ
इस घटना का क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव व्यापक है:
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लातिन अमेरिका के कई देश और काराकास के सहयोगी इस कदम को ‘अमेरिकी आक्रमण’ मानते हैं और इसे लोकतंत्र और क्षेत्रीय शांति के खिलाफ बताया है.
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तेल बाजार, सुरक्षा, आप्रवास नीति और सामरिक संतुलन जैसे मुद्दों में भारी बदलाव की संभावना है. वेनेज़ुएला के अंदर राजनीतिक अस्थिरता, आंतरिक विद्रोह, सैन्य प्रतिक्रिया और संभावित नागरिक संघर्ष की आशंका बढ़ गई है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है.
निष्कर्ष
अमेरिका के ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ ने वेनेज़ुएला की राजनीति, अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक संतुलन को एक नए मोड़ पर खड़ा कर दिया है. राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी, अंतरिम राष्ट्रपति की नियुक्ति, और अमेरिका-Venezuela के रिश्तों में पैदा हुई तूफानी राजनीति भविष्य में नए संघर्षों और कूटनीति के नए दौर को जन्म दे सकती है.
हालत हर रोज़ बदल रही हैं, और यह संकट न केवल क्षेत्रीय राजनीति बल्कि वैश्विक सुरक्षा विमर्श में भी अहम भूमिका निभाने वाला है.