Vindhya First

सिंगरौली: जियावन में अवैध रेत पर कार्रवाई, 4 लाख का ट्रैक्टर जब्त

सिंगरौली: जियावन में अवैध रेत पर कार्रवाई, 4 लाख का ट्रैक्टर जब्त

सिंगरौली: जियावन में अवैध रेत पर कार्रवाई, 4 लाख का ट्रैक्टर जब्त

सिंगरौली: अवैध खनन और रेत के अवैध परिवहन के खिलाफ प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है. इसी कड़ी में जियावन पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने अवैध रेत से भरे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़कर जब्त किया है. कार्रवाई के दौरान चालक और वाहन मालिक के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है.पुलिस के अनुसार जब्त किए गए वाहन और रेत की कुल कीमत लगभग 4.05 लाख रुपये आंकी गई है. इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है.

अवैध रेत परिवहन पर पुलिस की कार्रवाई

जियावन क्षेत्र में अवैध रेत के परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. इसके बाद पुलिस ने निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की.जांच के दौरान पुलिस को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में अवैध रेत का परिवहन किए जाने की सूचना मिली. सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वाहन को रोका.जांच में चालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका. इसके बाद वाहन को जब्त कर लिया गया.

4.05 लाख रुपये की संपत्ति जब्त

पुलिस द्वारा जब्त किए गए ट्रैक्टर-ट्रॉली और उसमें लदी रेत की कुल कीमत लगभग 4 लाख 5 हजार रुपये बताई जा रही है.अधिकारियों के अनुसार ट्रैक्टर और ट्रॉली की कीमत लाखों रुपये है, जबकि उसमें भरी रेत का भी मूल्यांकन किया गया है.जब्ती की कार्रवाई के बाद वाहन को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराया गया है. साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

यह भी पढ़ें- मऊगंज: मऊगंज में 5000 से अधिक महिलाओं के रोजगार पर संकट

चालक और वाहन मालिक पर मामला दर्ज

पुलिस ने अवैध रेत परिवहन के मामले में चालक और वाहन मालिक दोनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है.अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन से जुड़े मामलों में केवल चालक ही नहीं, बल्कि वाहन मालिक की भूमिका की भी जांच की जाती है.इसी आधार पर दोनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है. आगे की जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार अतिरिक्त कार्रवाई भी की जा सकती है.

क्षेत्र में सक्रिय है अवैध रेत कारोबार

नदियों और जल स्रोतों से अवैध रेत निकालने की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं. कई बार प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ऐसे मामलों का खुलासा हुआ है.इसके बावजूद कुछ लोग नियमों को दरकिनार कर अवैध रेत का कारोबार जारी रखते हैं. इससे न केवल शासन को राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरण पर भी गंभीर असर पड़ता है.विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित रेत खनन से नदी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित होता है. इसके कारण भूजल स्तर और आसपास के पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.

प्रशासन लगातार चला रहा अभियान

राज्य सरकार और जिला प्रशासन अवैध खनन के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं. समय-समय पर पुलिस, राजस्व और खनिज विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हैं.हाल के महीनों में कई जिलों में अवैध रेत के परिवहन में शामिल वाहनों को जब्त किया गया है. इसके साथ ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई है.अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

कानून के तहत होगी कार्रवाई

अवैध रेत के परिवहन को गंभीर अपराध माना जाता है. ऐसे मामलों में वाहन जब्ती के साथ-साथ जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.यदि जांच में बड़े नेटवर्क या संगठित गिरोह की भूमिका सामने आती है, तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है.पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जब्त की गई रेत कहां से लाई गई थी और उसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था.

स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की सराहना

क्षेत्र के कई लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है. लोगों का कहना है कि अवैध रेत का कारोबार लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ है.स्थानीय नागरिकों का मानना है कि लगातार कार्रवाई होने से अवैध खनन पर अंकुश लगाया जा सकता है. साथ ही इससे पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी.लोगों ने प्रशासन से ऐसे अभियान लगातार जारी रखने की मांग की है.

निष्कर्ष

जियावन पुलिस द्वारा अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली की जब्ती अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है. लगभग 4.05 लाख रुपये मूल्य की रेत और वाहन जब्त कर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

फिलहाल चालक और वाहन मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. आने वाले दिनों में जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि अवैध रेत कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा.

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का कहर, हर 8 मिनट में घायल हो रहा एक युवा