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Toggleरीवा: लेट पहुंचे कर्मचारियों पर कलेक्टर सख्त
रीवा: नवागत कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने पदभार संभालते ही प्रशासनिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सख्त रुख अपनाया है. बुधवार सुबह उन्होंने जिला पंचायत कार्यालय और कलेक्ट्रेट का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए.
समय पर न पहुंचने पर जताई नाराजगी
सुबह 10:10 बजे कलेक्टर जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे, जहां कई अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले. कार्यालयीन समय में गैरहाजिरी देखकर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और सभी को समय पर उपस्थित रहने की सख्त हिदायत दी.
इसके बाद सुबह 10:30 बजे कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का निरीक्षण किया, जहां भी कई कर्मचारी देर से पहुंचे. इस पर उन्होंने मौके पर ही समझाइश देते हुए कड़ी चेतावनी जारी की.
ई-अटेंडेंस लागू करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सपना त्रिपाठी (अपर कलेक्टर) को निर्देश दिए कि कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ई-अटेंडेंस प्रणाली लागू की जाए.
उन्होंने साफ कहा कि अब उपस्थिति दर्ज करने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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देर से आने पर आधे दिन की छुट्टी
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते हैं, उनसे आधे दिन का अवकाश आवेदन लिया जाए। यह कदम अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी बताया गया.
वेतन कटौती की चेतावनी
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सख्त लहजे में कहा कि यदि भविष्य में कर्मचारी देर से आते पाए गए, तो उनके वेतन में कटौती की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कामकाज में लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी.
कर्मचारियों को लगाई फटकार
निरीक्षण के दौरान देर से पहुंचे कर्मचारियों को कलेक्टर ने कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को समझें और समय पर कार्यालय पहुंचकर कार्य करें.
अनुशासन बनाए रखने पर जोर
कलेक्टर ने कहा कि कार्यालय का अनुशासन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है. यदि कोई कर्मचारी लापरवाही करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासनिक व्यवस्था सुधारने की पहल
नवागत कलेक्टर का यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे कर्मचारियों में जिम्मेदारी का भाव बढ़ेगा और कामकाज में सुधार आएगा.
निष्कर्ष
रीवा में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी का यह औचक निरीक्षण साफ संकेत देता है कि अब प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही नहीं चलेगी. समय की पाबंदी और जिम्मेदारी के साथ काम करना अनिवार्य होगा, तभी व्यवस्था में सुधार संभव है.
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