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Toggleमऊगंज: विकास कार्यों की मांग लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे सरवरा के ग्रामीण
मऊगंज: मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले की ग्राम पंचायत पिडरिया सेंगर के अंतर्गत आने वाले सरवरा गांव के दर्जनों ग्रामीण सोमवार को अपनी वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे. ग्रामीणों ने कलेक्टर संजय कुमार जैन को सामूहिक आवेदन सौंपकर गांव में सड़क, प्राथमिक विद्यालय, पेयजल व्यवस्था और शांतिधाम सहित कई मूलभूत सुविधाओं के विकास कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और पंचायत स्तर पर शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका है.
विकास कार्यों की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण
सरवरा गांव के ग्रामीण बंशमणि प्रसाद तिवारी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे. उन्होंने सामूहिक रूप से आवेदन सौंपते हुए गांव की प्रमुख समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया.
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से विकास कार्य अधूरे पड़े हैं. कई योजनाओं की घोषणा तो हुई, लेकिन धरातल पर उनका लाभ गांव तक नहीं पहुंच सका. अब मजबूर होकर ग्रामीणों को सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचना पड़ा.
जर्जर सड़क बनी सबसे बड़ी परेशानी
गांव की मुख्य सड़क कई वर्षों से खराब स्थिति में है. बरसात के मौसम में सड़क पर कीचड़ और जलभराव होने से आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है.ग्रामीणों के अनुसार सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को होती है. कई बार आपात स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना भी चुनौती बन जाता है.सड़क निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की है.
प्राथमिक विद्यालय की हालत पर चिंता
आवेदन में बताया कि गांव का प्राथमिक विद्यालय भी बदहाल स्थिति में है. भवन अधूरा और जर्जर होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधा के बावजूद बच्चों को सुरक्षित वातावरण नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने विद्यालय भवन के निर्माण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की.
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पेयजल संकट से जूझ रहा गांव
गांव के लोगों ने बताया कि गांव में पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. नल-जल योजना का लाभ अभी तक पूरी तरह नहीं मिल पाया है.गर्मी के साथ-साथ अन्य मौसमों में भी ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है. कई परिवारों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ता है.ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में जल्द पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके.
शांतिधाम की बदहाल स्थिति भी बनी चिंता
आवेदन में शांतिधाम की खराब स्थिति का भी उल्लेख किया. उनका कहना है कि गांव में अंतिम संस्कार के लिए पर्याप्त और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं.उन्होंने प्रशासन से शांतिधाम का निर्माण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े.
पहले भी दिए गए थे आवेदन
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखी हैं. इससे पहले भी पंचायत और संबंधित विभागों को कई बार आवेदन दिए गए. हालांकि, अब तक किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका. इसी कारण ग्रामीणों ने इस बार सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी बात रखी.
कलेक्टर ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
कलेक्टर संजय कुमार जैन ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना. उन्होंने संबंधित विभागों को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए.प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि शिकायतों का परीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
अब ग्रामीणों को कार्रवाई का इंतजार
सरवरा गांव के लोगों को उम्मीद है कि इस बार उनकी समस्याओं का समाधान केवल आश्वासन तक सीमित नहीं रहेगा. ग्रामीण चाहते हैं कि सड़क, विद्यालय, पेयजल और शांतिधाम जैसी मूलभूत सुविधाओं पर जल्द काम शुरू हो.
फिलहाल प्रशासन की ओर से कार्रवाई का भरोसा दिया गया है. अब देखना होगा कि वर्षों से लंबित विकास कार्य कब तक धरातल पर दिखाई देते हैं और सरवरा गांव के लोगों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल पाता है या नहीं.
रिपोर्ट: लवकेश सिंह गहरवर