Skip to main content

Vindhya First

मऊगंज: छात्रसंघ चुनाव पर NSUI का स्वागत, प्रत्यक्ष चुनाव की मांग

मऊगंज: छात्रसंघ चुनाव पर NSUI का स्वागत, प्रत्यक्ष चुनाव की मांग

मऊगंज: छात्रसंघ चुनाव पर NSUI का स्वागत, प्रत्यक्ष चुनाव की मांग

मऊगंज: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा छात्रसंघ चुनाव कराने के निर्देश दिए जाने के बाद प्रदेशभर में छात्र राजनीति फिर चर्चा का विषय बन गई है. इसी क्रम में मऊगंज में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया. संगठन ने इसे प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं की लोकतांत्रिक जीत बताते हुए राज्य सरकार से जल्द छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की. साथ ही चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने पर भी जोर दिया.

हाईकोर्ट के फैसले का किया स्वागत

राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे के निर्देश पर तथा प्रदेश कांग्रेस महासचिव एवं पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में मऊगंज जिला अध्यक्ष निलेश केसरी “बच्चा भैया” की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई.

प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष निलेश केसरी ने कहा कि जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश शासन को सितंबर के प्रथम सप्ताह तक छात्रसंघ चुनाव कराने के संबंध में निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि यह फैसला प्रदेश के लाखों छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज की जीत है.

10 वर्षों से बंद हैं छात्रसंघ चुनाव

NSUI का कहना है कि प्रदेश में करीब 10 वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए गए हैं. इससे छात्र राजनीति प्रभावित हुई है और युवाओं को नेतृत्व विकसित करने का अवसर नहीं मिल पाया.

संगठन का कहना है कि छात्रसंघ केवल चुनाव का मंच नहीं, बल्कि लोकतंत्र की पहली पाठशाला है. यहीं से युवा नेतृत्व तैयार होता है, जो आगे चलकर समाज और राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की मांग

प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI ने मांग की कि छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं. संगठन का कहना है कि प्रत्यक्ष चुनाव में प्रत्येक छात्र अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों का सीधे चुनाव करता है.

जिला अध्यक्ष निलेश केसरी ने कहा कि प्रत्यक्ष प्रणाली छात्रों को वास्तविक लोकतांत्रिक अधिकार देती है और पारदर्शिता सुनिश्चित करती है.

यह भी पढ़े- रीवा: छात्रसंघ चुनाव पर हाईकोर्ट के आदेश का NSUI ने किया स्वागत 

अप्रत्यक्ष प्रणाली पर उठाए सवाल

NSUI ने अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली का विरोध करते हुए कहा कि यह व्यवस्था बंद कमरों की राजनीति और खरीद-फरोख्त को बढ़ावा देती है. संगठन का आरोप है कि अप्रत्यक्ष प्रणाली में आम छात्रों की भागीदारी सीमित हो जाती है.

उन्होंने कहा कि यदि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाना है तो छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से ही कराए जाने चाहिए.

छात्र राजनीति से निकले कई बड़े नेता

प्रेस वार्ता के दौरान NSUI नेताओं ने कहा कि मध्य प्रदेश के कई पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और अनेक जनप्रतिनिधियों ने छात्र राजनीति से ही अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी.

उनका कहना था कि छात्रसंघ चुनाव युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों को विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं.

सरकार से जल्द चुनाव कराने की मांग

NSUI ने राज्य सरकार से हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की. संगठन ने कहा कि लंबे समय से चुनाव का इंतजार कर रहे छात्रों को अब और प्रतीक्षा नहीं करानी चाहिए.

संगठन का कहना है कि चुनाव होने से छात्रों को अपनी समस्याएं लोकतांत्रिक तरीके से उठाने और उनके समाधान के लिए प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलेगा.

बड़ी संख्या में मौजूद रहे कार्यकर्ता

प्रेस कॉन्फ्रेंस में SRP महाविद्यालय अध्यक्ष अनुराग यादव, अमन जायसवाल, पीयूष पटेल, अजीत पटेल, अभिषेक शर्मा, विनय पटेल, शिवराम तिवारी, विद्यानिवास मिश्रा, सीता शरण विश्वकर्मा, अनुराग सिंह, रजनीश सिंह, पिंटू सिंह सहित NSUI के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.

कार्यक्रम में संगठन के नेताओं ने छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाने की बात कही.

छात्र राजनीति पर फिर बढ़ी चर्चा

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव को लेकर राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर है कि चुनाव की प्रक्रिया कब और किस प्रणाली से शुरू की जाएगी.

रिपोर्ट: लवकेश सिंह गहरवार 

यह भी पढ़े- मऊगंज: विकास कार्यों की मांग लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे सरवरा के ग्रामीण