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सोना चांदी: चांदी ₹3,742 सस्ती, सोना भी गिरा, 15 दिन में दोनों धातुओं के भाव में बड़ी गिरावट

सोना-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट! 15 दिन में सोना ₹7 हजार और चांदी ₹14 हजार तक सस्ती। क्या अब खरीदारी का सही मौका है?

Table of Contents

सोना चांदी: चांदी ₹3,742 सस्ती, सोना भी गिरा, 15 दिन में दोनों धातुओं के भाव में बड़ी गिरावट

सोने-चांदी की कीमतों में शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को एक बार फिर बड़ी गिरावट देखने को मिली. भारत में बुलियन बाजार के प्रमुख बेंचमार्क माने जाने वाले इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी आईबीजेए के आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमत एक दिन में करीब ₹3,742 प्रति किलोग्राम घटकर लगभग ₹2.30 लाख पर आ गई. वहीं 24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम पर करीब ₹269 घटकर ₹1.53 लाख के आसपास पहुंच गई. आईबीजेए के भाव आम तौर पर 3 प्रतिशत जीएसटी और मेकिंग चार्ज के बिना होते हैं, इसलिए ज्वेलरी खरीदते समय ग्राहक को वास्तविक भुगतान इससे अधिक करना पड़ सकता है.

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह गिरावट सिर्फ एक दिन की कहानी नहीं है. 28 अगस्त के मुकाबले अब चांदी करीब ₹14 हजार और सोना करीब ₹7 हजार नीचे आ चुका है. यानी अगस्त के आखिर में जिस स्तर पर दोनों धातुओं के भाव पहुंच गए थे, सितंबर के दूसरे सप्ताह तक बाजार ने उसका एक बड़ा हिस्सा वापस गंवा दिया है.

हालांकि, तस्वीर का दूसरा पहलू भी है. साल 2026 में सोने ने अब तक जोरदार बढ़त दर्ज की है और जनवरी में दोनों धातुओं ने मौजूदा साल के बेहद ऊंचे स्तर देखे थे. ऐसे में मौजूदा गिरावट को बाजार में पूरी तरह से तेजी खत्म होने का संकेत मानना जल्दबाजी होगी.

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आज के प्रमुख आंकड़े

  • 24 कैरेट सोना: करीब ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम
  • सोने में आज की गिरावट: करीब ₹269 प्रति 10 ग्राम
  • चांदी: करीब ₹2.30 लाख प्रति किलोग्राम
  • चांदी में आज की गिरावट: करीब ₹3,742 प्रति किलोग्राम
  • 15 दिन में सोने की गिरावट: करीब ₹7 हजार
  • 15 दिन में चांदी की गिरावट: करीब ₹14 हजार

आईबीजेए खुद भी स्पष्ट करता है कि उसके प्रकाशित भाव में जीएसटी और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते. इसलिए बाजार में किसी ज्वेलर की दुकान पर मिलने वाला अंतिम भाव अलग हो सकता है.

15 दिन में इतना सस्ता हुआ सोना और चांदी

अगस्त के आखिरी दिनों में सोना और चांदी दोनों काफी ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहे थे. 28 अगस्त के आसपास 24 कैरेट सोना लगभग ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब ₹2.44 लाख प्रति किलोग्राम बताई गई थी. इसके बाद दोनों धातुओं में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला.

11 सितंबर तक आते-आते सोने का भाव लगभग ₹1.53 लाख और चांदी करीब ₹2.30 लाख पर पहुंच गई. इस हिसाब से केवल 15 दिनों में दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय कमी आई है.

धातु 28 अगस्त के आसपास 11 सितंबर के आसपास करीब बदलाव
24 कैरेट सोना ₹1.60 लाख/10 ग्राम ₹1.53 लाख/10 ग्राम ₹7 हजार कम
चांदी ₹2.44 लाख/किलो ₹2.30 लाख/किलो ₹14 हजार कम

हालांकि अलग-अलग बाजारों, समय और भाव के स्रोत के कारण मामूली अंतर संभव है। खासकर वायदा बाजार और हाजिर बाजार के भाव एक जैसे नहीं होते. 11 सितंबर को एमसीएक्स पर भी शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया.

यही वजह है कि केवल किसी एक समय का भाव देखकर खरीदारी या निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है.

जनवरी में बना था रिकॉर्ड, अब उससे काफी नीचे

साल 2026 में सोने और चांदी ने बेहद तेज उतार-चढ़ाव देखा है। 29 जनवरी को सोना करीब ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर तक पहुंचा था, जबकि चांदी ने करीब ₹3.86 लाख प्रति किलोग्राम का स्तर छुआ था. इसके बाद दोनों धातुओं में कई बार तेज गिरावट और फिर तेजी देखने को मिली.

अगर मौजूदा कीमत की तुलना जनवरी के उच्च स्तर से की जाए तो अंतर काफी बड़ा दिखाई देता है.

जनवरी से अब तक बाजार का सफर

  • जनवरी में सोना करीब ₹1.76 लाख/10 ग्राम के उच्च स्तर तक पहुंचा.
  • जनवरी में चांदी करीब ₹3.86 लाख/किलो तक पहुंची.
  • इसके बाद बाजार में तेज करेक्शन देखने को मिला.
  • अगस्त के आखिर में दोनों धातुओं में फिर मजबूती दिखाई दी.
  • सितंबर में दोबारा दबाव बढ़ा और कीमतें नीचे आईं.

इस पूरे घटनाक्रम से एक बात साफ होती है कि सोने और चांदी का बाजार इस समय बेहद अस्थिर है. एक तरफ केंद्रीय बैंकों की खरीद और वैश्विक अनिश्चितता जैसी वजहें सोने को समर्थन दे रही हैं, तो दूसरी तरफ ब्याज दरों की उम्मीद, डॉलर, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक आर्थिक आंकड़े कीमतों पर दबाव डाल सकते हैं.

क्या दिसंबर तक फिर महंगा होगा सोना-चांदी?

मौजूदा गिरावट के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सोना और चांदी आने वाले महीनों में फिर तेजी पकड़ सकते हैं?

कोटक नियो से जुड़े कमोडिटी विशेषज्ञ अनिंद्य बनर्जी के विश्लेषण में सोने और चांदी के लिए लंबी अवधि में सकारात्मक संभावना बताई गई है. उनके अनुसार, सोने को निवेशकों के साथ-साथ दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों की खरीद से भी समर्थन मिल रहा है. अगस्त के अंत में उनके विश्लेषण में भी यह बात सामने आई थी कि निकट अवधि में दबाव के बावजूद कीमती धातुओं की लंबी अवधि की तस्वीर मजबूत रह सकती है.

रिपोर्ट में दिसंबर तक सोने के करीब ₹1.70 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी के करीब ₹3 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंचने की संभावना का अनुमान भी दिया गया है। लेकिन यह अनुमान है, गारंटी नहीं. बाजार की दिशा अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर, वैश्विक महंगाई, भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की खरीद जैसे कई कारकों से बदल सकती है.

यानी आज की गिरावट देखकर यह मान लेना कि सोना और चांदी आगे भी लगातार सस्ते होते रहेंगे, उतना ही गलत हो सकता है जितना किसी अनुमानित लक्ष्य को निश्चित भविष्य की कीमत मान लेना.

कीमतों पर असर डालने वाले प्रमुख कारण

अमेरिकी ब्याज दरें: ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव सोने की कीमत को प्रभावित कर सकता है.

डॉलर की चाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर में तय होती है. डॉलर की मजबूती या कमजोरी का असर भारतीय कीमतों पर भी पड़ता है.

भू-राजनीतिक तनाव: वैश्विक तनाव बढ़ने पर सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में मांग मिल सकती है.

केंद्रीय बैंकों की खरीद: केंद्रीय बैंकों की सोने में खरीदारी बाजार को लंबे समय तक समर्थन दे सकती है.

चांदी की औद्योगिक मांग: चांदी सिर्फ निवेश की धातु नहीं है. इसका इस्तेमाल उद्योग और तकनीकी क्षेत्रों में भी होता है, इसलिए इसकी कीमत पर औद्योगिक मांग का असर पड़ता है.

रीवा समेत स्थानीय बाजार में खरीदारों के लिए क्या मायने?

विंध्य क्षेत्र में सोने-चांदी की कीमतों में बदलाव का सीधा असर शादी-ब्याह और त्योहारों की खरीदारी पर पड़ता है. रीवा, सतना, सीधी, शहडोल और आसपास के शहरों में बड़ी संख्या में परिवार आभूषण खरीदने के लिए सराफा बाजार का रुख करते हैं.

लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है. राष्ट्रीय स्तर पर आईबीजेए का भाव घटने का मतलब यह नहीं है कि स्थानीय ज्वेलर की दुकान पर उसी अनुपात में कीमत घट जाएगी.

ग्राहक को अंतिम कीमत तय करते समय इन चीजों को अलग-अलग देखना चाहिए—

  • सोने की शुद्धता और कैरेट
  • कुल वजन
  • सोने का प्रति ग्राम भाव
  • मेकिंग चार्ज
  • जीएसटी
  • अन्य शुल्क
  • पुराने सोने की एक्सचेंज वैल्यू

उदाहरण के लिए, दो दुकानों पर एक ही वजन की ज्वेलरी का सोना मूल्य समान हो सकता है, लेकिन मेकिंग चार्ज अलग होने के कारण अंतिम बिल में बड़ा अंतर आ सकता है.

इसलिए केवल यह सुनकर कि आज सोना सस्ता हुआ है, तुरंत खरीदारी करने के बजाय ग्राहक को पूरा बिल समझना चाहिए.

सोना खरीदते समय इन तीन बातों का रखें ध्यान

1. बीआईएस हॉलमार्क जरूर देखें

सोना खरीदते समय बीआईएस हॉलमार्क और संबंधित पहचान चिह्न की जांच करें. इससे खरीदार को धातु की शुद्धता से संबंधित जानकारी मिलती है.

2. बाजार भाव से तुलना करें

ज्वेलरी खरीदने से पहले उस दिन का सोने का भाव विश्वसनीय स्रोत से जांचें. 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव अलग-अलग होते हैं.

आईबीजेए के अनुसार उसके प्रकाशित बेंचमार्क रेट जीएसटी और मेकिंग चार्ज से अलग होते हैं. इसलिए ग्राहक को दुकान पर मिलने वाले अंतिम बिल से तुलना करते समय इस अंतर को समझना चाहिए.

3. मेकिंग चार्ज को नजरअंदाज न करें

कई बार ग्राहक सोने के भाव पर पूरा ध्यान देता है लेकिन मेकिंग चार्ज पर ध्यान नहीं देता. जबकि अंतिम बिल में यह राशि काफी महत्वपूर्ण हो सकती है.

खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूछें कि—

  • मेकिंग चार्ज कितना है?
  • यह प्रतिशत में है या प्रति ग्राम?
  • जीएसटी किस राशि पर लगाया गया है?
  • पुराने सोने की कीमत कैसे तय की गई है?

पूरे बिल का ब्रेकअप मांगना ग्राहक के लिए सबसे सुरक्षित तरीका है.

क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?

यह सवाल सबसे ज्यादा लोगों के मन में होगा. इसका एक सीधा जवाब नहीं है, क्योंकि सोना खरीदने का उद्देश्य हर व्यक्ति के लिए अलग होता है.

अगर किसी परिवार को शादी या किसी जरूरी अवसर के लिए आभूषण खरीदना ही है, तो केवल बाजार की छोटी अवधि की चाल देखकर खरीदारी टालना हमेशा जरूरी नहीं है. लेकिन अगर उद्देश्य सिर्फ निवेश है, तो कीमत में तेज उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखना चाहिए.

मौजूदा समय में विशेषज्ञों की राय भी एकतरफा नहीं है. कुछ विश्लेषण लंबी अवधि में सोने और चांदी के लिए सकारात्मक संभावना देखते हैं, लेकिन निकट अवधि में कीमतों पर दबाव की बात भी कही गई है.

इसलिए निवेशक को किसी एक अनुमानित लक्ष्य को निश्चित मानकर फैसला नहीं करना चाहिए.

आगे क्या देखना होगा?

आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा कई वैश्विक संकेतकों पर निर्भर करेगी. खास तौर पर अमेरिका के आर्थिक आंकड़े, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, डॉलर की चाल और भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे.

11 सितंबर की गिरावट को इसी बड़े बाजार संदर्भ में देखना जरूरी है. आज कीमतें नीचे आई हैं, लेकिन साल की शुरुआत की तुलना में सोना अभी भी काफी ऊंचे स्तर पर है। चांदी ने भी साल के दौरान बेहद बड़ा उतार-चढ़ाव देखा है.

इसलिए मौजूदा बाजार का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि कीमती धातुओं में तेजी और गिरावट दोनों बहुत तेज हो सकती हैं.

आगे की तस्वीर एक नजर में

सवाल मौजूदा स्थिति
आज सोने का रुख गिरावट
आज चांदी का रुख गिरावट
15 दिन का ट्रेंड दोनों में कमी
जनवरी का स्तर मौजूदा कीमत से काफी ऊपर
दिसंबर का अनुमान सोना ₹1.70 लाख, चांदी ₹3 लाख तक की संभावना
जोखिम कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव

निष्कर्ष: गिरावट को समझें, सिर्फ सस्ता देखकर फैसला न लें

11 सितंबर को सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने खरीदारों को कुछ राहत जरूर दी है. 15 दिनों में सोना करीब ₹7 हजार और चांदी करीब ₹14 हजार सस्ती हुई है. लेकिन इस गिरावट को बाजार में स्थायी बदलाव मानना अभी जल्दबाजी होगी.

सोने और चांदी दोनों ने 2026 में रिकॉर्ड स्तर देखे हैं और विशेषज्ञों के एक हिस्से का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जैसी वजहें आगे भी सोने को समर्थन दे सकती हैं. दूसरी ओर, ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों में बदलाव कीमतों में फिर तेज गिरावट ला सकता है.

रीवा और पूरे विंध्य क्षेत्र के खरीदारों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि केवल आज का भाव देखकर खरीदारी न करें. शुद्धता, वजन, मेकिंग चार्ज और जीएसटी समेत पूरे बिल की जांच करें. निवेश के मामले में भी बाजार के किसी एक अनुमानित लक्ष्य को पक्की कीमत न मानें.

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