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Toggleशहडोल: फिजिक्स शिक्षक की कमी से परेशान 12वीं के छात्र
शहडोल: शहडोल जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं. जनपद पंचायत ब्यौहारी क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तीखवा में कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राएं फिजिक्स विषय के शिक्षक की कमी से परेशान हैं. बोर्ड परीक्षा की तैयारी के महत्वपूर्ण समय में विषय शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों के सामने पढ़ाई को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है.
छात्रों का कहना है कि फिजिक्स उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण विषय है. शिक्षक की नियमित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई महत्वपूर्ण अध्यायों और टॉपिक्स की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. विद्यार्थियों को चिंता है कि यदि समय रहते शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई तो इसका सीधा असर उनकी बोर्ड परीक्षा के परिणाम और आगे की पढ़ाई पर पड़ सकता है.
12वीं के छात्रों के सामने बढ़ी परेशानी
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तीखवा में पढ़ने वाले 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है. कक्षा 12वीं के बाद विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में प्रवेश लेते हैं. विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों के लिए फिजिक्स विषय की मजबूत तैयारी आगे की पढ़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
छात्रों का कहना है कि स्कूल में फिजिक्स विषय का शिक्षक नहीं होने के कारण उन्हें नियमित कक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है. कई विद्यार्थियों को कठिन अध्याय समझने में परेशानी हो रही है. वहीं परीक्षा की तैयारी के दौरान विद्यार्थियों को अपने स्तर पर पढ़ाई करनी पड़ रही है.
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए यह समस्या और गंभीर हो जाती है, क्योंकि हर छात्र के लिए निजी कोचिंग या अलग से शिक्षक की व्यवस्था करना आसान नहीं होता है. ऐसे में सरकारी स्कूल में विषय शिक्षक की उपलब्धता ही विद्यार्थियों की पढ़ाई का प्रमुख आधार होती है.
फिजिक्स जैसे महत्वपूर्ण विषय का शिक्षक नहीं
विद्यार्थियों का कहना है कि फिजिक्स केवल बोर्ड परीक्षा का विषय नहीं है. मेडिकल, इंजीनियरिंग और विज्ञान से जुड़े कई पाठ्यक्रमों में इस विषय की बुनियादी जानकारी बेहद महत्वपूर्ण होती है.
जो विद्यार्थी डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हैं, उन्हें आगे की पढ़ाई में विज्ञान विषयों की मजबूत समझ की जरूरत होती है. इसी तरह इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में जाने वाले विद्यार्थियों के लिए भी फिजिक्स महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है.
ऐसे में विद्यार्थियों का सवाल है कि यदि स्कूल में विषय शिक्षक ही उपलब्ध नहीं होगा तो वे अपनी तैयारी कैसे पूरी करेंगे. छात्रों का कहना है कि वे पढ़ाई करना चाहते हैं और मेहनत करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें बेहतर मार्गदर्शन और नियमित कक्षाओं की जरूरत है.
मुख्यमंत्री से छात्रों ने लगाई गुहार
फिजिक्स शिक्षक की कमी से परेशान विद्यार्थियों ने अब मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है. छात्रों ने मुख्यमंत्री को मामा के तौर पर संबोधित करते हुए अपनी समस्या जल्द दूर कराने की अपील की है.
विद्यार्थियों का कहना है कि सरकार ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. ऐसे में उनके स्कूल में भी विषय शिक्षक की व्यवस्था होनी चाहिए.
छात्रों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द फिजिक्स के शिक्षक की पदस्थापना करे, ताकि उनकी पढ़ाई दोबारा नियमित रूप से शुरू हो सके.
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शिक्षक नहीं मिला तो विषय बदलने की चिंता
विद्यार्थियों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि यदि जल्द ही फिजिक्स विषय के शिक्षक की व्यवस्था नहीं हुई तो उनके सामने विषय बदलने की स्थिति बन सकती है. कुछ विद्यार्थियों ने पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता भी जाहिर की है.
छात्रों के मुताबिक, कक्षा 12वीं में विषय बदलना आसान नहीं होता. इसके लिए विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई और करियर योजना पर भी असर पड़ सकता है.
विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने जिस विषय को चुनकर पढ़ाई शुरू की है, उसमें शिक्षक की कमी के कारण उन्हें अपने भविष्य को लेकर चिंता हो रही है. वे चाहते हैं कि उनकी समस्या का समाधान स्कूल स्तर पर ही किया जाए, ताकि उन्हें किसी दूसरे विकल्प के बारे में सोचने की जरूरत न पड़े.
ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए बड़ी चुनौती
शहडोल जिले के कई ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में विद्यार्थियों के सामने पहले से ही शिक्षा से जुड़ी कई चुनौतियां रहती हैं. स्कूल तक पहुंच, अतिरिक्त अध्ययन की सुविधा और निजी कोचिंग की उपलब्धता जैसी समस्याएं ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं.
ऐसे में सरकारी स्कूल ही विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम होता है. यदि किसी महत्वपूर्ण विषय का शिक्षक लंबे समय तक उपलब्ध नहीं रहता है तो इसका प्रभाव सीधे विद्यार्थियों की तैयारी पर पड़ सकता है.
तीखवा स्कूल के विद्यार्थियों की मांग भी इसी समस्या की ओर इशारा करती है. छात्रों का कहना है कि वे अपने स्कूल में ही बेहतर शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं. उन्हें इसके लिए किसी बड़े शहर में जाने या महंगी कोचिंग लेने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए.
बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर असर का डर
कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए बोर्ड परीक्षा भविष्य की पढ़ाई का महत्वपूर्ण आधार मानी जाती है. अच्छे अंक हासिल करने के लिए विद्यार्थियों को पूरे पाठ्यक्रम की समय पर तैयारी करनी होती है.
फिजिक्स जैसे विषय में केवल किताब पढ़ना पर्याप्त नहीं माना जाता. विद्यार्थियों को कठिन अवधारणाओं को समझने, सवाल हल करने और परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयारी करने के लिए शिक्षक के मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है.
छात्रों का कहना है कि शिक्षक की कमी के कारण वे इन सभी पहलुओं को लेकर परेशान हैं. उन्हें डर है कि यदि जल्द कक्षाएं शुरू नहीं हुईं तो पाठ्यक्रम पूरा करने में भी परेशानी हो सकती है.
छात्रों ने रखी अपनी बात
विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी समस्या को लेकर आवाज उठाई है. छात्रा शक्ति प्रजापति का कहना है कि फिजिक्स विषय की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और शिक्षक की जल्द नियुक्ति जरूरी है.
वहीं छात्र नीलेश सिंह ने भी स्कूल में फिजिक्स शिक्षक की व्यवस्था किए जाने की मांग की है. विद्यार्थियों का कहना है कि वे पढ़ाई से समझौता नहीं करना चाहते और चाहते हैं कि संबंधित अधिकारी उनकी समस्या को गंभीरता से लें.
शिक्षा विभाग के सामने अब समाधान की चुनौती
तीखवा स्कूल के विद्यार्थियों की मांग अब शिक्षा विभाग और प्रशासन तक पहुंच चुकी है. विद्यार्थियों को उम्मीद है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा.
अब सवाल यह है कि स्कूल में फिजिक्स विषय के शिक्षक की व्यवस्था कब तक होगी. क्या शिक्षा विभाग समय रहते विद्यार्थियों की परेशानी दूर कर पाएगा. यह आने वाला समय बताएगा.
हालांकि, छात्रों की मांग को केवल शिक्षक की नियुक्ति तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए. ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पर्याप्त विषय शिक्षकों की उपलब्धता शिक्षा की गुणवत्ता से सीधे जुड़ा मुद्दा है.
छात्रों के भविष्य से जुड़ा है मामला
तीखवा स्कूल के विद्यार्थियों की परेशानी यह बताती है कि शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है. विद्यार्थियों के पास पढ़ने की इच्छा है, लेकिन उन्हें उस पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन और मार्गदर्शन भी मिलना चाहिए.
खास तौर पर 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए समय बेहद महत्वपूर्ण होता है. इस स्तर पर किसी महत्वपूर्ण विषय की पढ़ाई प्रभावित होने का असर उनकी आगे की शिक्षा और करियर पर भी पड़ सकता है.
शहडोल के तीखवा स्कूल के छात्रों ने अपनी मांग सामने रख दी है. अब उनकी नजर शिक्षा विभाग और प्रशासन की कार्रवाई पर है.
विद्यार्थियों को उम्मीद है कि उनकी आवाज सुनी जाएगी और स्कूल में जल्द फिजिक्स विषय के शिक्षक की व्यवस्था होगी. यदि ऐसा होता है तो न केवल उनकी वर्तमान पढ़ाई बेहतर होगी, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर और विज्ञान के दूसरे क्षेत्रों में करियर बनाने का सपना देख रहे इन विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा.
रिपोर्ट: कृष्णा तिवारी