Skip to main content

Vindhya First

Mauganj News: मऊगंज में बारिश से सड़क बदहाल, ग्रामीणों का आवागमन ठप

Mauganj News: मऊगंज में बारिश से सड़क बदहाल, ग्रामीणों का आवागमन ठप

Mauganj News: मऊगंज में बारिश से सड़क बदहाल, ग्रामीणों का आवागमन ठप

Mauganj News: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से एक बार फिर ग्रामीण विकास की जमीनी तस्वीर सामने आई है. बारिश शुरू होते ही गांव की सड़कें दलदल में बदल गई हैं और लोगों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है. ग्राम पंचायत मटियारा के बेला भाटन गांव में वार्ड क्रमांक 12 और 13 को मुख्य सड़क से जोड़ने वाला मार्ग कीचड़ और गहरे गड्ढों से भर चुका है. ऐसे में ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के साथ-साथ अस्पताल, स्कूल और बाजार तक पहुंचने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. अब उन्होंने प्रशासन से तत्काल राहत और स्थायी समाधान की मांग की है.

Mauganj News: मऊगंज में बारिश से सड़क बदहाल, ग्रामीणों का आवागमन ठप
Mauganj News: मऊगंज में बारिश से सड़क बदहाल, ग्रामीणों का आवागमन ठप

बारिश के बाद सड़क बनी दलदल

बेला भाटन गांव की सड़क पर बारिश के बाद हालात बेहद खराब हो गए हैं. मुख्य मार्ग पूरी तरह कीचड़ और पानी से भर गया है. कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है.

ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की हालत ऐसी है कि दोपहिया वाहन फिसल जाते हैं, जबकि चारपहिया वाहन बीच रास्ते में फंस जाते हैं. कई बार लोगों को मिलकर वाहनों को धक्का देकर बाहर निकालना पड़ता है.

मरीजों को अस्पताल पहुंचाना बना चुनौती

ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी तब होती है, जब गांव में कोई बीमार हो जाता है. खराब सड़क के कारण मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है.

बरसात के दौरान एंबुलेंस और अन्य वाहन गांव तक आसानी से नहीं पहुंच पाते. ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित

सड़क की बदहाल स्थिति का असर बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ रहा है. गांव के छात्र-छात्राओं को रोज इसी रास्ते से स्कूल जाना पड़ता है.

बारिश के दिनों में फिसलन और कीचड़ के कारण स्कूल पहुंचना जोखिम भरा हो जाता है. कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें कई बार स्कूल भेजना भी मुश्किल हो जाता है.

यह भी पढ़े-Rewa News: रीवा छात्रावास में दूषित पानी और जर्जर भवन से छात्र परेशान

ग्रामीणों ने लगाए अनदेखी के आरोप

ग्रामीण युवक राजू पांडे का कहना है कि सड़क की समस्या नई नहीं है. कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत की सरपंच पार्वती द्विवेदी पर भी समस्या की अनदेखी का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद सड़क की मरम्मत या निर्माण के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई.

तत्काल मुरम और पक्की सड़क की मांग

ग्रामीणों की मांग है कि सबसे पहले सड़क पर मुरम डालकर आवागमन सुचारु किया जाए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को राहत मिल सके.

इसके साथ ही उन्होंने स्थायी समाधान के रूप में पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग भी उठाई है. ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यही समस्या सामने आती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया.

विकास के दावों पर उठे सवाल

सरकार और प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और आधारभूत सुविधाओं के विकास के दावे करते हैं. लेकिन बेला भाटन गांव की मौजूदा स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े करती है.

एक ओर गांवों तक विकास पहुंचाने की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर लोग आज भी खराब सड़कों के कारण मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे हैं. सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीणों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है.

अब प्रशासन के कदम का इंतजार

ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं पर जल्द ध्यान दिया जाएगा और सड़क निर्माण का काम शुरू होगा. फिलहाल गांव के लोग बारिश के बीच इसी बदहाल रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं.

अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक करता है. क्योंकि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं होती, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी भी होती है.

रिपोर्ट: दीपक सिंह गहरवर 

यह भी पढ़े- शहडोल: बनारसी महाराज पंडित बृजबिहारी मिश्रा के जीवन, संघर्ष, न्यायप्रिय नेतृत्व और सामाजिक प्रभाव