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Toggleमऊगंज: 10 महीने बाद मिली लाडली, सामने आई दर्दनाक सच्चाई
मऊगंज: जिले के हनुमना थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों और भरोसे को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है. खेत में मजदूरी करने गए नाना-नानी जब शाम को घर लौटे तो उनकी नाबालिग नातिन घर से गायब थी. परिवार ने हर संभव जगह तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. करीब 10 महीने बाद जब पुलिस ने लड़की को सुरक्षित बरामद किया, तो उसके साथ हुई घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया.
जुलाई 2025 में अचानक लापता हुई थी नाबालिग
जानकारी के अनुसार, जुलाई 2025 में हनुमना थाना क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की अचानक घर से लापता हो गई थी. घटना के समय उसके नाना-नानी खेत में धान की रोपाई करने गए थे. शाम को वापस लौटने पर बच्ची घर में नहीं मिली.
परिजनों ने पहले आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों के यहां खोजबीन की, लेकिन कहीं भी लड़की का पता नहीं चला. इसके बाद हनुमना थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, जिस पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
10 महीने तक तलाश करती रही पुलिस और परिवार
नाबालिग के गायब होने के बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी रही. दूसरी ओर परिवार की हर सुबह उम्मीद और हर रात चिंता में बीत रही थी. नाना-नानी अपनी लाडली के घर लौटने का इंतजार करते रहे, लेकिन समय बीतने के साथ उनकी बेचैनी बढ़ती गई.
करीब 10 महीने बाद अप्रैल 2026 में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली. पुलिस टीम ने प्रयागराज से नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया. इसके बाद न्यायालय में दर्ज बयान और पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए.
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शादी का झांसा देकर ले गया आरोपी
पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि प्रयागराज निवासी शनि कुमार वर्मा ने उसे शादी का झांसा दिया था. आरोपी ने उसे जीवनभर साथ निभाने के सपने दिखाए और अपने साथ ले गया.
बयान के अनुसार, भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी की मौसी शकुन्तला ने उसे संरक्षण दिया और पूरे मामले को छिपाने में सहयोग किया.
पुलिस के अनुसार, आरोपी और उसकी मौसी ने नाबालिग को अपने पास रखकर घटना को छिपाने की कोशिश की थी.
पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराएं बढ़ाई गईं
पीड़िता के बयान के बाद पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं को जोड़ा. इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम और एसडीओपी साची पाठक के निर्देशन में हनुमना पुलिस की टीम गठित की गई.
प्रयागराज में दबिश देकर दोनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की जा रही निगरानी के आधार पर प्रयागराज में दबिश दी. 14 जून 2026 को मुख्य आरोपी शनि कुमार वर्मा और उसकी मौसी शकुन्तला को गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
एक परिवार को मिला न्याय का भरोसा
यह गिरफ्तारी केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी भर नहीं है, बल्कि एक ऐसे परिवार के लिए राहत की खबर है जो पिछले 10 महीनों से अपनी बेटी के इंतजार में दिन गुजार रहा था.
मामला यह भी दिखाता है कि नाबालिगों को बहला-फुसलाकर अपराध करने वाले चाहे कितनी भी दूर क्यों न भाग जाएं, कानून की पकड़ से बच नहीं सकते. पुलिस की कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया है कि अपराधियों तक पहुंचने में समय लग सकता है, लेकिन न्याय की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है.
समाज के लिए बड़ा सवाल
इस घटना ने समाज के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है. आखिर कब तक मासूम बच्चियां झूठे वादों, शादी के नाम पर दिए जाने वाले धोखे और रिश्तों की आड़ में रची जाने वाली साजिशों का शिकार होती रहेंगी?
बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता और परिवारों की सतर्कता आज पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है. ऐसे मामलों में समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि नाबालिगों को सुरक्षित वातावरण मिले और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
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