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रीवा: 78 हजार रिश्वत लेते वनपाल लोकायुक्त के शिकंजे में

रीवा: 78 हजार रिश्वत लेते वनपाल लोकायुक्त के शिकंजे में

रीवा: 78 हजार रिश्वत लेते वनपाल लोकायुक्त के शिकंजे में

रीवा: रीवा जिले के सिरमौर वन परिक्षेत्र में पदस्थ एक वनपाल को रिश्वत लेना भारी पड़ गया. लोकायुक्त पुलिस ने ट्रक छोड़ने के एवज में 78 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए वनपाल दिनेश कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई पूर्वा फॉल के पास स्थित एक ढाबे में की गई. आरोपी पर ट्रक चालक से पहले 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है.

लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है. मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.

ट्रक छोड़ने के बदले मांगी गई थी 2 लाख रुपये की रिश्वत

जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के सीतापुर निवासी ट्रक चालक नीरज यादव लकड़ी से लदा ट्रक लेकर मुरादाबाद जा रहे थे. आरोप है कि 7 जुलाई को सिरमौर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत वन विभाग की टीम ने ट्रक को रोक लिया और चौकी में खड़ा करा दिया.

शिकायतकर्ता का कहना है कि कई दिन बीत जाने के बाद भी ट्रक को नहीं छोड़ा गया. जब उन्होंने वाहन छोड़ने की बात की तो वनपाल दिनेश कुमार ने कथित तौर पर 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की. रिश्वत दिए बिना ट्रक छोड़ने से इनकार करने का भी आरोप लगाया गया.

लोकायुक्त से की शिकायत, शुरू हुई जांच

रिश्वत की मांग से परेशान होकर ट्रक चालक नीरज यादव ने 10 जुलाई को रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और वनपाल पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया.

रीवा: 78 हजार रिश्वत लेते वनपाल लोकायुक्त के शिकंजे में
रीवा: 78 हजार रिश्वत लेते वनपाल लोकायुक्त के शिकंजे में

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का सत्यापन कराया. जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए. इसके बाद लोकायुक्त टीम ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की.

ढाबे पर बुलाकर मांगे 78 हजार रुपये

लोकायुक्त की जांच के दौरान आरोपी वनपाल ने शिकायतकर्ता को पूर्वा फॉल के पास स्थित एक ढाबे पर बुलाया. इस दौरान कथित तौर पर 78 हजार रुपये लेकर आने के लिए कहा गया.

योजना के अनुसार शिकायतकर्ता निर्धारित राशि लेकर मौके पर पहुंचा. जैसे ही उसने वनपाल को रुपये दिए, पहले से सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया.

कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी राशि भी मौके से बरामद कर ली गई.

रंगे हाथ गिरफ्तारी से मचा हड़कंप

वनपाल की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही वन विभाग में हलचल मच गई. लोकायुक्त की टीम ने मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया.

अधिकारियों ने मौके पर मौजूद साक्ष्यों को भी जब्त किया और पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी एवं दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की गई.

लोकायुक्त ने क्या कहा

लोकायुक्त निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद उसका विधिवत सत्यापन कराया गया था. जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई.

उन्होंने बताया कि आरोपी वनपाल दिनेश कुमार को पूर्वा फॉल के पास स्थित ढाबे में 78 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है. मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई जारी है.

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भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई का संदेश

लोकायुक्त की यह कार्रवाई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख का संकेत मानी जा रही है. ऐसे मामलों में ट्रैप कार्रवाई यह संदेश देती है कि रिश्वत मांगने और लेने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो संबंधित व्यक्ति को इसकी सूचना लोकायुक्त या सक्षम जांच एजेंसी को देनी चाहिए, ताकि कानून के अनुसार कार्रवाई हो सके.

जांच आगे भी जारी रहेगी

फिलहाल आरोपी वनपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच जारी है. जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं.

लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद अब पूरे मामले पर वन विभाग की आंतरिक प्रक्रिया और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर भी नजर रहेगी.

निष्कर्ष

रीवा के सिरमौर वन परिक्षेत्र में हुई यह ट्रैप कार्रवाई एक बार फिर सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करती है. शिकायतकर्ता की सूचना और लोकायुक्त की सुनियोजित कार्रवाई के चलते आरोपी वनपाल को कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया. अब आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी.

रिपोर्ट: हीरो गुप्ता 

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