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शहडोल: अस्पताल में स्कूटी चोरी, घायल बनकर आया गाड़ी लेकर फरार

शहडोल: अस्पताल में स्कूटी चोरी, घायल बनकर आया गाड़ी लेकर फरार

शहडोल: अस्पताल में स्कूटी चोरी, घायल बनकर आया गाड़ी लेकर फरार

शहडोल: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शातिर चोर ने फिल्मी स्टाइल में स्कूटी चोरी की वारदात को अंजाम दिया. यह घटना धनपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की है, जहां आरोपी ने खुद को घायल मरीज बताकर 108 एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचा और फिर मौके का फायदा उठाकर एएनएम की स्कूटी लेकर फरार हो गया.

इस पूरी घटना ने न सिर्फ अस्पताल प्रशासन बल्कि आम लोगों को भी हैरान कर दिया है, क्योंकि चोरी का तरीका बेहद चालाकी और प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया.

एंबुलेंस से पहुंचा “घायल”, लेकिन निकला शातिर चोर

मिली जानकारी के अनुसार, धनपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एएनएम संगीता सिंह बघेल ने अपनी होंडा एक्टिवा स्कूटी (MP 19 MW 4655) अस्पताल परिसर में पार्क की थी. कुछ समय बाद जब उन्होंने अपनी स्कूटी देखी तो वह वहां से गायब थी.

शहडोल: अस्पताल में स्कूटी चोरी, घायल बनकर आया गाड़ी लेकर फरार
शहडोल: अस्पताल में स्कूटी चोरी, घायल बनकर आया गाड़ी लेकर फरार

शुरुआत में यह एक सामान्य चोरी का मामला लग रहा था, लेकिन जब अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, तो जो सामने आया उसने सभी को चौंका दिया.

सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दिया कि एक 108 एंबुलेंस अस्पताल पहुंचती है, जिसमें चालक सहित तीन लोग सवार थे. इनमें से एक व्यक्ति लंगड़ाते हुए एंबुलेंस से उतरता है और खुद को घायल मरीज की तरह पेश करता है.

बताया गया कि इस व्यक्ति की पहचान खाम्हीडोल निवासी रामानंद तिवारी के रूप में हुई है.

इलाज के बहाने बनाई योजना

फुटेज के अनुसार, आरोपी ने अस्पताल पहुंचकर मेडिकल स्टाफ से इलाज और एमएलसी (मेडिको-लीगल केस) की बात की, जिससे वह पूरी तरह एक घायल व्यक्ति प्रतीत हो रहा था. उसकी एक्टिंग इतनी विश्वसनीय थी कि किसी को उस पर शक नहीं हुआ.

लेकिन कुछ ही देर बाद, वही व्यक्ति बिना किसी लंगड़ाहट के सामान्य तरीके से चलता हुआ बाहर निकला. यह बदलाव देखकर साफ समझ आता है कि वह शुरू से ही एक प्लान के तहत अस्पताल आया था.

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पार्किंग से स्कूटी लेकर फरार

फुटेज में आगे दिखता है कि आरोपी सीधे अस्पताल की पार्किंग में पहुंचता है, जहां एएनएम की स्कूटी खड़ी थी. उसने बड़ी आसानी से स्कूटी स्टार्ट की और मौके से फरार हो गया.

इस दौरान एंबुलेंस चालक और उसके साथ आए अन्य लोग भी वहां से निकल गए. पूरी घटना अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जो अब पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन चुकी है.

शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही एएनएम संगीता सिंह बघेल ने धनपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान भी कर ली गई है.

पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है.

एंबुलेंस चालक की भूमिका संदिग्ध

इस पूरे मामले में 108 एंबुलेंस चालक की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है. पुलिस ने एंबुलेंस चालक अशोक बैगा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.

प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने बताया कि आरोपी ने खुद को एक्सीडेंट पीड़ित बताकर एंबुलेंस बुलवाई थी और इलाज के बहाने अस्पताल पहुंचा था.

हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना में चालक की कोई मिलीभगत थी या वह भी आरोपी के झांसे में आ गया था,

अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक व्यक्ति का इस तरह से घायल बनकर आना और फिर आसानी से चोरी कर फरार हो जाना, सुरक्षा में बड़ी चूक को दर्शाता है.

अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा और निगरानी बेहद जरूरी होती है, खासकर जब वहां मरीजों और स्टाफ की जिम्मेदारी होती है.

सीसीटीवी बना सबसे बड़ा सबूत

इस मामले में सबसे अहम भूमिका सीसीटीवी फुटेज ने निभाई है. अगर कैमरे नहीं होते, तो शायद इस चोरी का तरीका कभी सामने नहीं आ पाता.

फुटेज के आधार पर ही पुलिस ने आरोपी की पहचान की है और अब उसी के जरिए आगे की कार्रवाई की जा रही है.

निष्कर्ष

शहडोल के धनपुरी अस्पताल में हुई यह स्कूटी चोरी की घटना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. आरोपी की चालाकी और प्लानिंग ने यह साबित कर दिया कि अपराधी किस तरह नए-नए तरीके अपनाकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं.

हालांकि, पुलिस की सक्रियता और सीसीटीवी फुटेज के चलते मामले की सच्चाई सामने आ गई है और आरोपी की गिरफ्तारी की उम्मीद भी बढ़ गई है.

यह घटना एक चेतावनी भी है कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

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