नई दिल्ली
बंगाल की खाड़ी में समुद्री सतह का तापमान बढ़कर 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसके चलते पहले अर्णब तूफान आया और अब मुरासु। एक हफ्ते के भीतर यह दूसरा तूफान है, जिसने प्रचंड होकर मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया है।
गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील मुरासु तेजी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। यह सोमवार की रात ढाई बजे से मंगलवार की सुबह चार बजे के बीच आंध्र प्रदेश में तट को पार कर सकता है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।
तूफान का प्रभाव पूर्वी तट से आगे बढ़कर मध्य भारत के कुछ हिस्सों तक पहुंचेगा। मध्य प्रदेश के दक्षिणी इलाकों में भी बारिश बढ़ सकती है।
मुरासु का प्रभाव अर्णब से थोड़ा भिन्न होगा। तूफान कमजोर पड़ने के बाद भी अगले कुछ दिनों तक देश के बड़े हिस्से को प्रभावित करता रहेगा। पूर्वी भारत से लेकर मध्य भारत और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों तक बादलों की आवाजाही और बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि उत्तर भारत में तूफान का सीधा असर नहीं होगा।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मुरासु तूफान के दौरान हवा की गति अर्णब की तुलना में थोड़ा कम है, लेकिन इसका असर पूरे देश पर पड़ेगा। सबसे गंभीर असर आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु में होगा। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और रायलसीमा में भारी से बेहद भारी बारिश का अनुमान है।
आंध्र प्रदेश के अलावा तमिलनाडु और तेलंगाना में भी तेज हवा के साथ भारी बारिश होगी। हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी तीन नवंबर से अगले दो दिनों तक भारी बारिश की आशंका है। कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
गिरेगा उत्तर भारत का तापमान
पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के चलते जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। हालांकि इस दौरान दिल्ली समेत हिमाचल, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड का मौसम शुष्क रहेगा। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के अधिकतर क्षेत्र शुष्क बने रहेंगे। दिन में तेज धूप रहेगी। सुबह और रात के तापमान में हल्की गिरावट होगी, जिससे सर्दी की शुरुआत हो सकती है।