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शहडोल: फॉरेस्ट गार्डों से अवैध रेत माफिया पर शकझूमाझटकी,

शहडोल: फॉरेस्ट गार्डों से अवैध रेत माफिया पर शकझूमाझटकी,

शहडोल: फॉरेस्ट गार्डों से झूमाझटकी, अवैध रेत माफिया पर शक

शहडोल: शहडोल जिले में वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. दक्षिण वन मंडल के दो फॉरेस्ट गार्डों के साथ गश्त से लौटते समय झूमाझटकी की घटना सामने आई है. वन विभाग का मानना है कि अवैध रेत उत्खनन से जुड़े लोगों द्वारा गश्ती दल की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी.

घटना के बाद वन विभाग ने संबंधित थानों में शिकायत दर्ज कराई है. मामले को लेकर वन अमले में चिंता का माहौल है. वहीं पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है.

गश्त से लौट रहे वन कर्मियों को रोकने की कोशिश

जानकारी के अनुसार दक्षिण वन मंडल के बीट गार्ड सुरेश बैगा और रामकिशोर बैगा नियमित गश्त पूरी कर लौट रहे थे. इसी दौरान नरसरहा रोड पर डिपो और गणेश मंदिर के बीच दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनका रास्ता रोकने की कोशिश की.

वन कर्मियों के अनुसार आरोपियों ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और फिर उन्हें रोकने का प्रयास किया. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच झूमाझटकी भी हुई.

अचानक हुई इस घटना से दोनों फॉरेस्ट गार्ड घबरा गए. बाद में उन्होंने पूरे मामले की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी.

शहडोल: फॉरेस्ट गार्डों से झूमाझटकी, अवैध रेत माफिया पर शक
शहडोल: फॉरेस्ट गार्डों से झूमाझटकी, अवैध रेत माफिया पर शक

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अवैध रेत उत्खनन से जुड़ा हो सकता है मामला

वन विभाग को आशंका है कि घटना का संबंध अवैध रेत उत्खनन से हो सकता है. अधिकारियों का मानना है कि कुछ लोग वन विभाग की गश्ती टीमों की रेकी कर रहे थे.

सूत्रों के मुताबिक क्षेत्र में अवैध रेत खनन की गतिविधियों को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है. ऐसे में वन विभाग के वाहन और कर्मचारियों पर नजर रखे जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा.

हालांकि मामले की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.

दूसरी घटना में गश्ती वाहन के पास से तेज रफ्तार में निकली कार

वन विभाग ने एक अन्य घटना की भी शिकायत दर्ज कराई है. बताया गया कि डिप्टी रेंजर अपनी टीम के साथ ग्राम बड़खेरा क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त पर थे.

इसी दौरान एक तेज रफ्तार वाहन गश्ती वाहन के बेहद करीब से गुजर गया. वाहन के सटकर निकलने से जोरदार आवाज हुई और स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई.

इसके बाद वह वाहन मौके से तेजी से फरार हो गया. वन विभाग के कर्मचारियों ने वाहन का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली.

बाइक सवार संदिग्ध और भागते ट्रैक्टर आए नजर

घटना के दौरान वन विभाग की टीम को आगे सड़क पर कुछ संदिग्ध गतिविधियां भी दिखाई दीं.

अधिकारियों के अनुसार आगे बढ़ने पर तीन से चार लोग बाइक पर सवार दिखाई दिए. वहीं कुछ ट्रैक्टर भी तेज गति से भागते नजर आए.

वन विभाग को आशंका है कि ये गतिविधियां अवैध रेत उत्खनन या परिवहन से जुड़ी हो सकती हैं. हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी.

दो थानों में दर्ज कराई गई शिकायत

दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज कराई है.

फॉरेस्ट गार्डों के साथ हुई झूमाझटकी की शिकायत कोतवाली थाना में दर्ज कराई गई है. पुलिस ने दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

वहीं डिप्टी रेंजर और गश्ती दल के वाहन से जुड़ी घटना की शिकायत सोहागपुर थाना में दर्ज कराई गई है. पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है.

वन विभाग की सुरक्षा पर उठे सवाल

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

वन कर्मियों का कहना है कि उन्हें अक्सर दूरदराज और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त करनी पड़ती है. ऐसे में असामाजिक तत्वों द्वारा उनकी गतिविधियों पर नजर रखना और उन्हें डराने की कोशिश करना गंभीर मामला है.

विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन और वन अपराधों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली टीमों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए.

पुलिस जांच में जुटी

कोतवाली और सोहागपुर थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है. पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है.

अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि दोनों घटनाओं का आपस में कोई संबंध है या नहीं.

निष्कर्ष

शहडोल जिले में गश्त से लौट रहे वन कर्मी के साथ हुई झूमाझटकी और गश्ती वाहन से जुड़ी दूसरी घटना ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वन विभाग को आशंका है कि अवैध रेत उत्खनन से जुड़े लोग गश्ती टीमों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे.

फिलहाल दोनों मामलों में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इन घटनाओं के पीछे कौन लोग शामिल थे और उनका उद्देश्य क्या था.

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