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हेल्थ फिटनेस: सिर्फ 5 मिनट की कसरत से बढ़ सकती है उम्र! जानिए क्या है ‘एक्सरसाइज़ स्नैकिंग’

सिर्फ 5 मिनट की कसरत बदल सकती है आपकी जिंदगी! जानिए कैसे ‘एक्सरसाइज़ स्नैकिंग’ से बढ़ेगी उम्र, रहेगा दिल और दिमाग स्वस्थ

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हेल्थ फिटनेस: सिर्फ 5 मिनट की कसरत से बढ़ सकती है उम्र! जानिए क्या है ‘एक्सरसाइज़ स्नैकिंग’

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास जिम जाने या घंटों वर्कआउट करने का समय नहीं है. ऑफिस, मोबाइल और लगातार बैठकर काम करने की आदत ने शारीरिक गतिविधियों को बेहद कम कर दिया है. लेकिन अब एक नई रिसर्च उम्मीद की किरण लेकर आई है.

दुनिया की प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल लैंसेट में प्रकाशित एक मेटा अध्ययन के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति रोज केवल पांच मिनट भी शारीरिक गतिविधि करता है, तो इससे असमय मृत्यु के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

विशेषज्ञ इस छोटे लेकिन असरदार फिटनेस ट्रेंड को “एक्सरसाइज़ स्नैकिंग” कह रहे हैं. यानी दिनभर में छोटे-छोटे समय निकालकर शरीर को एक्टिव रखना.

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क्या है एक्सरसाइज़ स्नैकिंग?

“एक्सरसाइज़ स्नैकिंग” का मतलब है दिनभर में थोड़ी-थोड़ी देर के लिए शारीरिक गतिविधि करना. जैसे:

  • पांच मिनट तेज़ चलना
  • सीढ़ियाँ चढ़ना
  • साइकिल चलाना
  • घर के छोटे काम तेज़ गति से करना
  • हल्की स्ट्रेचिंग
  • स्क्वैट्स या जंपिंग जैक्स करना

यह जरूरी नहीं कि आप एक साथ लंबा वर्कआउट करें. अगर आप दिन में कई बार छोटी-छोटी एक्टिविटी करते हैं, तो इसका फायदा शरीर को मिलता है.

रिसर्च में क्या सामने आया?

अध्ययन में पाया गया कि दुनिया भर में लाखों लोग शारीरिक निष्क्रियता के कारण गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. ऐसे में अगर लोग रोजाना केवल पांच मिनट भी सक्रिय रहें, तो करीब 10 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है.

रिसर्च के अनुसार:

  • हल्की एक्सरसाइज़ भी हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाती है
  • ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है
  • मोटापा और डायबिटीज़ का खतरा घटता है
  • मानसिक तनाव कम होता है
  • शरीर की ऊर्जा बढ़ती है

विशेषज्ञों का कहना है कि “कुछ न करने” से बेहतर है “थोड़ा करना”.

सिर्फ फिटनेस नहीं, दिमाग के लिए भी फायदेमंद

एक्सरसाइज़ स्नैकिंग सिर्फ शरीर को ही नहीं बल्कि दिमाग को भी मजबूत बनाती है. जब हम थोड़ी देर भी एक्टिव रहते हैं, तो शरीर में एंडॉर्फिन और डोपामाइन जैसे “फील गुड” हार्मोन रिलीज होते हैं.

इसके फायदे:

  • तनाव कम होता है
  • मूड बेहतर होता है
  • फोकस बढ़ता है
  • नींद अच्छी आती है
  • चिंता और डिप्रेशन का खतरा घटता है

यही कारण है कि अब डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट ऑफिस में लंबे समय तक बैठने के बजाय बीच-बीच में मूवमेंट की सलाह दे रहे हैं.

बुढ़ापे की सेहत पर पड़ता है सीधा असर

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ रोड आइलैंड में काइनेज़ियोलॉजी की असिस्टेंट प्रोफेसर निकोल लोगन के मुताबिक, छोटी-छोटी एक्सरसाइज़ भविष्य की सेहत तय करती हैं.

उनका कहना है कि नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर की मांसपेशियों, हड्डियों और दिल को मजबूत बनाए रखती है. इससे बढ़ती उम्र में कमजोरी, थकान और गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है.

उन्होंने कहा कि जो लोग रोजाना एक्टिव रहते हैं, वे लंबे समय तक स्वतंत्र और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं.

क्या सिर्फ 5 मिनट काफी हैं?

विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि केवल पांच मिनट की एक्सरसाइज़ पूरी फिटनेस के लिए पर्याप्त नहीं है. लेकिन यह शुरुआत के लिए बेहद प्रभावी कदम हो सकता है.

अगर कोई व्यक्ति बिल्कुल एक्टिव नहीं है, तो पांच मिनट की गतिविधि भी उसके शरीर के लिए बड़ा बदलाव ला सकती है.

धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर:

  • 15 मिनट
  • 30 मिनट
  • या WHO द्वारा सुझाए गए 150 मिनट प्रति सप्ताह तक ले जाया जा सकता है.

किन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा?

एक्सरसाइज़ स्नैकिंग खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है जो:

  • लंबे समय तक ऑफिस में बैठते हैं
  • जिम जाने का समय नहीं निकाल पाते
  • बुजुर्ग हैं
  • शुरुआती फिटनेस शुरू करना चाहते हैं
  • मोटापे या थकान से परेशान हैं

यह तरीका आसान होने के कारण लंबे समय तक अपनाया जा सकता है.

घर और ऑफिस में कैसे करें एक्सरसाइज़ स्नैकिंग?

घर पर

  • टीवी देखते समय स्ट्रेचिंग करें
  • फोन पर बात करते हुए टहलें
  • हर घंटे 5 मिनट वॉक करें
  • सीढ़ियों का इस्तेमाल करें

ऑफिस में

  • लिफ्ट की जगह सीढ़ियाँ लें
  • हर घंटे कुर्सी से उठें
  • डेस्क के पास हल्की एक्सरसाइज़ करें
  • पानी लेने खुद जाएं

एक्सरसाइज़ स्नैकिंग के बड़े फायदे

1. दिल रहेगा स्वस्थ

छोटी एक्टिविटी भी हार्ट बीट को एक्टिव रखती है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में मदद करती है.

2. वजन नियंत्रित रहता है

बार-बार मूवमेंट करने से कैलोरी बर्न होती है और मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है.

3. डायबिटीज़ का खतरा घटता है

रोजाना एक्टिव रहने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहती है.

4. मांसपेशियां मजबूत होती हैं

हल्की एक्सरसाइज़ शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी और ताकत बनाए रखती है.

5. मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है

तनाव, चिंता और मानसिक थकान कम होती है.

बच्चों और युवाओं के लिए भी जरूरी

आज मोबाइल और स्क्रीन टाइम बढ़ने के कारण बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी कम हो रही है. एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर बच्चों को बचपन से एक्टिव रहने की आदत डाली जाए, तो भविष्य में कई बीमारियों से बचा जा सकता है.

युवाओं में भी लगातार बैठकर काम करने की वजह से पीठ दर्द, मोटापा और मानसिक तनाव तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में छोटे-छोटे एक्सरसाइज़ ब्रेक बेहद फायदेमंद हो सकते हैं.

WHO क्या कहता है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक:

  • वयस्कों को हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए.
  • बच्चों को रोजाना कम से कम 60 मिनट एक्टिव रहना चाहिए.

हालांकि WHO यह भी मानता है कि “हर तरह की गतिविधि फायदेमंद है” और थोड़ी एक्टिविटी भी शरीर को लाभ पहुंचाती है.

फिटनेस का नया ट्रेंड क्यों बन रही है एक्सरसाइज़ स्नैकिंग?

आज की तेज जिंदगी में लोग आसान और समय बचाने वाले फिटनेस विकल्प तलाश रहे हैं. यही वजह है कि एक्सरसाइज़ स्नैकिंग तेजी से लोकप्रिय हो रही है.

इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि:

  • इसमें जिम की जरूरत नहीं
  • महंगे उपकरण नहीं चाहिए
  • कम समय में शुरुआत संभव
  • हर उम्र का व्यक्ति कर सकता है

यानी फिट रहने के लिए अब घंटों पसीना बहाना जरूरी नहीं, बल्कि नियमित रूप से शरीर को एक्टिव रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है.

निष्कर्ष

एक्सरसाइज़ स्नैकिंग यह साबित करती है कि फिटनेस की शुरुआत छोटे कदमों से होती है. अगर आप दिनभर में सिर्फ पांच मिनट भी शरीर को एक्टिव रखते हैं, तो यह आपकी सेहत, मानसिक स्थिति और लंबी उम्र पर सकारात्मक असर डाल सकता है.

आज की व्यस्त जिंदगी में यह तरीका उन लोगों के लिए बेहद कारगर हो सकता है जो समय की कमी के कारण फिटनेस को नजरअंदाज कर देते हैं.

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