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Toggleरीवा: जनसुनवाई में कलेक्टर का कड़ा रुख, लापरवाहों पर कार्रवाई
रीवा: रीवा में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी का सख्त और स्पष्ट रुख सामने आया. प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए साफ कर दिया कि अब लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना
जनसुनवाई में जिलेभर से आए सैकड़ों लोगों ने अपनी समस्याएं कलेक्टर के सामने रखीं. कलेक्टर ने हर शिकायत को गंभीरता से सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि जनता को बार-बार एक ही समस्या के लिए चक्कर नहीं लगाना पड़े, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है.
“रिपीट शिकायत आई तो होगी कार्रवाई”
कलेक्टर सूर्यवंशी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी आवेदन दोबारा उनके पास नहीं आना चाहिए. यदि कोई शिकायत बार-बार दोहराई जाती है, तो यह संबंधित विभाग की लापरवाही मानी जाएगी और सीधे कार्रवाई की जाएगी.
यह निर्देश प्रशासनिक अमले के लिए स्पष्ट संदेश था कि अब काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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ऑनलाइन सिस्टम से तुरंत भेजे गए आवेदन
जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों को तुरंत ऑनलाइन माध्यम से संबंधित विभागों को भेजा गया. इस प्रक्रिया में जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदार प्रोजेक्टर के जरिए जुड़े रहे.
इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य शिकायतों के त्वरित निपटान को सुनिश्चित करना और पारदर्शिता बनाए रखना है.
लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज
बैठक के दौरान कलेक्टर ने लापरवाही बरतने वाले कई अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की. कुछ अधिकारियों के वेतन काटे गए, जिससे पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया.
इस कार्रवाई ने साफ संकेत दिया कि अब काम में कोताही करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा.
कलेक्टर का साफ संदेश
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने दो टूक शब्दों में कहा,
“काम नहीं करने वालों के लिए रीवा में कोई जगह नहीं है. अधिकारी कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे अपनी जिम्मेदारी निभानी ही होगी.”
उनका यह बयान प्रशासनिक अमले के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है.
प्रशासन में बढ़ी जवाबदेही
इस सख्ती के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में जवाबदेही की भावना बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है. जनसुनवाई जैसे मंच पर इस तरह की कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि अब काम में लापरवाही सीधे कार्रवाई को आमंत्रित करेगी.
क्या बदलेगी व्यवस्था?
रीवा में कलेक्टर की इस सख्ती को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इसका कितना असर दिखाई देता है और क्या वाकई आम जनता को इसका लाभ मिल पाता है.
यह जनसुनवाई एक स्पष्ट संदेश देती है—अब प्रशासन में सिर्फ आदेश नहीं, बल्कि परिणाम भी दिखेंगे.