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रीवा: कलेक्ट्रेट में महिला अधिकारी बेहोश,बैठक छोड़ अस्पताल पहुंचे कलेक्टर

रीवा: कलेक्ट्रेट में महिला अधिकारी बेहोश,बैठक छोड़ अस्पताल पहुंचे कलेक्टर

रीवा: कलेक्ट्रेट में महिला अधिकारी बेहोश, बैठक छोड़ अस्पताल पहुंचे कलेक्टर

रीवा: गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मोहन सभागार में चल रही एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक के दौरान एक महिला अधिकारी अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं. घटना के बाद बैठक में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया. आनन-फानन में महिला अधिकारी को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है.

बैठक छोड़ अस्पताल पहुंचे कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी

जानकारी के अनुसार, सिरमौर तहसील में एपीओ पद पर पदस्थ महिला अधिकारी सुनीता शुक्ला बैठक में शामिल होने के लिए रीवा कलेक्ट्रेट पहुंची थीं. बैठक के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे अपनी सीट से नीचे गिर पड़ीं. मौके पर मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों ने तुरंत उन्हें संभाला और पास के निजी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया.

घटना के बाद प्रशासनिक अमले में चिंता का माहौल बन गया. बताया जा रहा है कि महिला अधिकारी पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं. उन्हें शुगर और ब्लड प्रेशर की परेशानी थी, जिसके कारण बैठक के दौरान उन्हें चक्कर आ गया और वे बेहोश हो गईं.

रीवा: कलेक्ट्रेट में महिला अधिकारी बेहोश,बैठक छोड़ अस्पताल पहुंचे कलेक्टर
रीवा: कलेक्ट्रेट में महिला अधिकारी बेहोश,बैठक छोड़ अस्पताल पहुंचे कलेक्टर

कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने दिखाई संवेदनशीलता

जैसे ही घटना की जानकारी रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी को मिली, उन्होंने तुरंत बैठक छोड़ दी और सीधे अस्पताल पहुंचे. वहां उन्होंने डॉक्टरों से महिला अधिकारी की स्थिति की जानकारी ली और बेहतर इलाज के निर्देश दिए. कलेक्टर ने महिला अधिकारी का हौसला भी बढ़ाया और प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया.

कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि महिला अधिकारी की तबीयत अचानक खराब हुई थी. उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है. फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है.

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प्रशासनिक बैठक के दौरान मचा हड़कंप

मोहन सभागार में उस समय कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे. बैठक प्रशासनिक कार्यों को लेकर आयोजित की गई थी. अचानक महिला अधिकारी के बेहोश होने से पूरे सभागार में अफरा-तफरी मच गई. कुछ देर के लिए बैठक भी प्रभावित हुई.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महिला अधिकारी अचानक असहज महसूस करने लगीं और कुछ ही सेकंड में बेहोश होकर गिर पड़ीं. मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत प्राथमिक सहायता दी. इसके बाद वाहन की व्यवस्था कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया.

डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, महिला अधिकारी की हालत अब पहले से बेहतर है. डॉक्टरों ने बताया कि ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव की वजह से उन्हें चक्कर आया था. फिलहाल उनका इलाज जारी है और मेडिकल टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है.

डॉक्टरों का कहना है कि लगातार काम का दबाव, गर्म मौसम और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी इस तरह की घटनाओं का कारण बन सकती हैं. ऐसे में नियमित जांच और समय पर दवा लेना बेहद जरूरी होता है.

कर्मचारियों में चिंता का माहौल

इस घटना के बाद कलेक्ट्रेट कर्मचारियों और अधिकारियों में चिंता का माहौल देखा गया. कई कर्मचारियों ने महिला अधिकारी के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जाना.

गौरतलब है कि इन दिनों भीषण गर्मी और लगातार काम के दबाव के चलते कई सरकारी कर्मचारियों की तबीयत खराब होने की खबरें सामने आ रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पर्याप्त पानी पीना, समय पर भोजन करना और स्वास्थ्य जांच कराना बेहद आवश्यक है.

कलेक्टर का बयान

रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा—

“मीटिंग के दौरान हमारी एक महिला अधिकारी की तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है. फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है और प्रशासन की ओर से हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है.”

स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर मेडिकल सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. लगातार बैठकों और प्रशासनिक दबाव के बीच कर्मचारियों की सेहत पर भी ध्यान देने की जरूरत महसूस की जा रही है.

विशेषज्ञों का मानना है कि हाई बीपी और डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए. साथ ही लंबे समय तक लगातार काम करने से बचना चाहिए.

फिलहाल महिला अधिकारी की हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है. प्रशासन ने भी उनके इलाज और देखभाल के लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए हैं.

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