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शहडोल: ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे अधिकारी, कुत्ते को सौंपा ज्ञापन

शहडोल: ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे अधिकारी, कुत्ते को सौंपा ज्ञापन

शहडोल: ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे अधिकारी, कुत्ते को सौंपा ज्ञापन

शहडोल: शहडोल जिले के ब्यौहारी नगर परिषद क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया. नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं को लेकर आयोजित आंदोलन के दौरान जब कोई सक्षम अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा, तो नाराज कांग्रेसियों ने आवारा कुत्ते को प्रतीकात्मक रूप से ज्ञापन सौंप दिया.

इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रशासन जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है. वहीं प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई.

शहडोल: ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे अधिकारी, कुत्ते को सौंपा ज्ञापन
शहडोल: ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे अधिकारी, कुत्ते को सौंपा ज्ञापन

नगर परिषद के सामने धरने पर बैठे कांग्रेसी

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ब्यौहारी द्वारा नगर परिषद में व्याप्त समस्याओं और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आमसभा आयोजित की गई थी. सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपना चाहते थे.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों के आने का काफी देर तक इंतजार किया. हालांकि कोई सक्षम अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा. इससे नाराज कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता नगर परिषद कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए.

धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक मौजूद रहे.

13 मुद्दों को लेकर सौंपना था ज्ञापन

कांग्रेस नेताओं के अनुसार नगर परिषद ब्यौहारी में विकास कार्यों, जनसुविधाओं और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े कुल 13 मुद्दों को लेकर आंदोलन किया जा रहा था.

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि नगर परिषद क्षेत्र में कई समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं. इन समस्याओं को लेकर प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ.

इसी कारण कांग्रेस ने आमसभा और प्रदर्शन के माध्यम से जनता की आवाज उठाने का प्रयास किया.

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अधिकारी नहीं पहुंचे तो अपनाया अनोखा तरीका

प्रदर्शन के दौरान सबसे चर्चित घटना तब हुई जब कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा.

इससे नाराज कांग्रेसियों ने आवारा कुत्ते को प्रतीकात्मक रूप से ज्ञापन सौंप दिया. कांग्रेस नेताओं का कहना था कि जब प्रशासन जनता की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है, तो ज्ञापन किसी भी जीव को सौंप देना समान है.

यह दृश्य देखते ही देखते लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया. कई लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा.

शहडोल: ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे अधिकारी, कुत्ते को सौंपा ज्ञापन
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प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी

धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर जनता की आवाज को अनदेखा करने का आरोप लगाया.

कुछ समय तक नगर परिषद कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन चलता रहा. इस दौरान राजनीतिक माहौल भी गर्म रहा.

शहडोल: ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे अधिकारी, कुत्ते को सौंपा ज्ञापन
शहडोल: ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे अधिकारी, कुत्ते को सौंपा ज्ञापन

कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ब्यौहारी के अध्यक्ष सत्येंद्र त्रिपाठी ने कहा कि नगर परिषद में कई गंभीर समस्याएं हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है. इसके बावजूद प्रशासन जनता की शिकायतें सुनने के लिए भी तैयार नहीं दिखाई देता.

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा.

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज

कुत्ते को ज्ञापन सौंपने की घटना के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है.

स्थानीय स्तर पर लोग इसे प्रशासन के प्रति नाराजगी का प्रतीक बता रहे हैं. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि यह विरोध प्रदर्शन जनता का ध्यान आकर्षित करने का एक तरीका था.

सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

निष्कर्ष

शहडोल जिले के ब्यौहारी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया यह अनोखा विरोध चर्चा का विषय बन गया है. नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं को लेकर आयोजित आंदोलन के दौरान अधिकारी के ज्ञापन लेने नहीं पहुंचने पर कांग्रेसियों ने आवारा कुत्ते को प्रतीकात्मक रूप से ज्ञापन सौंप दिया.

अब देखना होगा कि प्रशासन कांग्रेस द्वारा उठाए गए 13 मुद्दों पर क्या कार्रवाई करता है और क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.

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