Skip to main content

Vindhya First

Mauganj: सावन में तैयार देवतालाब शिव मंदिर, सुरक्षा कड़ी

Mauganj: सावन में तैयार देवतालाब शिव मंदिर, सुरक्षा कड़ी

Mauganj: सावन में तैयार देवतालाब शिव मंदिर, सुरक्षा कड़ी

Mauganj: सावन का महीना शुरू होते ही मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले का देवतालाब शिव मंदिर एक बार फिर श्रद्धा और आस्था का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है. हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 60 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. वहीं दूसरी ओर, मंदिर परिसर के आसपास फैली गंदगी और सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने चिंता भी जताई है.

सावन में उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब

मऊगंज जिले का देवतालाब शिव मंदिर विंध्य क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है. सावन के महीने में यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं. सुबह से लेकर देर शाम तक मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंजता रहता है.

स्थानीय मान्यता के अनुसार इस प्राचीन शिव मंदिर का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने एक ही रात में एक ही पत्थर से किया था. इसी धार्मिक मान्यता के कारण यह मंदिर दूर-दराज के श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है.

60 से अधिक पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है. मऊगंज पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में 60 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की है.

पुलिस तीन शिफ्टों में लगातार ड्यूटी करेगी, ताकि पूरे दिन सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे. इसके अलावा दो पेट्रोलिंग टीमें भी लगातार क्षेत्र में गश्त करेंगी.

मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार, शिवकुंड की सीढ़ियों, दर्शन मार्ग, वापसी मार्ग और भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी की जाएगी.

ट्रैफिक और पार्किंग के लिए विशेष योजना

सावन के दौरान होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किए हैं.

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भोलरा क्षेत्र में डायवर्सन प्लान लागू किया गया है. मुख्य पार्किंग की व्यवस्था स्टेडियम ग्राउंड में की गई है. इसके अलावा थाना तिराहा, खटखरिहा तालाब और गनिगवा क्षेत्र में भी अतिरिक्त पार्किंग स्थल बनाए गए हैं.

नईगढ़ी मेन रोड पर यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम लगातार निगरानी करेगी. अधिकारियों का कहना है कि भीड़ बढ़ने की स्थिति में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त व्यवस्था भी लागू की जाएगी.

VIP दर्शन की भी रहेगी व्यवस्था

प्रशासन ने विशेष परिस्थितियों में आने वाले विशिष्ट अतिथियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी अलग व्यवस्था तैयार की है. इसका उद्देश्य सामान्य श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था को प्रभावित किए बिना भीड़ का बेहतर प्रबंधन करना है.

अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्गों और निर्देशों का पालन करें, ताकि सभी लोग सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से भगवान शिव के दर्शन कर सकें.

यह भी पढ़े- अनूपपुर: पुष्पराजगढ़ में NEET मुद्दे पर NSUI का प्रदर्शन

सुरक्षा मजबूत, लेकिन सफाई व्यवस्था पर सवाल

जहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है, वहीं मंदिर परिसर के आसपास सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के आसपास कई स्थानों पर गंदगी जमा है. श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन स्वच्छता की स्थिति अपेक्षित स्तर पर नहीं दिख रही है.

यदि समय रहते सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मंदिर परिसर और आसपास नियमित सफाई अभियान चलाने की मांग की है.

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की अपील

मऊगंज प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखें, निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें.

पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके.

देवतालाब का धार्मिक महत्व

देवतालाब शिव मंदिर केवल एक प्राचीन मंदिर नहीं, बल्कि विंध्य क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है. सावन के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं.

मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं और ऐतिहासिक महत्व इसे मध्य प्रदेश के प्रमुख शिव धामों में शामिल करते हैं. यही कारण है कि हर वर्ष सावन के महीने में यहां श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है.

प्रशासन की तैयारियों पर रहेगी नजर

सावन के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन व्यवस्थाओं के साथ-साथ मंदिर परिसर की स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी कितनी प्रभावी कार्रवाई की जाती है.

यदि सुरक्षा के साथ सफाई व्यवस्था भी बेहतर रहती है, तो श्रद्धालुओं को इस वर्ष अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक दर्शन का अनुभव मिल सकेगा.

रिपोर्ट:दीपक सिंह गहरवर 

यह भी पढ़े- Umaria: टाइगर्स डे पर बांधवगढ़ में दिखी बाघिन और शावक