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रीवा: डायल-112 चालक से धक्का-मुक्की, अवैध वसूली के आरोप का वीडियो वायरल

रीवा के चाकघाट में डायल-112 चालक से धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल, पिकअप चालकों ने लगाए अवैध वसूली के आरोप. मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार.

रीवा: डायल-112 चालक से धक्का-मुक्की, अवैध वसूली के आरोप का वीडियो वायरल

रीवा. जिले के चाकघाट क्षेत्र से डायल-112 के चालक के साथ धक्का-मुक्की और विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. घटना को लेकर पिकअप वाहन चालकों की ओर से अवैध वसूली के आरोप लगाए जा रहे हैं. वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

बताया जा रहा है कि मामला नेशनल हाईवे-30 पर बघेड़ी के आसपास का है. आरोप है कि यूपी की ओर से मध्य प्रदेश आ रहे एक पिकअप वाहन को पीछा कर रोका गया. वाहन में भैंस लदी होने के कारण कथित तौर पर पैसे की मांग किए जाने की बात सामने आई है. इसी को लेकर वाहन चालकों और डायल-112 के चालक व अन्य स्टाफ के बीच विवाद शुरू हुआ.

हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. पुलिस या प्रशासन की ओर से वायरल वीडियो और उसमें लगाए जा रहे आरोपों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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वाहन रोकने के बाद बढ़ा विवाद

जानकारी के मुताबिक, पिकअप वाहन क्रमांक एमपी-15-जेडएल-5140 यूपी से एमपी की ओर आ रहा था. इसी दौरान वाहन का पीछा कर उसे बघेड़ी के पास रोके जाने की बात सामने आई है.

वाहन चालकों का आरोप है कि पिकअप में भैंस लदी होने की वजह से उनसे पैसे की मांग की गई. वाहन चालकों ने कथित तौर पर इसका विरोध किया, जिसके बाद मौके पर बहस शुरू हो गई.

देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया. इसी दौरान वहां मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

वायरल वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है?

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में डायल-112 वाहन के चालक और कुछ लोगों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है. वीडियो में सड़क पर लोगों की भीड़ भी नजर आती है.

वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. वाहन चालकों की ओर से जहां अवैध वसूली का आरोप लगाया जा रहा है, वहीं पूरे घटनाक्रम की वास्तविक वजह और विवाद की शुरुआत किस बात से हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.

वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए बिना उसके आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा. इसलिए मामले में पुलिस जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

चक्का जाम की कोशिश का भी आरोप

बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने के बाद पिकअप वाहन चालकों की ओर से सड़क पर चक्का जाम करने का प्रयास किया गया. इससे कुछ समय के लिए मौके पर तनाव की स्थिति बनने की बात कही जा रही है.

स्थिति बिगड़ती देख डायल-112 का वाहन मौके से रवाना हो गया. घटना के बाद वायरल वीडियो ने मामले को और चर्चा में ला दिया.

स्थानीय लोगों का कहना है कि नेशनल हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह का विवाद न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है, बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के लिए भी परेशानी पैदा कर सकता है.

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

डायल-112 सेवा का उद्देश्य आपात स्थिति में लोगों तक तत्काल पुलिस सहायता पहुंचाना है. ऐसे में यदि किसी डायल-112 वाहन से जुड़े कर्मचारी पर ही अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए जाते हैं, तो मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है.

दूसरी ओर, यदि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही धक्का-मुक्की या अन्य घटनाक्रम में वाहन चालक पक्ष की भूमिका सामने आती है, तो उस पहलू की भी जांच की जानी चाहिए.

यही वजह है कि पूरे मामले में केवल वायरल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय घटना की परिस्थितियों, वाहन को रोके जाने के कारण, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच आवश्यक है.

एसपी से जांच और कार्रवाई की मांग

घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों ने मामले की जांच की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि डायल-112 से जुड़े किसी कर्मचारी द्वारा नियमों के विपरीत पैसे की मांग की गई है, तो इसकी जांच कर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

वहीं, यदि वाहन चालकों की ओर से पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता या धक्का-मुक्की की गई है, तो उस पहलू पर भी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.

लोगों ने रीवा पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और वास्तविकता सामने लाने की मांग की है.

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

फिलहाल इस मामले में पुलिस अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इसलिए अवैध वसूली के आरोपों की पुष्टि नहीं की जा सकती.

मामले में जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पिकअप वाहन को किस आधार पर रोका गया था, क्या पैसे की मांग की गई थी और विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ.

फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने चाकघाट क्षेत्र की इस घटना को चर्चा में ला दिया है. अब निगाहें पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई पर हैं.

रिपोर्ट : हेरो गुप्ता

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